केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट प्रभावितों को पुलिस-प्रशासन ने चिता आंदोलन से जबरन उठाया

सुबह 5 बजे सैकड़ों की संख्या में पहुंचे पुलिस प्रशासन के अधिकारी आंदोलन के नेता अमित भटनागर समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को उठाकर ले गए
केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट प्रभावितों को पुलिस-प्रशासन ने चिता आंदोलन से जबरन उठाया
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मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के कुपी गांव के पास केन-बेतवा लिंक एवं अन्य प्रोजेक्ट प्रभावितों का 3 जुलाई से चल रहा चिंता आंदोलन पुलिस-प्रशासन ने खत्म करा दिया है। आज सुबह (19 जुलाई) को बड़ी संख्या में पुलिस-प्रशासन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलन के नेता अमित भटनागर सहित सैकड़ों लोगों को गाड़ियों में भरकर ले गए। आज चिता आंदोलन का 17वां दिन था और अमित भटनागर के अनशन का 14वां दिन था।

आंदोलन की अगुवाई कर रही दिव्या अहिरवार ने डाउन टू अर्थ को बताया कि सुबह-सुबह 150-200 गाड़ियों में करीब 2,000-3,000 का पुलिस बल आया और लोगों पर उठाना शुरू कर दिया। लोगों के विरोध करने पर लाठीचार्ज भी किया गया। उन्होंने कहा कि धरनास्थल पर छतरपुर के कलेक्टर और एसडीएम बिजावर भी पहुंचे थे। दिव्या ने बताया कि आंदोलन स्थल पर 600-700 ग्रामीण आदिवासी लोग थे। उनका कहना है कि पुलिस प्रशासन के अधिकारियों ने आंदोलनकारियों की मांगों पर कोई बातचीत नहीं की। उन्होंने लोगों को हटने को कहा और मना करने पर सीधा उठाना शुरू कर दिया।

दिव्या ने बताया कि अमित भटनागर केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट में 400 करोड़ का जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसे आज मीडिया के सामने खोलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने आज सुबह 5 बजे से ही हजारों की संख्या में हमारे सभी आंदोलनकारियों को और अमित भटनागर को आंदोलन स्थल से गिरफ्तार कर लिया है। उनका कहना है कि यदि अमित भटनागर को कुछ भी होता है और हमारे आंदोलनकारियों में से एक भी व्यक्ति को खरोंच भी आती है तो उसका जिम्मेदार प्रशासन होगा। डाउन टू अर्थ ने इस संबंध में प्रशासन का पक्ष जानने के लिए एक प्रशासनिक अधिकारी को फोन किया लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो गया।

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