चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हुआ चंद्रयान 2

लगभग एक पखवाड़े तक चंद्रमा की कक्षा में घूमने के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान 2 चांद पर लैंड कर जाएगा।
Photo: ISRO
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मंगलवार सुबह चंद्रयान 2 चंद्रमा की कक्षा में स्थापित हो गया। लगभग 30 दिन की यात्रा के बाद चंद्रायन 2 चांद की कक्षा में स्थापित हुआ है। लगभग एक पखवाड़े तक चंद्रमा की कक्षा में घूमने के बाद 7 सितंबर को चंद्रयान 2 चांद पर लैंड कर जाएगा।

मंगलवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के सिवान ने चंद्रयान 2 के चंद्रमा की कक्षा में स्थापित होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंद्रयान 2 को चांद की कक्षा में स्थापित करना एक मुश्किल अभियान इसलिए था, क्योंकि अगर सेटेलाइट चंद्रमा पर उच्च गति वाले वेग से पहुंचता है तो चांद उसे उछाल देगा और ऐसे में चंद्रयान 2 गहरे अंतरिक्ष में खो जाएगा, लेकिन अगर वह धीमी गति से पहुंचता है तो चंद्रमा का गुरुत्वाकर्षण चंद्रयान 2 को खींच लेगा और वह सतह पर ही गिर सकता है। इसलिए वेग बिल्कुल ठीक होना चाहिए और योजना के अनुसार चंद्रमा के बजाय ऊंचाई पर ही गति सटीक होनी चाहिए, यहां तक कि एक छोटी सी गलती इस मिशन को नाकाम कर सकती है।

चंद्रयान 2 को चंद्रमा पर स्थापित करने की प्रक्रिया भी बहुत जटिल है,क्योंकि इसमें 39240 किलोमीटर प्रति घंटे का वेग है और यह गति हवा के माध्यम से ध्वनि की गति से लगभग 30 गुणा अधिक है। इसलिए एक छोटी सी गलती चंद्रयान 2 की चंद्रमा के साथ मुलाकात को नाकाम कर सकती है।

चंद्रयान 2 बीते 22 जुलाई को आंध्रप्रदेश के श्री हरकोटा स्थित प्रक्षेपण केंद्र से प्रक्षेपित  किया गया था।  यदि यह अभियान सफल रहा तो रूस, अमेरिका, चीन के बाद भारत चंद्रमा की सतह पर पहुंचना चौथा देश बन जाएगा।   

इस मिशन की लागत लगभग 978 करोड़ रुपए बताई गई है। इससे एक सप्ताह पहले 15 जुलाई को चंद्रयान-2 के प्रक्षेपण की तैयारी की गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह सफल नहीं हो पाई। उस समय कहा गया था कि अंतिम क्षणों में प्रक्षेपण को टालने की घोषणा नहीं की जाती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

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