

उत्तर तटीय ओडिशा, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों व उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के आसपास बने कम दबाव के कारण कई इलाकों में तेज बारिश व आंधी का अंदेशा।
ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
दिल्ली-एनसीआर में बादल और उमस का असर, कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना।
उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी, पहाड़ी जिलों में भूस्खलन, बिजली गिरने और तेज बारिश का खतरा।
अगरतला में भारी बारिश से जलभराव और बाढ़ जैसे हालात, एनडीआरएफ ने 1,305 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
देश के कुछ हिस्सों को छोड़कर बाकी इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के द्वारा 24 अगस्त, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, ओडिशा और आसपास के इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके कारण अगले 24 घंटे के दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
वहीं, मानसून ट्रफ इस समय अमृतसर, बरेली, लखनऊ, डाल्टनगंज और जमशेदपुर से गुजरते हुए पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, उत्तर ओडिशा, झारखंड और उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के केंद्र तक पहुंच रही है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बढ़ते हुए पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है।
पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है, जिसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी इलाकों में बादल, बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
तीन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
उपरोक्त मौसमीय प्रणालियों के चलते आज, 24 अगस्त, 2026 को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 मिमी से 204.4 तक बादल बरस सकते हैं। वहीं आज, ओडिशा में बारिश के साथ ही गरज-चमक और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
18 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश के आसार
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, केरल और माहे, मध्य महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल, तेलंगाना, विदर्भ और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना है। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में बादल, बारिश और उमस भरा मौसम
दिल्ली-एनसीआर में आज सोमवार, 24 अगस्त, 2026 को आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने बहुत हल्की बारिश का अनुमान जताया है। कुछ इलाकों में सुबह से दोपहर के बीच मध्यम बारिश भी हो सकती है। दोपहर के बाद शाम के समय भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
बारिश के बावजूद दिल्ली में उमस से लोगों को पूरी राहत नहीं मिल रही है। न्यूनतम तापमान 26 डिग्री और अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लोगों को गर्मी और उमस के बीच पर्याप्त पानी पीने और धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी जाती है।
उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड में मौसम अभी भी खराब बना हुआ है। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, चमोली, उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। इन जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा है। कुछ जिलों में ऑरेंज तो कुछ में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। नदियों, नालों और भूस्खलन वाले इलाकों से दूर रहने का भी सुझाव दिया गया है।
हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भी सतर्कता जरूरी
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटों के दौरान हल्की से मध्यम बारिश हुई है। कुछ हिस्सों में भारी बारिश भी दर्ज की गई। हालांकि राज्य में मानसून के कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं, फिर भी आज, सोमवार को कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है।
वहीं, जम्मू और कश्मीर के कई जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक को लेकर चेतावनी दी गई है। कुछ हिस्सों में हवाओं की रफ्तार 70 से 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की जरूरत है।
त्रिपुरा में भारी बारिश से बाढ़ और जलभराव
त्रिपुरा के अगरतला जिले के कई इलाकों में भारी बारिश के बाद बाढ़ और जलभराव की स्थिति सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित इलाकों में बालदाखाल, श्रीलंकाबस्ती, कथाखाल और बंबुतिया शामिल हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी एनडीआरएफ की टीम के द्वारा राहत और बचाव कार्य जारी रखने की खबर है। जानकारी के मुताबिक, टीम ने 1,305 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
कहां-कहां रिकॉर्ड किया गया सामान्य से अधिक तापमान?
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, असम और मेघालय तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। वहीं, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, बिहार, पूर्वी व पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
कल 23 अगस्त, 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में दर्ज किया गया। वहीं, देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस ओडिशा के पारलाखेमुंडी में दर्ज हुआ।
पूर्वोत्तर भारत और कुछ अन्य राज्यों में रात का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जबकि तमिलनाडु में दिन के समय काफी गर्मी रही। ओडिशा के पारलाखेमुंडी में इसके मुकाबले रात का तापमान अपेक्षाकृत कम रहा।
किसानों और लोगों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। नालियों और पानी निकलने के रास्तों को साफ रखें, ताकि फसलों को जलभराव से नुकसान न हो। तैयार फसल को बारिश से पहले काटकर सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखें। बारिश के दौरान खाद और कीटनाशक का छिड़काव न करें। तेज हवा की आशंका वाले क्षेत्रों में केले और अन्य कमजोर फसलों को सहारा दें।
गरज-चमक और बिजली गिरने के समय खेतों में काम करने से बचें। पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूर रहें। पशुओं को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें। किसान और लोगों को मौसम विभाग तथा प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने का सुझाव दिया गया है। भारी बारिश में नदी, नाले और जलभराव वाले रास्ते पार करने से बचें। थोड़ी सावधानी फसल, पशु और जीवन को बड़े नुकसान से बचा सकती है।