

दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू चलने की आशंका जताई गई।
विदर्भ, हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भीषण लू या हीटवेव को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की।
असम, मेघालय, केरल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने के आसार।
तटीय आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरे मौसम से लोगों की परेशानी बढ़ सकती है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के अगले दो से तीन दिनों में कई और क्षेत्रों में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई।
देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 24 मई, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वी भारत के कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहेगा।
राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और विदर्भ में गर्म हवाओं का असर और तेज होने का अंदेशा है। वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर राज्यों, केरल और कुछ दक्षिणी इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में फिर बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में 24 मई से 28 मई के बीच गर्मी एक बार फिर तेज हो सकती है। अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। अगले चार दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री तक की बढ़ोतरी हो सकती है। अगले पांच दिनों के लिए गर्मी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का पूर्वानुमान है।
विभाग का कहना है कि दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। लगातार बढ़ती गर्मी से बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा खतरा रहता है। लोगों को पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में हीटवेव का असर
मौसम विभाग ने बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम मध्य प्रदेश और पश्चिम उत्तर प्रदेश में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और विदर्भ में भीषण हीटवेव की स्थिति बन सकती है।
पिछले 24 घंटों के दौरान विदर्भ में कई इलाकों में लू दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी लू चली। मौसम विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में सबसे अधिक 47.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।
कहां रहेगा उमस भरा मौसम व कहां रहेंगी गर्म रातें?
तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और ओडिशा के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग ने कहा है कि इन राज्यों में तापमान के साथ नमी अधिक रहने से लोगों को ज्यादा परेशानी हो सकती है। उमस के कारण पसीना अधिक आएगा और शरीर में थकान महसूस हो सकती है। लोगों को पर्याप्त पानी पीने और धूप में लंबे समय तक बाहर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
वहीं तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गर्म रात की स्थिति बनी रहने के आसार हैं। रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को राहत कम मिलेगी। गर्म रातों के कारण नींद प्रभावित हो सकती है और बुजुर्गों, बच्चों तथा बीमार लोगों को अधिक परेशानी हो सकती है। लोगों को रात में भी पर्याप्त पानी पीने और घरों में ठंडी हवा की व्यवस्था रखने की सलाह दी है।
लगातार बढ़ती गर्मी से बिजली और पानी की मांग भी बढ़ सकती है। अस्पतालों में गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका है।
पहाड़ी और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में बदलाव
मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिमी हिमालयी इलाकों में 27 मई तक अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा। वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में 24 से 27 मई के बीच तापमान में दो से चार डिग्री तक वृद्धि हो सकती है। 28 और 29 मई को इसमें कुछ गिरावट आने की संभावना है।
पूर्वी भारत में 26 मई तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन 27 से 29 मई के बीच दो से तीन डिग्री की कमी आ सकती है। दक्षिण भारत के मैदानी इलाकों में भी फिलहाल तापमान स्थिर रहने का अनुमान है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
भीषण गर्मी के बीच देश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। असम, मेघालय और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान केरल, असम, मेघालय और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन की आशंका जताई है। लोगों को नदी और नालों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
तेज हवाएं और आंधी की आशंका
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, झारखंड और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। वहीं बिहार, जम्मू और कश्मीर, केरल, ओडिशा, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में बिजली चमकने और तेज हवाओं के आसार हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है। किसानों को भी खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
किसानों को गर्मी और बारिश दोनों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिक गर्मी वाले क्षेत्रों में फसलों को सुबह या शाम के समय सिंचाई करने की सलाह दी गई है। खेतों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग का उपयोग करने को कहा गया है।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश वाले इलाकों में किसानों को खेतों से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने और तैयार फसलों की जल्द कटाई करने को कहा गया है।
मानसून आगे बढ़ने के अनुकूल हालात
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे आने वाले दिनों में दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
फिलहाल देश को भीषण गर्मी और अस्थिर मौसम दोनों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की जरूरत है।