आसमान में दिखेगा अद्भुत खगोलीय नजारा, 96 प्रतिशत तक ढकेगा चांद

28 अगस्त की सुबह 96 प्रतिशत तक ढकेगा चांद, पश्चिमी यूरोप में दिखेगा लाल-तांबे रंग का अद्भुत नजारा; भारत में नहीं दिखाई देगा यह खगोलीय दृश्य।
आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान चांद लाल और तांबे जैसा दिखाई देगा, जिससे रात का आसमान बेहद खूबसूरत नजर आएगा।
आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान चांद लाल और तांबे जैसा दिखाई देगा, जिससे रात का आसमान बेहद खूबसूरत नजर आएगा।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • 28 अगस्त की सुबह चंद्रमा का 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में जाएगा, पश्चिमी यूरोप में अद्भुत नजारा दिखेगा।

  • आंशिक चंद्र ग्रहण के दौरान चांद लाल और तांबे जैसा दिखाई देगा, जिससे रात का आसमान बेहद खूबसूरत नजर आएगा।

  • ग्रहण रात 2:33 यूटीसी से शुरू होगा और 4:12 यूटीसी पर चरम पर पहुंचेगा, जब चांद लगभग पूरी तरह ढकेगा।

  • स्पेन, फ्रांस, इटली, जर्मनी और पुर्तगाल समेत पश्चिमी यूरोप में लोग खुले आसमान से इस खगोलीय घटना को देख सकेंगे।

  • भारत में दिन के समय होने के कारण ग्रहण दिखाई नहीं देगा, जबकि इसे नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है।

यूरोप के आसमान में 28 अगस्त की सुबह एक बेहद खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। रात 27 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। इस दौरान चंद्रमा का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाएगा। चंद्रमा पूरी तरह से ढकेगा नहीं, लेकिन उसका अधिकांश भाग अंधेरे में रहने के कारण उसका रंग गहरा लाल और तांबे जैसा नजर आ सकता है।

यह घटना उन लोगों के लिए खास होगी, जिन्हें रात के आसमान और खगोलीय घटनाओं को देखने में रुचि है। पश्चिमी यूरोप के कई देशों में लोग इस नजारे को अपनी आंखों से देख सकेंगे।

क्या होता है आंशिक चंद्र ग्रहण

नासा के मुताबिक, चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में या उसके करीब आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। आंशिक चंद्र ग्रहण में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति पूरी तरह सही सीध में नहीं होती। इसलिए पृथ्वी की गहरी छाया यानी ‘उम्ब्रा’ चंद्रमा के केवल एक हिस्से को ढकती है।

इस दौरान चंद्रमा का कुछ भाग पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाता है, जबकि बाकी हिस्सा सूर्य की रोशनी में रहता है। इस ग्रहण में चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा उम्ब्रा में पहुंच जाएगा। इसी वजह से इसे बेहद गहरा आंशिक चंद्र ग्रहण कहा जा रहा है।

चांद का रंग होगा लाल और तांबे जैसा

ग्रहण के सबसे खास समय में चंद्रमा का अधिकांश हिस्सा गहरे लाल या तांबे के रंग का दिखाई दे सकता है। चंद्रमा का केवल एक छोटा हिस्सा सीधी सूर्य की रोशनी में रहेगा। बाकी हिस्सा पृथ्वी की छाया में होने के कारण सामान्य चमकीले चांद की जगह गहरे रंग में नजर आएगा।

यह रंग परिवर्तन इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की रोशनी को प्रभावित करता है। लाल रंग की रोशनी पृथ्वी के वायुमंडल से होकर चंद्रमा तक पहुंच सकती है। इसी कारण ग्रहण के समय चंद्रमा पर लाल या तांबे जैसी चमक दिखाई देती है।

पश्चिमी यूरोप में होगा सबसे अच्छा नजारा

यह खगोलीय घटना स्पेन, पुर्तगाल, फ्रांस, इटली और जर्मनी सहित पश्चिमी यूरोप के कई हिस्सों में दिखाई देगी। हालांकि ग्रहण सुबह के समय अपने चरम पर पहुंचेगा। इसलिए चंद्रमा आसमान में काफी नीचे होगा।

खगोल प्रेमियों को ऐसी जगह से इसे देखने की सलाह दी जाती है, जहां पश्चिमी दिशा में पेड़, ऊंची इमारतें या पहाड़ जैसी कोई बड़ी रुकावट न हो। खुला मैदान या ऊंची जगह इस नजारे के लिए बेहतर हो सकती है।

रात 2:33 बजे शुरू होगा ग्रहण

समय और तारीख के अनुसार, चंद्रमा 28 अगस्त को लगभग 02:33 यूटीसी पर पृथ्वी की मुख्य छाया में प्रवेश करना शुरू करेगा। पश्चिमी यूरोप में यह समय स्थानीय समय के अनुसार लगभग सुबह 3:33 बजे के आसपास होगा।

ग्रहण का सबसे बड़ा चरण लगभग 04:12 यूटीसी पर होगा। इसी समय चंद्रमा का करीब 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की गहरी छाया में होगा। पश्चिमी यूरोप के लिए यह समय सूर्योदय के काफी करीब होगा। इसलिए ग्रहण देखने वालों को सुबह होने से पहले ही तैयार रहना होगा।

भारत में नहीं दिखाई देगा ग्रहण

भारत में रहने वाले लोगों को इस खगोलीय घटना का प्रत्यक्ष नजारा देखने को नहीं मिलेगा। ग्रहण के महत्वपूर्ण चरण के समय भारत में दिन होगा और चंद्रमा दिखाई देने की स्थिति में नहीं होगा। इसलिए भारत से इसे आसमान में देख पाना संभव नहीं होगा।

बिना चश्मे के देख सकते हैं चंद्र ग्रहण

चंद्र ग्रहण को देखना पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है। इसे देखने के लिए सूर्य ग्रहण की तरह किसी विशेष चश्मे या सुरक्षा उपकरण की जरूरत नहीं होती। लोग इसे अपनी सामान्य आंखों से देख सकते हैं।

हालांकि यदि किसी के पास दूरबीन या छोटी खगोलीय दूरबीन है तो चंद्रमा की सतह और उसके लाल-तांबे रंग को और साफ देखा जा सकता है। ऐसे में यह आंशिक चंद्र ग्रहण रात के आसमान का एक यादगार नजारा बन सकता है।

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