

बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन मजबूत, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
अगले दो से तीन दिनों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत कई राज्यों से मानसून की वापसी की परिस्थितियां अनुकूल।
तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की संभावना, कई इलाकों में येलो अलर्ट जारी।
आंध्र प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी।
किसानों को फसल सुरक्षा, जल निकासी और पशुओं को सुरक्षित रखने की सलाह; मछुआरों से खराब समुद्री मौसम में सतर्क रहने अपील।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से 22 सितंबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के शेष इलाकों से मानसून विदा हो सकता है। इसके साथ ही राजस्थान के कुछ और हिस्सों तथा सौराष्ट्र-कच्छ, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी संभव है।
मानसून की विदाई के बाद मौसम में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन मजबूती की ओर
बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी हिस्से में बना डिप्रेशन पिछले छह घंटों में करीब 17 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। अगले 12 घंटों में इस डिप्रेशन के और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में तब्दील होने के आसार हैं।
इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसके 23 सितंबर की रात से 24 सितंबर की सुबह के बीच विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को डीप डिप्रेशन के रूप में पार करने का पूर्वानुमान है। इसके प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक डिप्रेशन के चलते आज, तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन दोनों राज्यों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कर्नाटक, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम की जानकारी लेते रहने और जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में आंधी और बिजली की चेतावनी
आज, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र तथा मराठवाड़ा में गरज के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है।
वहीं आज, गुजरात, झारखंड, कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप तथा पश्चिमी हिमालय से जुड़े कुछ इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवा चल सकती है। पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में भी बिजली चमकने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसे मौसम में लोगों को पेड़, बिजली के खंभे और खुले स्थानों से दूर रहने की जरूरत है। बारिश और आंधी के दौरान बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतना भी जरूरी है।
समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनी
डिप्रेशन के कारण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में तेज हवाओं के साथ समुद्र में मौसम खराब रहने का अंदेशा है। दक्षिण म्यांमार के तट और मन्नार की खाड़ी के आसपास भी तेज हवाएं चल सकती हैं। अरब सागर में सोमालिया के तट के पास भी तेज हवा की आशंका जताई गई है।
समुद्र में जाने वाले मछुआरों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनी का पालन करने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा है कि खराब मौसम के दौरान समुद्र में जाने से बचना सुरक्षित रहेगा।
कई राज्यों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, असम और मेघालय तथा मराठवाड़ा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। वहीं असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ जगहों पर न्यूनतम तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
21 सितंबर, 2026 को राजस्थान के जैसलमेर में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं देश के मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में रिकॉर्ड किया गया।
किसानों व लोगों को सावधानी बरतने का सुझाव
बारिश का असर खेती पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में भारी बारिश की आशंका है, वहां किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था पहले से कर लेनी चाहिए। तैयार फसल, भूसा, खाद और कृषि उपकरणों को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर रखना बेहतर होगा।
तेज हवा और बारिश के दौरान कीटनाशक या खाद का छिड़काव नहीं करना चाहिए। खेतों में खड़ी फसलों की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत के अनुसार जल निकासी की व्यवस्था करें। पशुओं को खुले स्थान पर रखने से बचें और उन्हें सुरक्षित जगह पर रखें, खासकर गरज और बिजली चमकने के समय।
लोगों को भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव वाली सड़कों से गुजरने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और बिजली के खंभों के पास नहीं जाना चाहिए। लोगों तथा किसानों को प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी और जरूरी निर्देशों का पालन करना इस दौरान सबसे अहम होगा।