
आज यानी 2 मई 2025 को उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी हिस्सों से लेकर मैदानी इलाकों तक तूफानी हवाओं के साथ झमाझम बारिश हो रही है। हालांकि कई हिस्सों में लोगों को जलभराव का सामना भी करना पड़ रहा है, लेकिन झुलसाने वाली गर्मी से राहत भी महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग की मानें तो दो से छह मई तक जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओ के साथ बारिश व बिजली कड़कने के दौर के जारी रहने के आसार हैं।
इसी दौरान, यानी दो से से छह मई तक उत्तर के मैदानी इलाकों, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भी 40 से 60 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं की रफ्तार में इजाफा होकर 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने, साथ में वज्रपात व बारिश के दौर के जारी रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि आज, दो मई, 2025 को हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं, इन सभी राज्यों में 115 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
दो से पांच मई के दौरान राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने का भी अंदेशा जताया गया है।
वहीं कल, यानी एक मई, 2025 को हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में ओलावृष्टि रिकॉर्ड की गई।
पूर्व और मध्य भारत में कैसा रहेगा मौसम?
पूर्व और मध्य भारत में मौसम को लेकर विभाग का पूर्वानुमान देखें तो तीन मई तक बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में, पांच मई तक मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने तथा हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
दो से चार मई के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में 70 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाओं के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। वहीं दो से तीन मई के दौरान ओडिशा के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार जताए गए हैं, यहां 115 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल।
पूर्वोत्तर भारत में मौसमी बदलाव
पूर्वोत्तर भारत में मौसमी बदलाव की बात करें तो अगले चार दिनों तक यहां 50 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग की मानें तो अगले एक हफ्ते के दौरान कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, रायलसीमा, केरल और माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने तथा 60 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले पांच दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना व्यक्त की गई है। वहीं, अगले 24 घंटों के दौरान मध्य और पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके अगले चार दिनों के दौरान दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में भी कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और अगले चार दिनों के दौरान दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार जताए गए हैं।
वहीं, देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, एक मई, 2025 को पश्चिम राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 46.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में ओडिशा के दरिंगबाड़ी में न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
आज, यानी दो मई, 2025 को तमिलनाडु पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने का अंदेशा जताया गया है।
कल कहां हुई बारिश व कहां पड़ी गरज के साथ बौछारें?
कल, एक मई को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कई इलाकों, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, झारखंड के कुछ हिस्सों, पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, राजस्थान, विदर्भ, तेलंगाना, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग इलाकों में बारिश हुई या गरज के साथ बौछारें पड़ी।
कल कहां कितने बरसे बादल?
कल, एक मई को असम और मेघालय के शिलांग में 2 सेमी, बारापानी और गुवाहाटी प्रत्येक जगह 1 सेमी, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अगरतला और कैलाशहर प्रत्येक जगह 1 सेमी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के माया बंदर में 4 सेमी, हुट बे, लॉन्ग आइलैंड्स और नानकॉरी प्रत्येक जगह 1 सेमी, झारखंड के डाल्टनगंज में 4 सेमी, रांची और जमशेदपुर प्रत्येक जगह 1 सेमी, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों के आसनसोल और बांकुरा प्रत्येक जगह 1 सेमी, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कॉनर और उधगमंडलम प्रत्येक जगह 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।