उत्तर-पश्चिम भारत में पारे की छलांग; कई राज्यों में बारिश, आंधी और गर्म हवाओं का अलर्ट

कई राज्यों में बारिश, आंधी, तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट, पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण हीटवेव यानी लू की चेतावनी; जानें कहां पहुंचा मानसून?
28 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
28 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ और मानसून के असर से उत्तर, पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई अन्य राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी।

  • अगले तीन-चार दिनों में गुजरात, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मानसून बढ़ेगा आगे।

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण हीटवेव और झारखंड में लू की आशंका, कई इलाकों में तापमान बढ़ने का पूर्वानुमान जारी।

  • समुद्र में तेज हवाओं की चेतावनी के बीच मछुआरों को समुद्र से दूर रहने और लोगों-किसानों को सतर्क रहने की सलाह।

कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है। एक ओर हरियाणा और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है। इन दोनों मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।

उत्तर भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं के आसार

मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह 26 जून 2026 को जारी ताजा अपडेट में बताया कि हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश-बौछारें तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे मौसम में पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदानों में रहने से बचना चाहिए।

पूर्वी और मध्य भारत में भी आंधी-बारिश का असर

बिहार, झारखंड, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई इलाकों में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। छत्तीसगढ़, तेलंगाना, केरल, लक्षद्वीप और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इससे तापमान में कुछ कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

भारी बारिश का अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने आज, 26 जून, 2026 को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है।

कहां पहुंचा मानसून?

25 जून तक दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा अरब सागर से होते हुए सूरत, इंदौर, मंडला, डाल्टनगंज और मोतिहारी तक पहुंच चुकी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते मानसून के उत्तर अरब सागर के कुछ और हिस्सों, गुजरात, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ के शेष हिस्सों, झारखंड, बिहार तथा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने की संभावना है। मानसून के आगे बढ़ने से इन राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे गर्मी से राहत मिलने के साथ खरीफ की फसलों की बुवाई में भी तेजी आने की उम्मीद है।

स्रोत : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि 28 जून तक उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। वहीं, मध्य भारत में 28 जून तक अधिकतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जबकि इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है। देश के बाकी हिस्सों में एक जुलाई तक अधिकतम तापमान में खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

कल 25 जून, 2026 को दर्ज मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (घूरपुर) में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी हिस्सों में असम के हाफलोंग में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

कुछ इलाकों में गर्मी का प्रकोप जारी

बारिश आंधी-तूफान के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में गर्मी अभी भी बनी हुई है। झारखंड में हीटवेव चलने की आशंका है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में भीषण हीटवेव यानी लू का अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।

मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की चेतावनी

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं और खराब मौसम रहने के आसार हैं। समुद्र में हवा की गति 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में जाने से बचने की सलाह दी गई है।

लोगों को सावधानी बरतने का सुझाव

विभाग ने कहा है कि गरज-चमक के समय खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें। तेज हवा और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली गिरने की आशंका होने पर सुरक्षित भवन के अंदर रहें। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव वाले रास्तों से बचें और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखें। गर्मी वाले हिस्सों में अधिक पानी पिएं और धूप में लंबे समय तक न रहें।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

जिन इलाकों में बारिश की संभावना है, वहां किसान खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था रखें। पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी करें और कटे हुए अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें। बारिश की संभावना होने पर उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल टाल दें। तेज हवाओं को देखते हुए केले, मक्का और गन्ने जैसी फसलों को सहारा दें। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।

देश के अलग-अलग इलाकों में मौसम की स्थिति अलग-अलग बनी हुई है। कहीं बारिश और तेज हवाओं का खतरा है तो कहीं गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। ऐसे समय में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और आवश्यक सावधानी बरतना सबसे जरूरी है। समय पर सतर्कता अपनाकर लोग अपने परिवार, खेती और पशुधन को मौसम से होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचा सकते हैं।

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