अर्थ आवर क्या है? आप इस गर्म होती धरती में इस तरह बदलाव ला सकते हैं

अर्थ आवर के दौरान बिजली बचाएं, प्रकृति के साथ समय बिताएं और छोटे-छोटे कदम उठाकर इस गर्म होती अपनी धरती को सुरक्षित और सुंदर बनाने में योगदान दें।
अर्थ आवर का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूक करना है।
अर्थ आवर का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूक करना है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • अर्थ आवर का उद्देश्य लोगों को ऊर्जा बचाने और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूक करना है।

  • हर साल एक घंटे के लिए बिजली बंद करना हमारे ग्रह के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता दिखाता है।

  • ऊर्जा बचाने के छोटे-छोटे कदम, जैसे बल्ब बदलना, मिलकर बड़े बदलाव और ग्रह की सुरक्षा में योगदान देते हैं।

  • मित्रों, परिवार और समुदाय को प्रेरित करके अधिक लोग शामिल हों, तो अर्थ आवर का प्रभाव और भी बड़ा होता है।

  • 2007 में ऑस्ट्रेलिया में शुरू हुआ यह आंदोलन आज 35 देशों और सात महाद्वीपों में पर्यावरण जागरूकता फैलाता है।

हर साल मार्च के अंत में, दुनिया भर के लोग एक विशेष आयोजन के लिए एक घंटे के लिए अपने बिजली के उपकरण बंद कर देते हैं। इस आयोजन का नाम है अर्थ आवर या पृथ्वी घंटा। इस साल, 28 मार्च, शनिवार को 20वां अर्थ आवर मनाया जाएगा। यह एक ऐसा समय है जब हम अपने ग्रह के बारे में सोचते हैं और यह समझते हैं कि हमारे जीवन की सुविधा की कीमत प्रकृति को कितनी चुकानी पड़ रही है।

आज के समय में बिजली हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। हम अपने मोबाइल फोन, टीवी, फ्रिज और अन्य उपकरणों के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हमें हाथ से कपड़े धोने पड़ें, आग जलाकर पानी गर्म करना पड़े या अंधेरे में सोना पड़े तो हमारा जीवन कैसा होगा? कुछ समय पहले, यह सभी चीजें सामान्य जीवन का हिस्सा थीं।

बिजली बचाने के छोटे-छोटे कदम

अर्थ आवर का एक उद्देश्य यह है कि हम अपनी ऊर्जा की खपत को कम करने के तरीके खोजें। रोजमर्रा की छोटी-छोटी चीजें जैसे कि पारंपरिक बल्ब की जगह ऊर्जा बचाने वाले बल्ब का इस्तेमाल करना, हमारे ग्रह के लिए बड़ा फर्क डाल सकता है। अगर लाखों लोग यह छोटे कदम उठाएं, तो इससे ऊर्जा की बचत और पर्यावरण की सुरक्षा में बड़ा योगदान होगा।

हमारे छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े बदलाव ला सकते हैं। इसलिए पृथ्वी घंटे के दौरान सिर्फ एक घंटे के लिए बिजली बंद करना ही नहीं, बल्कि अपने रोजमर्रा के जीवन में भी ऊर्जा बचाने की आदत डालना बहुत महत्वपूर्ण है।

मित्रों और परिवार के साथ साझा करें

अर्थ आवर की ताकत समाज में एकजुटता में है। अपने मित्रों, परिवार और सहकर्मियों को भी इस आयोजन में शामिल होने के लिए प्रेरित करें। जब अधिक लोग इसमें भाग लेते हैं, तो इसका प्रभाव अधिक होता है। यह केवल एक घंटे का समय है, लेकिन यह हमें साल के बाकी 8,760 घंटे के लिए प्रेरणा देता है कि हम अपने ग्रह के प्रति जिम्मेदार बनें।

अर्थ आवर का इतिहास

अर्थ आवर की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया से हुई थी। 2004 में, विश्व प्रकृति कोष (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ) ने सिडनी में एक विज्ञापन एजेंसी के साथ मिलकर विचार किया कि लोग जलवायु परिवर्तन के बारे में कैसे जागरूक हो सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप 2007 में सिडनी में पहला अर्थ आवर आयोजित किया गया। इस आयोजन में शहर के लोग शाम 7:30 बजे अपने प्रकाश बंद कर दिया।

इस विचार ने जल्दी ही अन्य देशों में भी लोकप्रियता पाई। 2007 में सैन फ्रांसिस्को में “लाइट्स आउट” कार्यक्रम हुआ। 2008 तक, 35 देशों ने इस पहल में भाग लिया और दुनिया के सभी सात महाद्वीपों में लोग 8 से 9 बजे तक अपनी लाइट्स बंद कर अपनी भागीदारी दिखाई।

अर्थ आवर सिर्फ एक प्रतीकात्मक कदम नहीं है, बल्कि यह हमें हमारे पर्यावरण और ऊर्जा की खपत के प्रति जागरूक करता है। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमारी छोटी-छोटी आदतें किस तरह से हमारे ग्रह पर असर डालती हैं।

इस 28 मार्च, आप भी अर्थ आवर में हिस्सा लें। बिजली बंद करें, प्रकृति के साथ समय बिताएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। याद रखें, एक घंटा हमारे ग्रह के लिए एक बड़ा संदेश है। छोटे प्रयासों से ही बड़े बदलाव आते हैं। अगर हम सभी मिलकर इस प्रयास में भाग लें, तो हम अपने ग्रह को सुरक्षित और सुंदर बना सकते हैं।

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