आगे बढ़ने लगा दक्षिण-पश्चिम मानसून, कई राज्यों में भीषण गर्मी, बाड़मेर में पारा 47 डिग्री पार

दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ी, कई राज्यों में बारिश,आंधी-तूफान व ओले गिरने का अलर्ट, राजस्थान-गुजरात समेत उत्तर भारत में भीषण गर्मी और लू से जनजीवन प्रभावित।
सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून
सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में पहुंच सकता है दक्षिण-पश्चिम मानसून
Published on
सारांश
  • दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर की ओर बढ़ा, जबकि राजस्थान, गुजरात और मध्य भारत में भीषण गर्मी और लू का असर बढ़ा।

  • बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव से पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी।

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश-आंधी का अलर्ट, जबकि बाड़मेर में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचा।

  • हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में बारिश, बर्फबारी और ओलावृष्टि की आशंका, किसानों और यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह।

  • मौसम विभाग ने किसानों को बारिश वाले इलाकों में सिंचाई टालने और मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 12 मई, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। सप्ताह के अंत तक दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के कुछ इलाकों में मानसून पहुंच सकता है। वहीं दूसरी ओर देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली गिरने, ओलावृष्टि और गर्मी का असर देखने को मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के उत्तरी तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर दिशा की ओर बढ़ गया है। इसके अगले 48 घंटों में और मजबूत होने के आसार हैं। इसके कारण अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश हो सकती है। समुद्र में तेज हवाएं चलने की भी आशंका है। इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का असर

पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी हवाओं में चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है। इसकी वजह से उत्तर के पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक मौसम में बदलाव होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने कहा है कि 12 से 15 मई, 2026 के बीच दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की आशंका भी बनी हुई है। हवाओं की रफ्तार 30 से 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। साथ ही पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने का भी अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न जाने की सलाह दी है।

वहीं पहाड़ी राज्यों की बात करें तो जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। इससे फलों और सब्जियों की फसलों को नुकसान हो सकता है। पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है क्योंकि भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी स्थिति बन सकती है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

आज, 12 मई, 2026 को असम और मेघालय में भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। इन राज्यों में कई जगहों पर बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। मौसम विभाग के द्वारा लोगों को बारिश के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

मेघालय और असम के कुछ इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। किसानों को खेतों में पानी निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है ताकि फसल खराब न हो।

पूर्वी भारत में बदलता मौसम

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा। बिहार के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने का भी अंदेशा जताया गया है। झारखंड और ओडिशा में गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की चेतावनी दी है।

सिक्किम और उत्तर बंगाल के पर्वतीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। इन राज्यों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। इससे नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।

दक्षिण भारत में भी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और केरल में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

केरल और कर्नाटक में केले, नारियल और अन्य बागवानी फसलों को तेज हवाओं से नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को पेड़ों को सहारा देने और खेतों में जल निकासी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। उत्तर-पश्चिम भारत में आज, 12 मई को अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद 13 से 17 मई के बीच तापमान में चार से पांच डिग्री सेल्सियस तक और वृद्धि होने के आसार हैं। इससे राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली सहित आसपास के इलाकों में गर्मी का असर बढ़ सकता है।

मध्य भारत के राज्यों में भी गर्मी बढ़ने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 15 मई के बीच अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 16 और 17 मई को तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। मध्य प्रदेश और विदर्भ के कई हिस्सों में लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।

पूर्वी भारत में 12 मई तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन 13 से 17 मई के बीच यहां भी तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में उमस और गर्मी बढ़ने जा अंदेशा है।

गुजरात में 12 से 14 मई तक तापमान सामान्य बना रह सकता है। इसके बाद 15 से 17 मई के बीच अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है।

महाराष्ट्र में 12 से 15 मई के बीच तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि 16 और 17 मई को तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गर्मी का असर बना रह सकता है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 11 मई, 2026 को राजस्थान के बाड़मेर में अधिकतम तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बलोवाल में न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां चलेगी हीटवेव या लू?

एक ओर जहां कई हिस्सों में बारिश हो रही है, वहीं दूसरी ओर राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की आशंका व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिम राजस्थान और गुजरात में 12 से 17 मई तक लू या हीटवेव चल सकती है। पूर्वी राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में भी गर्म हवाओं का असर बना रहेगा।

मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी तापमान बढ़ने के आसार हैं। लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती के काम करने की सलाह दी है। जिन इलाकों में बारिश की संभावना है वहां किसान फिलहाल सिंचाई और कीटनाशक छिड़काव का काम टाल दें। कटाई के बाद अनाज और सब्जियों को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो।

ओलावृष्टि वाले राज्यों में किसान अपनी फसलों को ढकने की व्यवस्था करें। तेज गर्मी वाले इलाकों में सुबह या शाम के समय सिंचाई करना बेहतर रहेगा। पशुपालकों को भी पशुओं को तेज गर्मी और बारिश से बचाने के लिए उचित व्यवस्था करने को कहा गया है।

मछुआरों और यात्रियों को चेतावनी

दक्षिण बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में मौसम खराब रहने का अंदेशा है। इसलिए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। समुद्री इलाकों में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

पहाड़ी राज्यों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण कई जगह रास्ते बंद हो सकते हैं।

पिछले 24 घंटे में कहां कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। पश्चिम बंगाल के बागडोगरा में 4 सेमी बारिश हुई। पोर्ट ब्लेयर में 3 सेमी और कार निकोबार में 2 सेमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। असम, मेघालय, त्रिपुरा, केरल और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भी हल्की बारिश हुई।

मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का यह बदलाव जारी रहेगा। लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने और सतर्क रहने की जरूरत है।

Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in