अल नीनो के मजबूत होने की आशंका, अगस्त-सितंबर में सामान्य से कम बारिश के आसार, बढ़ सकती है गर्मी

मौसम विभाग की ओर से जारी आउटलुक के अनुसार, अगस्त-सितंबर में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। अगस्त में अधिकतर राज्यों में सामान्य से ऊपर रह सकता है तापमान।
अगस्त महीने में भी सामान्य से कम बारिश का अंदेशा, देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा।
अगस्त महीने में भी सामान्य से कम बारिश का अंदेशा, देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • अगस्त-सितंबर 2026 में देशभर में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं, कई हिस्सों में मानसून कमजोर रहने का अनुमान है।

  • अगस्त महीने में भी सामान्य से कम बारिश का अंदेशा, देश के अधिकतर इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहेगा।

  • पूर्वी प्रायद्वीपीय, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।

  • प्रशांत महासागर में मध्यम अल नीनो की स्थिति मजबूत होने के संकेत, मानसून के शेष मौसम पर असर पड़ सकता है।

  • अगस्त में तापमान सामान्य से अधिक रहने के अनुमान को देखते हुए किसान फसलों, सब्जियों और बागवानी पौधों को गर्मी के तनाव से बचाने के उपाय करें।

अगस्त-सितंबर में कम बारिश का अनुमान

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगस्त और सितंबर 2026 के लिए दक्षिण-पश्चिम मानसून का नया पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के अनुसार मानसून के दूसरे हिस्से यानी अगस्त और सितंबर के दौरान पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि इस अवधि में देशभर में होने वाली बारिश दीर्घकालिक औसत (एलपीए) के 94 प्रतिशत से कम रह सकती है। 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर अगस्त-सितंबर के लिए देशभर में औसत वर्षा 422.8 मिमी मानी जाती है।

कई राज्यों में कम बरसेंगे बादल

मौसम विभाग के अनुसार अगस्त और सितंबर के दौरान देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। हालांकि भारतीय प्रायद्वीप के कुछ हिस्सों, मध्य भारत के कुछ इलाकों, उत्तर-पश्चिम भारत के उत्तरी हिस्सों तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इससे स्पष्ट है कि पूरे देश में बारिश का वितरण एक समान नहीं रहेगा और अलग-अलग क्षेत्रों में स्थिति अलग हो सकती है।

अगस्त में भी बारिश रहेगी सामान्य से कम

विभाग के मासिक पूर्वानुमान के अनुसार, केवल अगस्त महीने में भी देशभर में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। अगस्त के लिए भी बारिश का एलपीए के 94 प्रतिशत से कम रहने का अनुमान है। 1971 से 2020 के आधार पर अगस्त महीने की औसत वर्षा 254.9 मिमी है। पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत के कई इलाकों, उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों तथा पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है, जबकि अन्य कई क्षेत्रों में बारिश कम रहने के आसार हैं।

अगस्त में बढ़ सकती है गर्मी

बारिश कम रहने के साथ-साथ अगस्त महीने में तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रह सकता है। हालांकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों तथा दक्षिणी प्रायद्वीप से लगे कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य या सामान्य से कम रह सकता है। वहीं न्यूनतम तापमान भी देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान है।

अल नीनो का असर जारी

मौसम विभाग ने बताया कि इस समय भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मध्यम स्तर की अल नीनो परिस्थितियां बनी हुई हैं। समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है और मानसून के बाकी समय में इसके और मजबूत होने का अंदेशा जताया है। विभाग के मानसून मिशन कपल्ड फोरकास्ट सिस्टम (एमएमसीएफएस) के अनुसार भी अल नीनो की स्थिति आगे और मजबूत हो सकती है। आमतौर पर अल नीनो का प्रभाव भारत में मानसूनी बारिश पर पड़ता है।

हिंद महासागर में आईओडी फिलहाल सामान्य

विभाग ने बताया कि इस समय हिंद महासागर में इंडियन ओशन डाइपोल (आईओडी) की स्थिति तटस्थ बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के शेष समय तक इसके तटस्थ बने रहने की संभावना है। हालांकि कुछ अंतरराष्ट्रीय जलवायु पूर्वानुमान केंद्रों का मानना है कि सितंबर 2026 के दौरान सकारात्मक आईओडी विकसित हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो इसका प्रभाव मौसम की स्थिति पर पड़ सकता है।

किसानों के लिए सुझाव

सामान्य से कम बारिश और अधिक तापमान की आशंका को देखते हुए किसान बारिश के जल का संरक्षण करें तथा सिंचाई की वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखें। फसलों में नमी बनाए रखने के लिए मल्चिंग और समय पर सिंचाई करें। जहां अधिक बारिश के आसार हैं, वहां खेतों से जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। मौसम आधारित कृषि कार्यों की बेहतर योजना के लिए मौसम विभाग के नियमित मौसम पूर्वानुमानों का पालन करें।

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