कोरोनावायरस की वजह से दवाओं की आपूर्ति बाधित हो सकती है

संसद में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने कहा है कि दवाओं की कमी पर नजर रखने के लिए एक कमेटी बनाई गई है
Photo: Flickr
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केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने 3 मार्च 2020 को लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में बताया कि दवा तैयार करने के लिए चीन से थोक दवाओं व सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) जैसे कच्चे माल का आयात कोरोनावायरस (COVID-19) के प्रकोप के चलते बंद नहीं हुआ है। और भारत में अभी दवाओं का पर्याप्त भंडार है।

उन्होंने आगे कहा कि अगर कोरोना का प्रकोप चीन में एपीआई के विनिर्माण को बाधित करना जारी रखता है तो उनकी आपूर्ति  बाधित हो सकती है। फार्मास्युकिल विभाग ने चीन में कोरोना के प्रकोप के संदर्भ में देश में दवा सुरक्षा के मुद्दे पर नजर रखने के लिए केंद्रीय ड्रग्स मानक नियंत्रण संगठन के संयुक्त ड्रग्स कंट्रोलर ईश्वर रेड्डी की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है।

सरकार ने चीन में COVID-19 की समस्या पर शुरूआत से ही ध्यान देना शुरू कर दिया था। इस संदर्भ में भारत के केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्वनी कुमार चौबे ने राज्यसभा में कहा था कि स्थिति की निगरानी के लिए कदम उठाए गए हैं।

चौबे ने बताया था कि सभी 21 हवाई अड्डों पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू की गई थी। चीन, हांगकांग, सिगापुर, थाईलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम, नेपाल, जापान, दक्षिण कोरिया, ईरान और इटली से सभी उड़ानों के लिए यूनिवर्सल स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई थी। चौबे के अनुसार, 25,000 नमूनों का परीक्षण करने के लिए पर्याप्त प्रयोगशाला अभिकर्मक उप्पलब्ध थे। पर्सनल प्रोेटेक्टिव इक्विप्मेंट्स (पीपीई) का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखा जा रहा था और एक 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय हो गया था। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तत्काल जानकारी के लिए टीमों को पहले ही एमईआरएस-सीओवी प्रकोप और इबोला वायरस के प्रबंधन के संबंध में प्रशिक्षित कर लिया गया था।

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