

उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में पिछले तीन दिन से हो रही भारी वर्षा ने कहीं किसानों को खुश कर दिया है तो कहीं पर भारी नुकसान ने उन्हें गम में डुबो दिया है। जून से अगस्त तक सूखे की मार झेलने वाले पूर्वी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में मानसून सक्रिय होने के बाद लगातार तीन दिन तक हुई भारी वर्षा ने बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा कर दी हैं। वहीं, ज्यादातर शहर जलभराव से परेशान हैं।
यूपी के श्रावस्ती जिले में पटना खरगौरा गांव के भगतराम बताते हैं कि वह अपने धान के खेतों में पंप से सिंचाई की तैयारी कर रहे थे। इस वर्षा ने न उनकी लागत को कम कर दिया बल्कि धान के खेतों में पानी की जरूरत को भी पूरा कर दिया।
उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में 1 जून से 12 सितंबर तक की अवधि में सामान्य से 26 फीसदी कम वर्षा हुई है। जिला अब भी वर्षा की कमी वाली श्रेणी में बना हुआ है। श्रावस्ती के कृषि अधिकारी अनिल प्रसाद मिश्रा ने बताया कि धान अभी फ्लॉवरिंग स्टेज में है, ऐसे में यह वर्षा फायदेमंद रही। उन्होंने बताया कि इस बार श्रावस्ती में करीब 78 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की बुआई की गई है, जो बीते वर्ष से ज्यादा है।
हालांकि, उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और बागपत जिले में सब्जियों के किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। बागपत जिले के अंगदपुर जोगड़ी गांव में गौरव तोमर बताते हैं कि इस वर्षा ने गाजर और मिर्च की फसल को खराब कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुरादाबाद में सब्जियों के खेतों में पानी भर गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार की एक बैठक में राहत आयुक्त को एक हफ्ते में जिलों में वर्षा की वजह से फसल नुकसान का आकलन करने को कहा गया है।
वहीं, उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में करनीपुर गांव के जय प्रकाश पांडे ने कहा कि उनके यहां वर्षा सामान्य हुई है जिससे मक्का, गन्ना और धान की फसलों को नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी इस बार 25 जून को लगाई गई थी, इसके बाद 20 जुलाई को देरी से बुआई की गई थी। अभी धान की बालियों में कम से कम 15 दिन बाली आने में लगंगे। यदि इस बीच भारी वर्षा हुई तो नुकसान हो सकता है।
जय प्रकाश बताते हैं कि गोंडा जिले में बाढ़ क्षेत्र में गन्ने की फसल को काफी नुकसान हुआ है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक मुरादाबाद, हरदोई, बहराइच, लखनऊ, कन्नौज, बाराबंकी, कानपुर, लखीमपुर खीरी, झांसी, सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में 10अगस्त, 2023 से 12 अगस्त, 2023 के बीच भारी वर्षा दर्ज हुई है।
यूपी के एटा और बाराबंकी जिले में मानसून वर्षा (एक जून से 12 सितंबर तक) लार्ज एक्सेस रेनफॉल दर्ज की गई है।
यदि 8 सितंबर, 2023 से 12 सितंबर, 2020 के वर्षा आंकड़ों की तुलना करें तो यूपी के जिलों में वर्षा आंकड़ों में सुधार हुआ है। 8 सितंबर को उत्तर प्रदेश में 10 जिलों में एक्सेस वर्षा थी जबकि 12 सितंबर को 11 जिलों में एक्सेस वर्षा दर्ज हो चुकी है।
इनमें कन्नौज, बदायूं, बिजनौर, फिरोजाबाद, हमीरपुर, कासगंज, मैनपुरी, मेरठ, मुरादबाद, मुजफ्फरनगर, संभल का नाम शामिल है। वहीं, आठ सितंबर को यूपी में 19 जिलों में सामान्य वर्षा वाले थे जो कि 12 सितंबर को 25 जिले हो चुके हैं। 39 डिफिशिएंट जिले भी घटकर 32 हो चुके हैं।
चंदौली, कौशांबी, मऊ और पिलीभीत जिले अब भी लार्ज डिफिशिएंट हैं।