मानसून के साथ कम दबाव की जुगलबंदी, कई राज्यों में भारी बारिश; जलभराव व बाढ़ का खतरा

मानसून ने पकड़ी रफ्तार, कम दबाव के असर से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जलभराव, आंधी-तूफान और खराब समुद्री मौसम को लेकर मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी
गुजरात, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी।
गुजरात, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी।
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सारांश
  • मानसून उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा के कई हिस्सों में पहुंचा, अगले चार दिनों में और आगे बढ़ेगा।

  • गुजरात, ओडिशा, मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी।

  • कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका।

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र उग्र रहने के आसार, मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह।

  • लगातार बारिश से जलभराव और स्थानीय बाढ़ का खतरा, लोगों और किसानों को सतर्क रहने तथा मौसम अपडेट पर नजर रखने की अपील।

दक्षिण-पश्चिम मानसून देश के कई हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, तीन जुलाई को मानसून ने उत्तर अरब सागर, गुजरात, मध्य प्रदेश के शेष हिस्सों तथा राजस्थान और हरियाणा के कुछ और इलाकों में दस्तक दे दी है।

विभाग की ओर से आज, चार जुलाई, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले चार दिनों के दौरान उत्तर अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के अन्य हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

कम दबाव का क्षेत्र हुआ सक्रिय

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब और अधिक मजबूत होकर अच्छी तरह विकसित हो गया है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर रहा है, जिससे राजस्थान, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदल सकता है।

कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने गुजरात, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा और पश्चिम मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में भयंकर बारिश होने की आशंका जताई है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है।

इसके अलावा आज, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, तेलंगाना और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते है।

विभाग ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, केरल, तमिलनाडु, मराठवाड़ा, आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी कई जगहों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका बनी हुई है।

आंधी, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की है। गुजरात, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय सहित कई राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

वहीं बिहार, मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलने का अनुमान है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने और बिजली गिरने के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

समुद्र में मौसम रहेगा खराब

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति अगले कुछ दिनों तक खराब रहने के आसार हैं। अरब सागर के कई हिस्सों में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। गुजरात, कोंकण और गोवा, कर्नाटक, केरल तथा लक्षद्वीप तट के आसपास भी तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठने का अंदेशा है।

बंगाल की खाड़ी में भी कई क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने और समुद्र में उथल-पुथल बने रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और पहले से समुद्र में मौजूद मछुआरों को जल्द सुरक्षित तट पर लौटने की सलाह दी है।

तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आठ जुलाई तक देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। वहीं बीते कल, तीन जुलाई , 2026 को राजस्थान के बीकानेर में सबसे अधिक 43 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जबकि मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कई जगहों पर हुई अच्छी बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। ओडिशा के गोपालपुर में 100 मिमी बारिश हुई। मुंबई और रत्नागिरी में हर जगह 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। केरल के कोझिकोड में 90 मिमी और कन्नूर में 70 मिमी बारिश हुई। पश्चिम मध्य प्रदेश के इंदौर में 60 मिमी तथा तटीय कर्नाटक के मंगलुरु में 50 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

लोगों, किसानों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और फिसलन वाली सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, पकी हुई फसलों की समय पर कटाई करने तथा कटे हुए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।

पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखने और खेतों में अनावश्यक रूप से काम करने से बचने को कहा गया है। मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने और समुद्र की स्थिति सामान्य होने तक सभी गतिविधियां स्थगित रखने की सलाह दी गई है।

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