

दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान, जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून पहुंचने की संभावना।
पूर्वोत्तर राज्यों और पश्चिमी तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, कई जगहों पर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी।
पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार समेत कई राज्यों में आंधी, बिजली और 50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने के आसार।
बिहार, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश में हीटवेव की चेतावनी, सौराष्ट्र और कच्छ में उमस भरे मौसम का अलर्ट।
किसानों को मौसम देखकर खेती करने, लोगों को लू, आंधी और भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह।
देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह अलग बना हुआ है। एक ओर दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों में लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं, वहीं पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी तटीय राज्यों में लगातार भारी बारिश हो रही है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार, 29 जून 2026 के लिए कई राज्यों में हीटवेव, आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में गर्मी और उमस से लोग बेहाल
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में आज भी तेज धूप और उमस भरी गर्मी रहने के आसार हैं। 28 जून (रविवार) की सुबह पिछले दो वर्षों की सबसे गर्म सुबह दर्ज की गई। घर से बाहर निकलते ही लोगों को पसीना आने लगा है। गर्म हवाओं और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। कुछ जगहों पर लू चलने की भी आशंका है। हालांकि दिन के दौरान कहीं-कहीं गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंच सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के लोग अब दक्षिण-पश्चिम मानसून का इंतजार कर रहे हैं। सामान्य तौर पर दिल्ली में मानसून 27 जून तक पहुंच जाता है, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी है। विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि दो से आठ जुलाई के बीच मानसून दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के अधिकतर हिस्सों में पहुंच सकता है। अगले पांच से छह दिनों में मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की स्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
आज, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान तथा जम्मू और कश्मीर, लद्दाख सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भी गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
इसके अलावा बिहार, झारखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक के कई हिस्सों में भी आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुली जगहों में जाने से बचने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर और तटीय राज्यों में भारी बारिश
पूर्वोत्तर भारत में मानसून पूरी तरह सक्रिय है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।
वहीं आज, 29 जून, 2026 पश्चिम बंगाल के पर्वतीय इलाकों और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश होने की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा केरल और माहे, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक, ओडिशा, मध्य प्रदेश, विदर्भ और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन सभी राज्यों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
समुद्र में न जाएं मछुआरे
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने और समुद्र में ऊंची लहरें उठने के आसार हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तट पर लौटने को कहा गया है।
तापमान में उतार चढ़ाव
मौसम विभाग की मानें तो उत्तर-पश्चिम भारत में 29 जून तक तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद 30 जून से दो जुलाई के बीच अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है। महाराष्ट्र और गुजरात में भी जुलाई के पहले सप्ताह से तापमान में कमी आने की संभावना है। इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कल, 28 जून 2026 को देश के मैदानी इलाको में राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 44.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं, मध्य प्रदेश के खंडवा में मैदानी इलाकों का सबसे कम 20.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। इससे स्पष्ट है कि देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की स्थिति काफी अलग-अलग बनी हुई है। उत्तर-पश्चिम भारत के कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर जारी है, जबकि कुछ जगहों पर रात का तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया गया।
हीटवेव और गर्म व उमस भरे मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज, 29 जून को बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू (हीटवेव) चलने की चेतावनी जारी की है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और अत्यधिक गर्मी लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती है।
इसके अलावा गुजरात के सौराष्ट्र और कच्छ के इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने के आसार हैं। अधिक नमी और ऊंचे तापमान के कारण लोगों को असहज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने कहा है कि गर्मी वाले इलाकों में लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और हल्के सूती कपड़े पहनें। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखें। गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले मैदानों से दूर रहें। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ वाले इलाकों में जाने से बचें तथा प्रशासन की सलाह का पालन करें।
किसानों के लिए अहम सुझाव
किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही खेती के कार्य करने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में आंधी और बारिश के आसार हैं, वहां पकी हुई फसलों की जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें। खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करें ताकि जलभराव से फसलों को नुकसान न हो। तेज गर्मी वाले क्षेत्रों में सुबह या शाम के समय सिंचाई करें और पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था रखें। बारिश के बाद फसलों में रोग और कीटों की निगरानी करते रहें तथा कृषि विभाग की सलाह के अनुसार आवश्यक उपाय करें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। कहीं भीषण गर्मी तो कहीं भारी बारिश और आंधी का असर देखने को मिलेगा। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए और समय रहते आवश्यक सावधानियां अपनानी चाहिए। थोड़ी सी सतर्कता जान-माल की सुरक्षा के साथ फसलों और पशुधन को भी नुकसान से बचा सकती है।