चक्रवात ‘अर्नब’ पर नया अपडेट: आंध्र प्रदेश में भारी तबाही, अब ओडिशा में बढ़ी चिंता, राहत दल तैनात

मौसम विभाग ने शाम चार बजे जारी किए गए अपडेट में बताया कि चक्रवात किन-किन इलाकों में कहर बरपा सकता है
ओडिशा सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
ओडिशा सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।प्रतीकात्मक छवि, फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • चक्रवात अर्नब ने आंध्र प्रदेश तट पर दस्तक दी, तेज हवाओं और भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

  • काकीनाडा और विशाखापत्तनम में कई पेड़ उखड़े, बिजली के तार टूटे और सड़क यातायात बाधित हुआ।

  • ओडिशा सरकार ने चक्रवात के खतरे को देखते हुए 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

  • मलकानगिरी, गंजाम, गजपति और कोरापुट सहित कई जिलों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की।

  • प्रशासन ने लोगों से घरों में रहने और बिजली के खंभों, पुराने पेड़ों तथा होर्डिंग से दूर रहने की अपील की।

🔴 चक्रवात अर्नब अपडेट : 4:00 बजे शाम

बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने बुधवार को आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी के यनम तट के बीच दस्तक देकर तटीय इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और जलभराव के कारण कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, बिजली के तार टूट गए और सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई। तूफान के ओडिशा की ओर बढ़ने की आशंका के बीच राज्य सरकार ने दक्षिणी जिलों में सतर्कता बढ़ा दी है। अब तक 30 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है।

सुबह करीब 11 बजे तट से टकराया तूफान

मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात ने बुधवार सुबह करीब 11 बजे आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और यनम के आसपास के तटीय क्षेत्र में दस्तक दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पहले बापटला से विशाखापत्तनम के बीच संभावित लैंडफॉल क्षेत्र की पहचान की थी। तूफान के तट पार करने के बाद इसकी तीव्रता में बदलाव दर्ज किया गया।

तूफान के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने और निचले इलाकों में पानी भरने का खतरा बना रहा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी कि समुद्र में ज्वार के सामान्य स्तर से लगभग 1.5 से 2.5 मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती हैं। इससे काकीनाडा और यानम के निचले तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई।

आंध्र प्रदेश में पेड़ गिरे, बिजली व्यवस्था प्रभावित

चक्रवात का असर आंध्र प्रदेश के कई जिलों में दिखाई दिया। काकीनाडा में तेज हवाओं के कारण कई पेड़ उखड़ गए और जगह-जगह बिजली के तार टूट गए। विशाखापत्तनम में भारी बारिश और तेज हवाओं ने मुश्किलें बढ़ा दीं। यहां बीच रोड और सीतम्मधारा इलाके में पेड़ गिरने से सड़क यातायात बाधित हुआ।

मौसम विभाग के मुताबिक, 27 अक्टूबर की सुबह 8.30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह तीन बजे के बीच अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों के कई स्थानों पर 200 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। इतनी भारी बारिश ने निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ा दिया। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश और हवाओं का असर देखने को मिला।

ओडिशा में बढ़ी चिंता, 30 हजार से अधिक लोगों का बचाव

आंध्र प्रदेश के बाद अब ओडिशा में चक्रवात के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्रालय के अनुसार, दक्षिणी ओडिशा के सभी जिलों पर तूफान का असर पड़ने की आशंका है। इनमें मलकानगिरी जिले को सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

मलकानगिरी, गंजाम, गजपति और कोरापुट सहित कई जिलों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की।
मलकानगिरी, गंजाम, गजपति और कोरापुट सहित कई जिलों में भारी बारिश को लेकर मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की।स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)

राज्य सरकार ने संवेदनशील क्षेत्रों से 30 हजार से अधिक लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत और बचाव दलों को जरूरी उपकरणों के साथ तैनात किया गया है। प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाना है।

चक्रवात के बुधवार शाम या रात तक मलकानगिरी पहुंचने की आशंका जताई गई है। इसके मद्देनजर स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और राहत कार्यों की तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने ओडिशा के गजपति, गंजाम, रायगड़ा, कोरापुट, नबरंगपुर और मलकानगिरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 60 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। हवा के झोंके 90 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं।

कालाहांडी, कंधमाल, नुआपड़ा, बलांगीर, बरगढ़, पुरी, खुर्दा, सोनपुर, बौध और नयागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, संबलपुर, देवगढ़, मयूरभंज, अंगुल, ढेंकनाल, क्योंझर, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रापड़ा, जगतसिंहपुर और कटक में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

घरों में रहने की अपील, राहत दल तैनात

प्रशासन ने लोगों से मौसम सामान्य होने तक घरों के भीतर रहने की अपील की है। बिजली के खंभों, होर्डिंग और पुराने पेड़ों से दूर रहने की सलाह भी दी गई है। राहत दल जलभराव हटाने, गिरे हुए पेड़ों को काटकर रास्ते खोलने और बिजली जैसी जरूरी सेवाओं को बहाल करने में जुटे हैं।

चक्रवात के आगे बढ़ने के साथ ही आंध्र प्रदेश और ओडिशा में प्रशासन की चुनौती बढ़ गई है। आने वाले घंटों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। लोगों की सुरक्षा और समय पर राहत पहुंचाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

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