

मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में फ्लैश फ्लड का खतरा भी बढ़ा।
दिल्ली-एनसीआर में आज बारिश के साथ गरज-चमक की आशंका, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया।
बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, कुछ इलाकों में आंधी और बिजली का खतरा।
असम और मेघालय समेत पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के आसार, नागालैंड के कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा।
पिछले 24 घंटे में चेरापूंजी, वाराणसी, सुल्तानपुर और दिल्ली के पालम समेत कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज हुई।
मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, 25 अगस्त, 2026 को जारी अपडेट के मुताबिक, उत्तर ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अब पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और उससे सटे झारखंड तथा उत्तर ओडिशा के हिस्सों में जारी है। इसके अगले 24 घंटों में लगभग उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है।
इस मौसम प्रणाली से झारखंड, ओडिशा और आसपास के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके साथ ही मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है। यह देश के कई हिस्सों से होकर गुजर रही है और बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही है। वहीं ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ भी मौजूद है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन दोनों राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
आज, 25 अगस्त, 2026 को बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली सहित कई राज्यों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी है।
वहीं आज, पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश की गतिविधियां रह सकती हैं। दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज और तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने का पूर्वानुमान है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार को मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने आज के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। राजधानी और आसपास के इलाकों में आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की उम्मीद है। कई इलाकों में सुबह से दोपहर के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दोपहर के बाद शाम तक भी बारिश के एक और दौर की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में मंगलवार को न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
राजधानी में सोमवार से मंगलवार सुबह तक कई इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पालम में पिछले 24 घंटे के दौरान 60 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इससे दिल्ली के कई हिस्सों में मौसम सुहावना हुआ, लेकिन कुछ जगहों पर जलभराव की समस्या भी सामने आई।
कई राज्यों में आंधी और वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग ने बारिश के साथ कुछ राज्यों में गरज के साथ तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान और पूर्वोत्तर के कई हिस्सों में भी बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने का भी पूर्वानुमान है।
किन राज्यों में है बाढ़ का खतरा?
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले 24 घंटों के दौरान मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नागालैंड के कई जिलों में अचानक बाढ़ या फ्लैश फ्लड का खतरा है। मध्य प्रदेश के सीधी, सतना, रीवा, सिंगरौली, जबलपुर, मंडला, सागर और छिंदवाड़ा समेत कई जिलों पर नजर रखी जा रही है। उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर, सोनभद्र, प्रयागराज, जौनपुर और आसपास के इलाकों में भी सावधानी जरूरी है।
अगले 24 घंटों में नागालैंड के तुएनसांग, किफिरे, कोहिमा, दीमापुर और पेरेन जिलों के कुछ हिस्सों और आसपास के इलाकों में तेज बारिश होने पर अचानक बाढ़ आने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
कहां रहा सामान्य से ज्यादा तापमान?
विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, असम और मेघालय, हिमाचल प्रदेश तथा विदर्भ के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा दर्ज किया गया। यानी इन राज्यों में दिन का तापमान आम दिनों की तुलना में काफी अधिक रहा।
वहीं, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा ऊपर रहा। इसके अलावा पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र और कच्छ में भी कुछ हिस्सों में रात का तापमान सामान्य से काफी अधिक रहा।
वहीं कल, 24 अगस्त 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान राजस्थान के श्रीगंगानगर में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कहां कितने बरसे बादल?
पिछले 24 घंटे में असम और मेघालय के चेरापूंजी में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में अच्छी बारिश हुई। वाराणसी के बाबतपुर में 110 मिमी, सुल्तानपुर में 100 मिमी और आजमगढ़ में 80 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। केरल के कोझिकोड में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। झारखंड के डाल्टनगंज में भी 70 मिमी बारिश हुई। मध्य प्रदेश के सतना में 60 मिमी और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।
लोगों और किसानों के लिए सुझाव
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को बारिश और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। तेज बारिश के समय खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। वाहन चालक जलभराव वाले रास्तों पर धीरे चलें और मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें। घर से निकलते समय बारिश से बचाव के लिए छाता या रेनकोट साथ रखें।
किसानों को भारी बारिश की आशंका वाले इलाकों में खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से करनी चाहिए। कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित और ढके स्थान पर रखें। खेतों में कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव बारिश रुकने के बाद ही करें। सब्जियों और नई रोपाई वाली फसलों में जलभराव न होने दें। तेज हवा और बिजली की आशंका के दौरान खेतों में काम करने से बचें तथा पशुओं को खुले मैदान में न छोड़ें।