महाराष्ट्र समेत कुछ हिस्सों में धीमा पड़ा मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश, पहाड़ी इलाकों में बढ़ा भूस्खलन का खतरा

कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, दिल्ली-एनसीआर में बादल व उमस बरकरार, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
आज, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा है, विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
आज, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा है, विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी।

  • दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने के आसार, कुछ इलाकों में बारिश संभव; उमस के बीच तेज हवाएं चलने का अनुमान।

  • उत्तराखंड में लगातार बारिश से भूस्खलन का खतरा बढ़ा, कई सड़कों पर यातायात प्रभावित; लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का येलो अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तेज हवाओं का खतरा।

  • किसानों को जल निकासी सुनिश्चित करने और आम लोगों को आंधी-बारिश में सावधानी बरतने का सुझाव।

देश के तमाम इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है, जबकि महाराष्ट्र समेत कुछ हिस्सों में यह धीमा पड़ता नजर आ रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग की ओर से आज, 20 अगस्त, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा उत्तर-पश्चिमी छत्तीसगढ़ के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी मौसम को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण मध्य भारत और आसपास के राज्यों में गरज-चमक व बारिश की गतिविधियां बढ़ती नजर आ रही हैं।

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने आज, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने बारिश के साथ कई जगहों पर गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई है।

वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज, बिहार, झारखंड, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ इलाकों में हवा की गति 30 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों को मौसम खराब होने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बादल छाए रहने के आसार

दिल्ली-एनसीआर में आज, 20 अगस्त, 2026 को दूसरे राज्यों की तुलना में बारिश का असर सीमित रह सकता है। हालांकि आसमान में बादल छाए रहने और कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश की कमी के चलते उमस का सितम जारी है।

दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उत्तराखंड में आफत की बारिश ने बढ़ाई परेशानी

उत्तराखंड में कई जिलों में लगातार बारिश से स्थिति मुश्किल बनी हुई है। बागेश्वर जिले के कई इलाकों में भूस्खलन के कारण सड़कें बंद होने की खबर है। इससे कई गांवों का संपर्क कट गया है। मौसम विभाग ने 20 अगस्त को उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी है। विभाग ने यहां बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड के अधिकतर इलाकों में 64.5 से 115.5 मिमी तक मेघ बरस सकते हैं।

आज, नैनीताल, हरिद्वार, ऋषिकेश, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू और कश्मीर में भी मौसम खराब

हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में भी बारिश के चलते भूस्खलन से सड़कें अवरुद्ध होने की बात सामने आई है। वहीं आज, 20 अगस्त को हिमाचल प्रदेश में बारिश और गरज-चमक के आसार हैं। मंडी, शिमला, सोलन, ऊना, बिलासपुर, चंबा, किन्नौर, हमीरपुर और कांगड़ा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन जिलों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। साथ ही कुछ जगहों पर हवा की गति 50 से 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

विभाग ने आज, जम्मू और कश्मीर के बारामूला, अनंतनाग, रियासी, गांदरबल, कुपवाड़ा, किश्तवाड़, शोपियां, पुंछ, रामबन और बांदीपोरा में भी भारी बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

जानें कहां रहा सामान्य से अधिक तापमान?

मौसम विभाग के अनुसार, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम-त्रिपुरा, उत्तराखंड, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल में कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा। असम और मेघालय, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से अधिक रहा।

वहीं कल, 19 अगस्त, 2026 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग, में दर्ज हुआ।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को बारिश के दौरान खेतों में पानी जमा न होने देने और निचले खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। तैयार फसल की कटाई कर उसे सुरक्षित और सूखी जगह पर रखने। तेज बारिश, हवा और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम न करने। सिंचाई, खाद और दवा का छिड़काव मौसम देखकर ही करने को कहा है।

पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने। आम लोग आंधी-बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों से दूर रहें। खुले मैदान में न जाएं और जलभराव वाली सड़कों या नालों को पार न करें। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन से सावधान रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

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