

दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है, अगले चार दिनों में गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष हिस्सों तक पहुंचेगा।
गुजरात, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई जिलों में बाढ़ का खतरा।
दिल्ली सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र उग्र रहने के आसार, मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी।
भारी बारिश, आंधी और उमस के बीच लोगों तथा किसानों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील।
दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के अधिकतर इलाकों को कवर कर लिया है और अब यह तेजी से उत्तर भारत के बचे हुए हिस्सों की ओर बढ़ रहा है। कल, चार जुलाई तक मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से होते हुए जामनगर, उदयपुर, अजमेर, झुंझुनू, हिसार और बठिंडा तक पहुंच चुकी है।
मौसम विभाग की ओर से पांच जुलाई, 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, अगले चार दिनों के दौरान मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इससे इन क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है।
कई राज्यों में भारी से भीषण बारिश के आसार
मौसम विभाग ने आज, गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका जताई है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज से रेड अलर्ट तक जारी किया है। इन राज्यों में बादलों के 204.5 मिमी से अधिक बरसने के आसार हैं।
इसके अलावा आज, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, उत्तराखंड, विदर्भ, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा है। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है।
वहीं आज, असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, मराठवाड़ा, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव तथा पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की आशंका बनी रह सकती है।
आंधी-तूफान और तेज हवाओं का भी रहेगा असर
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश तथा अंडमान-निकोबार द्वीप समूह सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। इन राज्यों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। बिहार और विदर्भ के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि आंधी और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचें तथा सुरक्षित स्थानों पर रहें।
समुद्र में खराब रहेगा मौसम
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति अगले कुछ दिनों तक खराब बनी रहेगी। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल तथा अंडमान सागर के आसपास तेज हवाएं चलने की आशंका है। कई समुद्री इलाकों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं में इजाफा होकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे में तब्दील होने की आशंका है। ऐसे में समुद्र में ऊंची लहरें उठने और समुद्र के उग्र रहने की संभावना है।
मौसम विभाग ने मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के प्रभावित क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें जल्द सुरक्षित तट पर लौटने की सलाह दी गई है।
गर्म और उमस भरे मौसम से बढ़ेगी परेशानी
भारी बारिश के बीच देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस भी लोगों को परेशान करेगी। मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ जगहों पर गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं। ऐसे मौसम में लोगों को पर्याप्त पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
अरुणाचल प्रदेश में हॉट डे का अंदेशा
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म दिन या हॉट डे रहने की आशंका जताई है। इस दौरान दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने के साथ तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने तथा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
लोगों और किसानों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश वाले इलाकों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए। जलभराव वाले रास्तों और तेज बहाव वाले नालों को पार करने का प्रयास नहीं करना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहना चाहिए। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसलों में जलभराव न हो। जिन फसलों की कटाई तैयार है, उनकी कटाई मौसम साफ रहने पर जल्द पूरी कर लेनी चाहिए। बारिश के दौरान उर्वरकों और कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए। पशुओं, चारे, बीज तथा कृषि उपकरणों को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखना चाहिए। तेज हवाओं को देखते हुए बागवानी फसलों और ऊंची फसलों को सहारा देना भी जरूरी है।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करने की अपील की है। सतर्कता बरतकर जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।