मजबूत हुआ कम दबाव, 15 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; दक्षिण में लू, उत्तर में उमस भरी गर्मी

ओडिशा में रेड अलर्ट, कई राज्यों में भारी बारिश; आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में लू, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में उमस भरी गर्मी बरकरार
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत, ओडिशा में रेड अलर्ट; कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत, ओडिशा में रेड अलर्ट; कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
Published on
सारांश
  • बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत, ओडिशा में रेड अलर्ट; कई जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।

  • दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून कमजोर, अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार नहीं।

  • उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, असम और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी।

  • हरियाणा का भिवानी 42.5 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, कई राज्यों में तापमान सामान्य से 5 डिग्री अधिक दर्ज।

  • आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में लू की चेतावनी, जबकि दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में गर्म व उमस भरा मौसम रहेगा।

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने लगा है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के पास बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 12 घंटों में इसके और मजबूत होकर अच्छी तरह विकसित कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील होने के आसार हैं।

इसके असर से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में फिलहाल मानसून की रफ्तार धीमी बनी रहेगी और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलने की उम्मीद कम है।

मानसून की रफ्तार हुई धीमी

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआती सक्रियता के बाद अब उत्तर-पश्चिम भारत समेत कई राज्यों में इसकी रफ्तार कमजोर पड़ गई है। इसकी मुख्य वजह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं का पूर्वी भारत तक सीमित रहना है। पर्याप्त नमी उत्तर-पश्चिम भारत तक नहीं पहुंच पा रही है।

इसी कारण दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों समेत कई राज्यों में बारिश का दौर कमजोर पड़ गया है। अगले कुछ दिनों तक इन राज्यों में तेज बारिश की संभावना कम है।

ओडिशा में सबसे ज्यादा असर

कम दबाव के क्षेत्र का सबसे अधिक प्रभाव ओडिशा में देखने को मिलेगा। राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, जबकि कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। विभाग ने ओडिशा में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है।

ओडिशा में लगातार तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने तथा स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।

इन राज्यों में भी होगी तेज बारिश

मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं आज, 16 जुलाई, 2026 को बिहार, झारखंड, असम और मेघालय, तटीय आंध्र प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं। साथ ही इन राज्यों के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।

उत्तराखंड में गर्मी और उमस के बाद अब बढ़ेगी बारिश

उत्तराखंड में पिछले कुछ दिनों से गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग का कहना है कि अब राज्य में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी। देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है, यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़कें बंद होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-एनसीआर में उमस से राहत नहीं

राष्ट्रीय राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम फिलहाल शुष्क बना रहेगा। आसमान में हल्के बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। अधिकतम तापमान के 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जो सामान्य से अधिक है। न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दिनभर पश्चिमी हवाएं चलेंगी, लेकिन इनसे गर्मी और उमस में खास राहत मिलने की संभावना नहीं है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर के समय धूप में कम निकलने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।

कई राज्यों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, झारखंड, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं, बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी है।

मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र उफान पर रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, हवाओं की रफ्तार 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों के पास भी समुद्र में मौसम खराब रहेगा। ऐसे में मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

इन राज्यों में सामान्य से काफी अधिक तापमान, भिवानी रहा सबसे गर्म

देश के कई इलाकों में बारिश के बावजूद गर्मी का असर बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और तेलंगाना के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के कुछ इलाकों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा

रात के तापमान में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। इसके अलावा असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में भी रातें सामान्य से अधिक गर्म रहीं, यानी यहां भी न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।

वहीं कल, 15 जुलाई, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा का भिवानी सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के जेऊर में न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे कम रहा।

कई राज्यों में लू और उमस का असर, लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में आज, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के कुछ हिस्सों में लू यानी हीटवेव चलने की आशंका जताई है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और अत्यधिक गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने तथा दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई है।

वहीं तटीय कर्नाटक, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा। अधिक तापमान और हवा में नमी बढ़ने से लोगों को बेचैनी और असहजता महसूस हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और धूप में लंबे समय तक रहने से बचने की सलाह दी है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिन इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं वहां खेतों से पानी निकालने की उचित व्यवस्था रखें। पकी हुई फसलों की कटाई मौसम साफ रहने पर जल्द पूरी करें और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। जिन इलाकों में बारिश नहीं हो रही है, वहां किसान सुबह या शाम के समय सिंचाई करें ताकि पानी की बचत हो सके। तेज हवा और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खेतों में कृषि कार्य करते समय विशेष सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम की ताजा जानकारी पर लगातार नजर रखें।

Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in