चक्रवात मुरासु से निपटने की तैयारी, अर्नब के बाद आंध्र प्रदेश पर फिर संकट के बादल

चक्रवाती तूफान के 2-3 नवंबर की रात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है। इस दौरान हवा के झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है
चक्रवात मुरासु से निपटने की तैयारी, अर्नब के बाद आंध्र प्रदेश पर फिर संकट के बादल
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नया चक्रवाती तूफान 2-3 नवंबर की रात को तट से टकराने का अनुमान है। इस दौरान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं और बेहद भारी बारिश होने की आशंका है। गौरतलब है कि राज्य अभी 4,600 करोड़ रुपए के अनुमानित नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहा है।

28 अक्टूबर को चक्रवाती तूफान अर्नब की दस्तक के एक सप्ताह से भी कम समय बाद आंध्र प्रदेश एक और भीषण चक्रवाती तूफान मुरासु का सामना करने की तैयारी कर रहा है। अर्नब तूफान के कारण राज्य में सात लोगों की मौत हो गई थी और तटीय तथा आसपास के कम से कम 18 जिले प्रभावित हुए थे।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए चक्रवाती तूफान मुरासु में तब्दील हो गया। पिछले छह घंटों के दौरान यह 23 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ा।

2 नवंबर को तड़के 2:30 बजे मुरासु पश्चिम-मध्य और उससे सटी दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। इससे पहले के छह घंटों में यह लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा था।

इस तूफान का नाम भारत ने प्रस्तावित किया है। तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ 'युद्ध का नगाड़ा' होता है। अनुमान है कि बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य हिस्से में पहुंचने पर यह एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो जाएगा।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर दोपहर 2 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार हवाएं चलने की आशंका है, जबकि हवा के झोंकों की गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अमरावती में आईएमडी के वैज्ञानिक एस. करुणा सागर ने डाउन टू अर्थ से बातचीत में विभाग के पूर्वानुमान का हवाला देते हुए कहा, "यह मौसम प्रणाली लगातार आगे बढ़ती रहेगी और इसके भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना है।"

रेड अलर्ट जारी, अर्नब से हुए नुकसान का आकलन

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 2 नवंबर को आंध्र प्रदेश के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। इनमें से पांच जिलों के लिए अत्यधिक भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर रेड अलर्ट, सात जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट और छह जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

3 नवंबर को भी राज्य के सभी हिस्सों में बारिश होने का अनुमान है। इस दिन तीन जिलों में रेड अलर्ट, सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट और 16 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 115.6 से 204.4 मिलीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है।

ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, माहे, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां कुछ स्थानों पर 64.5 से 115.5 मिलीमीटर तक भारी बारिश होने का अनुमान है।

4 नवंबर को मौसम की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। इस दिन केवल पांच जिलों में मौसम संबंधी चेतावनी जारी रहने का अनुमान है।

इस बीच, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात अर्नब के बाद राहत और बहाली कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने आने वाले चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियां करने को भी कहा है।

राज्य सरकार ने चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान का प्रारंभिक आकलन केंद्र सरकार को सौंपा है। इसके मुताबिक, राज्य को करीब 4,600 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

नायडू ने बताया कि चक्रवात अर्नब के कारण सात लोगों की मौत हुई है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।

सरकार ने फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों के लिए भी आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

1,293 हेक्टेयर क्षेत्र में नारियल के बागानों को हुए नुकसान के लिए 54,000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा उखड़े हुए या जिन नारियल के पेड़ों का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, उनके लिए प्रति पेड़ 1,500 रुपए की सहायता दी जाएगी।

अधिकारियों के अनुमान के मुताबिक, चक्रवात से करीब 1.95 लाख नारियल के पेड़ क्षतिग्रस्त हुए हैं।

वहीं, 15,000 हेक्टेयर क्षेत्र में केले की फसल को हुए नुकसान के लिए किसानों को 35,000 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।

राज्य में 1 नवंबर से स्थानीय निकायों के चुनाव भी शुरू हो गए हैं। मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन और संपर्क व्यवस्था बहाल करना तथा लोगों की समस्याओं का समाधान करना सरकार की प्राथमिकता है।

उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी का अनुमान

चक्रवाती तूफान के करीब पहुंचने के साथ रायलसीमा क्षेत्र में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। हवा के झोंकों की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके अलावा तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

आईएमडी ने आंध्र प्रदेश, उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी और दक्षिणी ओडिशा के तटीय इलाकों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति खराब रहने की चेतावनी दी है। मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सलाह दी गई है।

इस बीच, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी भी हो सकती है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश का पूर्वानुमान है। इनमें मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, रायबरेली, अयोध्या, गोरखपुर और बलिया शामिल हैं। कुछ इलाकों में हल्का से मध्यम कोहरा छाने की भी आशंका है।

दिल्ली-एनसीआर में 2 नवंबर को बारिश हो सकती है। इस दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।