

कई राज्यों में मानसून सक्रिय, भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट, लोगों को जलभराव और बाढ़ से सतर्क रहने की सलाह।
ओडिशा तट पार कर आगे बढ़ा कम दबाव का क्षेत्र, उत्तर भारत समेत कई राज्यों में तेज बारिश और आंधी के आसार।
मुंबई में रेड अलर्ट के बीच स्कूल-कॉलेज बंद, दिल्ली-एनसीआर सहित कई शहरों में बारिश से मौसम सुहावना लेकिन परेशानी भी बढ़ी।
गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं का अलर्ट, मछुआरों को समुद्र में न जाने और सतर्क रहने की सलाह।
देश के अधिकतर इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक कई राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से आज सुबह, छह जुलाई, 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा है।
उत्तर भारत में आगे बढ़ रहा है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार, मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके उत्तरी सीमा रेखा राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों तक पहुंच गई है। अगले तीन दिनों में मानसून के उत्तर अरब सागर, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के शेष हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। इससे इन इलाकों में भी अच्छी बारिश की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में बना डिप्रेशन
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल तट पर बना डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। यह ओडिशा के बालासोर के पास तट पार कर चुका है। इसके अगले 24 घंटे में उत्तर ओडिशा, दक्षिण झारखंड और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ने के आसार हैं। इस प्रणाली के असर से इन इलाकों में तेज बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं।
दिल्ली से मुंबई तक बारिश का असर
मानसून की बारिश से दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और बहादुरगढ़ सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर का मौसम बदल गया है, हालांकि उमस बरकरार है। रविवार से लगातार बारिश हो रही है और सोमवार को भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली है।
वहीं दूसरी ओर मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने मुंबई के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश को देखते हुए मुंबई, पुणे, ठाणे और पालघर में आज, सोमवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखने का फैसला किया गया है। पुणे-मुंबई लिंक रोड पर टनल-2 के पास भूस्खलन की घटना भी सामने आई है, जिससे यातायात प्रभावित हुआ।
इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज तथा रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी तक मेघ बरस सकते हैं।
वहीं आज, छह जुलाई, 2026 को पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा आज, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, झारखंड, विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, जम्मू और कश्मीर तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।
देश के कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का भी खतरा
कई राज्यों में बारिश के साथ आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है। आज, अंडमान और निकोबार, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं आज, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, झारखंड, राजस्थान, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र तथा जम्मू और कश्मीर सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने के आसार हैं। विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी मौसम के खराब रहने की आशंका है। समुद्र में 40 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और कई इलाकों में हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तट पर लौटने को कहा गया है।
तापमान में आई गिरावट
लगातार हो रही बारिश के कारण कई राज्यों में तापमान में कमी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश और तेज हवाओं के कारण दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट बनी रहेगी। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि राजस्थान के श्रीगंगानगर में रविवार को सबसे अधिक 43.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
लोगों, किसानों और मछुआरों को बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से जलभराव वाले इलाकों, नदियों और नालों के पास जाने से बचने की अपील की है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े नहीं होना चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन की आशंका वाले इलाकों से दूर रहने और केवल आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
किसानों को खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने, पकी फसल की समय पर कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखने तथा तेज बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव टालने की सलाह दी गई है। पशुओं को भी सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर रखने की आवश्यकता है।
मछुआरों को खराब मौसम के दौरान समुद्र में नहीं जाने और अपनी नावों व मछली पकड़ने के उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर बांधकर रखने की सलाह दी गई है। समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा चेतावनी अवश्य देखें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना रहेगा। ऐसे में लोगों को मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है।