उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में ऑरेंज, 18 से ज्यादा राज्यों में बारिश का येलो अलर्ट

झारखंड के डिप्रेशन व सक्रिय मानसून के कारण कई राज्यों में तेज बारिश के आसार; उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड के देहरादून व बागेश्वर के कुछ हिस्सों, पौड़ी, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड के देहरादून व बागेश्वर के कुछ हिस्सों, पौड़ी, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • झारखंड के ऊपर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा, अगले 12 घंटे में कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने के आसार।

  • उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।

  • दिल्ली-एनसीआर में उमस के बीच बारिश का अनुमान, राजधानी में येलो अलर्ट और अधिकतम तापमान 34 डिग्री रहने का पूर्वानुमान।

  • 18 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी।

  • किसानों को जलभराव से बचाव, फसल सुरक्षित रखने और भारी बारिश के दौरान कीटनाशक छिड़काव न करने की सलाह।

देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग की ओर से बुधवार, 19 अगस्त 2026 की सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, झारखंड के ऊपर बना डिप्रेशन पिछले छह घंटे में करीब 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है।

बुधवार, 19 अगस्त की सुबह साढ़े पांच बजे यह डिप्रेशन उत्तर झारखंड और उससे लगे दक्षिण-पश्चिम बिहार के ऊपर केंद्रित था। इसके अगले 12 घंटे में झारखंड, उत्तर छत्तीसगढ़ और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद यह कमजोर होकर अच्छी तरह कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हो सकता है

दिल्ली -एनसीआर में उमस भरी गर्मी के बीच बारिश का अलर्ट

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को मौसम बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। राजधानी में न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री और अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

सुबह से दोपहर के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। उमस भरी गर्मी के बीच मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा

उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। सोमवार रात हुई भारी बारिश के बाद मंगलवार को भी कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रहा। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ गया है।

वहीं आज बुधवार, 19 अगस्त, 2026 को भी राज्य के अधिकतर इलाकों में बारिश का अनुमान है। देहरादून और बागेश्वर के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं, पौड़ी, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी जिलों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश का अनुमान

डिप्रेशन और सक्रिय मानसून को देखते हुए मौसम विभाग ने आज, उत्तर छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं आज, 19 अगस्त, 2026 को बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम बंगाल सहित कुछ राज्यों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

लोगों को बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और ऊंची संरचनाओं के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक

देश के कई इलाकों में बारिश के बीच तापमान में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। इससे इन राज्यों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है।

वहीं, असम और मेघालय के अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, बिहार, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र एवं कच्छ तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। इन इलाकों में रात और सुबह के समय भी अपेक्षाकृत अधिक गर्मी महसूस की जा रही है।

तिरुचिरापल्ली सबसे गर्म

कल, 18 अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में 40.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस मध्य प्रदेश के खरगोन में रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों से साफ है कि मानसून की सक्रियता के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। बारिश और बादलों के कारण कई इलाकों में तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है, जबकि कुछ इलाकों में उमस के कारण लोगों को गर्मी अधिक महसूस हो सकती है।

कई राज्यों में हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटे में भी देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 120 मिमी बारिश हुई, जबकि अंबिकापुर में 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। जम्मू में 70, चंडीगढ़ में 70, रांची में 60, सतना में 50 और चेरापूंजी में 50 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

किसानों को विशेष सावधानी की जरूरत

बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत के साथ चुनौती भी लेकर आया है। जहां बारिश से धान और दूसरी खरीफ फसलों को पानी मिल सकता है, वहीं लगातार या तेज बारिश से खेतों में जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था रखने की जरूरत है।

भारी बारिश के दौरान फसलों पर कीटनाशक या दवा का छिड़काव नहीं करना चाहिए। कटी हुई फसल को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखना जरूरी है। तेज हवा और बारिश की आशंका को देखते हुए कृषि उपकरण, पशुओं और अस्थायी ढांचों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। किसान स्थानीय कृषि विभाग की सलाह के अनुसार ही सिंचाई और अन्य कृषि कार्य करें।

मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ भी देश के कई हिस्सों से होकर गुजर रही है। इसके कारण आने वाले समय में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। लोगों और किसानों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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