

उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, कुछ इलाकों में तेज हवाओं और गरज-चमक का दौर रहेगा जारी।
देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली समेत छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बढ़ा।
किसानों को खेतों में जलभराव रोकने और तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की मौसम विभाग ने दी सलाह।
बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचें, स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें।
मौसम विभाग के द्वारा, आज, नौ अगस्त, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, ओडिशा और उससे सटे झारखंड के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी इलाके में बना हुआ है। इसके प्रभाव से देश के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। दक्षिण-पश्चिम मानसून ट्रफ भी अपनी सामान्य स्थिति में बनी हुई है, जिससे मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में बारिश के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।
समुद्र तल पर मानसून ट्रफ बीकानेर, कोटा, गुना और सतना से होकर उत्तर ओडिशा तथा उससे सटे झारखंड के ऊपर बने कम दबाव क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। इसके बाद यह दीघा से होकर दक्षिण-पूर्व दिशा में मध्य-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। वहीं पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिमी हिमालय और आसपास के इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है, जिसे लेकर ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है। दोनों राज्यों में बारिश को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बहुत भारी बारिश की स्थिति में यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
मौसम केंद्र देहरादून के अनुसार, आज देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली, चंपावत, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। कुछ जगहों पर भूस्खलन और अचानक पानी आने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में लोगों को नदी-नालों, निचले इलाकों और संवेदनशील पहाड़ी रास्तों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। जरूरी न हो तो भारी बारिश के दौरान यात्रा टालना बेहतर होगा।
कई राज्यों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग की और से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज, नौ अगस्त, 2026 को असम और मेघालय, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल और माहे, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, पंजाब, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ हिस्सों में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। विभाग ने यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी
वहीं आज, कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। कुछ हिस्सों में हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। अंडमान-निकोबार, आंध्र प्रदेश, केरल, लक्षद्वीप, कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में गरज के साथ तेज हवाओं का अंदेशा जताया गया है। आज, बिहार, झारखंड, ओडिशा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और विदर्भ समेत कई इलाकों में भी गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
कहां रहा तापमान सामान्य से अधिक?
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा। वहीं असम और मेघालय, ओडिशा, पूर्वी उत्तर प्रदेश, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा तथा तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ऊपर दर्ज किया गया।
न्यूनतम तापमान में भी कई राज्यों में बढ़ोतरी देखी गई। असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक, यानी सामान्य से ऊपर रहा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में भी रात का तापमान सामान्य से अधिक रहा।
कल, आठ अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस जैसलमेर, राजस्थान में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.4 डिग्री सेल्सियस येवतमाल, महाराष्ट्र में दर्ज हुआ।
किसानों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए किसानों और आम लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए और जल निकासी की नालियों को साफ रखना चाहिए। पक चुकी फसल और कृषि उपज को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित, ढके और ऊंचे स्थान पर रखें। भारी बारिश के दौरान कटाई, मड़ाई और खुले में फसल सुखाने का काम टालना बेहतर होगा। सब्जियों, केले, पपीते और कमजोर तने वाली फसलों को सहारा देकर तेज हवाओं से बचाया जा सकता है।
बारिश की संभावना के बीच कीटनाशक, खरपतवारनाशक और उर्वरक का छिड़काव नहीं करना चाहिए। पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में काम न करें और तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
आम लोगों को जलभराव वाले रास्तों, नदी-नालों और भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहना चाहिए। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करना ही सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर उपाय है।