

शामचक्रवात अर्नब हुआ बेहद गंभीर, आंध्र प्रदेश के तट से बुधवार सुबह टकराने की आशंका, 140 किमी प्रति घंटे तक पहुंचेंगे हवा के झोंके।
बंगाल की खाड़ी में तूफान तेज, बापटला और विशाखापत्तनम के बीच संभावित लैंडफॉल, तटीय इलाकों में प्रशासन अलर्ट पर।
आंध्र प्रदेश, यानम और ओडिशा में भारी बारिश की चेतावनी, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बिगड़ेगा मौसम।
चक्रवात के खतरे से रेल और हवाई सेवाओं पर असर, दक्षिण तटीय रेलवे ने एहतियातन 53 ट्रेन सेवाएं रद्द कीं।
एयर इंडिया ने यात्रियों को किया सतर्क, विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा की उड़ानों से पहले स्टेटस जांचने की सलाह जारी की।
बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात ‘अर्नब’ अब बेहद गंभीर रूप ले चुका है। समुद्र के ऊपर तेजी से आगे बढ़ रहा यह तूफान आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, चक्रवात के बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान 115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं की रफ्तार में और इजाफा होकर140 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। तूफान के खतरे को देखते हुए प्रशासन और संबंधित विभागों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में तूफान का तेज असर
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार सुबह 11:30 बजे चक्रवात पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था। पिछले छह घंटों के दौरान यह करीब 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। अनुमान है कि मंगलवार शाम तक यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ेगा। इसके बाद तूफान उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों की नजर इसकी दिशा, रफ्तार और ताकत पर बनी हुई है। तूफान के तट के करीब पहुंचने के साथ ही समुद्र में हलचल और तेज हवाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
बापटला से विशाखापत्तनम के बीच टकराने की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवात ‘अर्नब’ के बुधवार सुबह तक बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की आशंका है। यह इलाका यनम के आसपास बताया गया है। उस समय तूफान के बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान बने रहने का अनुमान है।
115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं पेड़ों, बिजली के खंभों, कमजोर मकानों और यातायात व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकती हैं। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और सड़क यातायात प्रभावित होने का भी खतरा है। लोगों को समुद्र के किनारे जाने, खुले स्थानों पर रुकने और बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
चक्रवात का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, 27 और 28 अक्टूबर को तटीय आंध्र प्रदेश तथा यनम में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ जगहों पर भीषण बारिश के आसार हैं। ओडिशा में 28 अक्टूबर को और छत्तीसगढ़ में 28 तथा 29 अक्टूबर को तेज बारिश की आशंका जताई गई है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 29 अक्टूबर को भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव, फिसलन और स्थानीय यातायात में परेशानी पैदा हो सकती है। लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने और प्रशासन की चेतावनियों को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
एयर इंडिया की यात्रियों को सलाह
तूफान के असर को देखते हुए एयर इंडिया ने मंगलवार को यात्रा संबंधी एडवाइजरी जारी की। एयरलाइन ने बताया कि खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा आने-जाने वाली उड़ानों पर असर पड़ सकता है।
यात्रियों से कहा गया है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें और रास्ते के लिए अतिरिक्त समय रखें। मौसम खराब होने पर उड़ानों के समय में बदलाव या अन्य परेशानी हो सकती है।
53 ट्रेनें रद्द, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह
रेल सेवाओं पर भी चक्रवात का असर पड़ने लगा है। दक्षिण तटीय रेलवे ने एहतियात के तौर पर 27 और 28 अक्टूबर को चलने वाली 53 ट्रेन सेवाएं रद्द करने की घोषणा की है। रेलवे ने यात्रियों से अपनी ट्रेन की तारीख और स्थिति की पुष्टि करने के बाद ही स्टेशन पहुंचने की अपील की है।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे संबंधित रेलवे की आधिकारिक सूचना देखकर ही यात्रा की योजना बनाएं।
बच्चों की सुरक्षा और राशन वितरण पर भी ध्यान
चक्रवात को लेकर अंडमान और निकोबार प्रशासन ने स्कूलों को दो दिनों के लिए बंद रखने का आदेश दिया है। वहीं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को अपने-अपने क्षेत्रों में तैनात रहने की सलाह दी गई है। स्कूलों और आंगनवाड़ी सेवाओं में व्यवधान के बीच लाभार्थियों तक सूखा राशन और टेक-होम राशन सीधे घर पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
ओडिशा सरकार ने मीडिया संस्थानों और डिजिटल मंचों से भी अपील की है कि वे तूफान को लेकर अपुष्ट, भ्रामक या अटकलों पर आधारित जानकारी न फैलाएं। प्रशासन की तैयारियों के बीच लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे अफवाहों से बचें, आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।