Photo Credit : Wikipedia
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पुरुषों जैसे हार्मोन होने के कारण सेमेन्या बाहर, दुती चंद पर नहीं होगा असर

अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन के नियम 400 मीटर से अधिक दौड़ वाली धाविका पर लागू होते हैं, लेकिन दुती चंद 100 एवं 200 मीटर की धाविका हैं।
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शरीर में पुरुषों के समान हार्मोन होने के कारण दक्षिण अफ्रीका की एथलीट कैस्टर सेमेन्या का करियर दांव पर है। सेमेन्या अभी ओलम्पिक, वर्ल्ड और कॉमनवेल्थ चैंपियन है, लेकिन कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन ऑफ स्पोर्ट (सीएएस) ने अपने फैसले में कहा है कि सेमेन्या यदि अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में हिस्सा लेना चाहती है तो उन्हें अपने हार्मोन की मात्रा कम करनी है। ऐसा ही एक मामला भारतीय खिलाड़ी दुती चंद का भी है, लेकिन तब सीएएस ने दुत्ती चंद के पक्ष में फैसला सुनाया था।

दरअसल, सेमेन्या और दुती चंद के शरीर में टेस्टोस्टेरोन नाम के हार्मोन की मात्रा पुरुषों के बराबर है। इसको लेकर अंतर्राष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन (आईएएएफ) को आपत्ति है कि यदि इन खिलाड़ियों को महिला वर्ग की प्रतियोगिताओं में भाग लेना है तो उन्हें अपने हार्मोन महिला खिलाड़ियों के समान करने चाहिए।

800 मीटर दौड़ की धाविका सेमेन्या ने टेस्टोस्टेरोन कम करने के लिए दवा लेने से इंकार कर दिया था और कहा था कि ये हार्मोन उनके शरीर में पैदाइशी हैं, इसलिए इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस तर्क के आधार पर सेमेन्या ने सीएएस के पास अपील की थी। जिसे खारिज कर दिया है। इसका मतलब है कि सेमेन्या को आगे अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए टेस्टोस्टेरोन कम करने ही होंगे।

इसी तरह का मामला भारतीय एथलीट दुती चंद के समक्ष भी आया था। दुती चंद पर भी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उन पर भी आरोप था कि उनके भीतर पुरुषों के समान हार्मोन हैं, इस वजह से दुती चंद ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2014 में हिस्सा नहीं ले पाई थी। दुती चंद ने भी सीएएस में अपील दायर की। सीएएस ने दुती चंद का पक्ष लेते हुए उनके ऊपर लगे प्रतिबंध को हटा दिया था। इसके बाद दुती चंद कई मेडल जीत चुकी हैं।

दुती चंद का मामला सामने आने के बाद सीएएस ने आईएएएफ से कहा था कि टेस्टोस्टेरोन को लेकर स्पष्ट नियम बनाए। साल 2018 में आईएएएफ ने अपने नए नियमों में कहा कि 400 मीटर से लेकर एक मील तक की दौड़ के लिए धाविका को अपने टेस्टोस्टेरोन कम करने होंगे। इसी नियम के तहत सेमेन्या के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

सेमेन्या के फैसले से दुती चंद पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि सेमेन्या 800 मीटर की धाविका हैं, जबकि दुती चंद 100 एवं 200 मीटर की धाविका हैं। बावजूद इसके, दुती चंद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सेमेन्या भी आईएएएफ के गलत नियमों का शिकार हुई हैं।

हाइपर एंड्रोजेनिज्म

महिलाओं के शरीर में टेस्टोस्टेरोन की मात्रा अधिक होने की स्थिति हाइपर एंड्रोजेनिज्म भी कहा जाता है। माना जाता है कि टेस्टोस्टेरोन की मात्रा अधिक होने के कारण वह महिला अन्य महिलाओं के मुकाबले ताकतवर होती है।

कौन है दुती चंद

दुती चंद उड़ीसा के चक गोपालपुर गांव की रहने वाली है और एक गरीब जुलाहा परिवार में पैदा हुई। अंडर 18 एथलेटिक्स प्रतियोगिता में दुत्ती चंद ने 100 मीटर की दूरी 11.8 मीटर में तय करके सबको चौंका दिया था।

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