संसद में आज: सरकार ने माना कि पश्चिम एशिया संघर्ष से रुपया डॉलर के मुकाबले 5.8 प्रतिशत कमजोर हुआ

आज, संसद के दोनों सदनों में इलेक्ट्रिक वाहन, ग्रामीण रोजगार, कृषि, स्तनपान व पश्चिम एशिया संघर्ष का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव समेत कई मुद्दों पर उठे सवालों का विभिन्न मंत्रालयों द्वारा जवाब दिया गया।
संसद में आज: सरकार ने माना कि पश्चिम एशिया संघर्ष से रुपया डॉलर के मुकाबले 5.8 प्रतिशत कमजोर हुआ
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सारांश
  • केंद्र सरकार ने साल 2047 तक इलेक्ट्रिक वाहनों की कोई संख्या तय नहीं की, लेकिन कई योजनाओं से ईवी अपनाने को बढ़ावा दिया।

  • ग्रामीण रोजगार, कृषि, सौर ऊर्जा और स्वास्थ्य क्षेत्रों के लिए सरकार ने बजट, योजनाओं और नई उपलब्धियों की जानकारी संसद में दी।

  • देश में सकल फसल क्षेत्र, फसल सघनता, खाद्यान्न तथा बागवानी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज कर कृषि क्षेत्र की प्रगति दर्शाई गई।

  • पीएम सूर्य घर योजना से लाखों परिवारों को रूफटॉप सोलर का लाभ मिला, जबकि ओडिशा में अपतटीय पवन परियोजना नहीं बनी।

  • पश्चिम एशिया संघर्ष से रुपया कमजोर हुआ, फिर भी सरकार ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत और विकासशील बताया।

देश में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति

सदन में उठाए गए एक सवाल का लिखित जवाब देते हुए आज, भारी उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री भूपतिराजु श्रीनिवास वर्मा ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा कि भारत सरकार ने साल 2047 तक सड़कों पर इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की कोई निश्चित संख्या का लक्ष्य तय नहीं किया है। हालांकि सरकार देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चला रही है।

इन योजनाओं में फेम इंडिया योजना द्वितीय चरण, ऑटोमोबाइल एवं ऑटो कंपोनेंट्स के लिए पीएलआई योजना, एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी स्टोरेज पीएलआई योजना, पीएम ई-ड्राइव योजना, पीएम ई-बस सेवा–पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (पीएसएम) योजना तथा भारत में इलेक्ट्रिक यात्री कारों के निर्माण को बढ़ावा देने की योजना शामिल हैं।

भारी उद्योग मंत्रालय इन योजनाओं का संचालन करता है। वर्मा ने स्पष्ट किया है कि ये योजनाएं मांग आधारित हैं, इसलिए राज्यों के लिए अलग-अलग धनराशि निर्धारित नहीं की जाती। तेलंगाना सहित कई राज्यों ने अपनी अलग इलेक्ट्रिक वाहन नीति भी बनाई है।

विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)

सदन में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में आज, ग्रामीण विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने लोकसभा में कहा कि ग्रामीण इलाकों में रोजगार और आजीविका को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के लिए साल 2026-27 में बड़ा बजट रखा है। एक जुलाई 2026 से 31 मार्च 2027 की अवधि के लिए 95,692.31 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा एक अप्रैल 2026 से 30 जून 2026 तक की पहली तिमाही के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 30,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट भी दिया गया है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराना और उनकी आय बढ़ाना है।

कृषि भूमि और कृषि उत्पादन

देश में कृषि भूमि और कृषि उत्पादन को लेकर सदन में उठे एक सवाल के जवाब में आज, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में बताया कि भारत में कृषि क्षेत्र लगातार प्रगति कर रहा है। साल 2014-15 में देश का सकल फसल क्षेत्र 198.28 मिलियन हेक्टेयर था, जो साल 2024-25 में बढ़कर 225.19 मिलियन हेक्टेयर हो गया है।

इसी प्रकार फसल सघनता वर्ष 2014-15 के 142.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 159.7 प्रतिशत हो गई है। इसका अर्थ है कि किसान अब एक ही भूमि पर साल में एक से अधिक फसलें उगा रहे हैं

ठाकुर ने कहा कि खाद्यान्न उत्पादन भी लगातार बढ़ा है। साल 2014-15 में यह 252.02 मिलियन टन था, जबकि वर्ष 2025-26 के अग्रिम अनुमान के अनुसार यह 376.56 मिलियन टन तक पहुंच गया है। बागवानी उत्पादन भी 280.98 मिलियन टन से बढ़कर 377.77 मिलियन टन हो गया है। मंत्री ने आगे कहा कि ये उपलब्धियां आधुनिक तकनीक, बेहतर कृषि नीतियों और किसानों के बढ़ते प्रयासों का परिणाम हैं।

पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना

सदन में पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए आज, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में कहा कि पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना का उद्देश्य देश के घरों में रूफटॉप सोलर प्रणाली लगाकर स्वच्छ और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना है। इस योजना का लाभ देश के सभी ग्रिड से जुड़े घरेलू बिजली उपभोक्ता, जिनमें ग्रामीण परिवार भी शामिल हैं, उठा सकते हैं।

साल 2025-26 के दौरान 18.71 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए गए, जिनसे 6.7 गीगावाट क्षमता जुड़ी और 22.71 लाख परिवारों को लाभ मिला। फरवरी 2024 में योजना शुरू होने से लेकर 22 जुलाई 2026 तक कुल 39,72,447 रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं, जिनसे 48,02,717 परिवार लाभान्वित हुए हैं।

ओडिशा में अपतटीय पवन ऊर्जा

सदन में उठाए गए एक और सवाल के जवाब में आज, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय तथा विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में बताया कि ओडिशा के समुद्री इलाकों में लगभग 50 मीटर की गहराई तट से लगभग 100 किलोमीटर तक फैली हुई है। इसके साथ ही वहां क्षमता उपयोग कारक भी कम है। इन कारणों से अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाएं आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी नहीं मानी गई हैं।

इसी कारण वर्तमान में ओडिशा में कोई भी अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजना न तो चिन्हित की गई है और न ही स्वीकृत की गई है।

देश में स्तनपान की स्थिति

देश में स्तनपान को लेकर सदन में उठे एक प्रश्न के उत्तर में आज, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राज्यसभा में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 का हवाला दिया। जिसमें कहा गया है कि बच्चों को जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान कराने की दर में सुधार हुआ है। यह दर एनएफएचएस-5 (2019-21) के 41.8 प्रतिशत से बढ़कर 50.1 प्रतिशत हो गई है।

पटेल ने कहा कि छह महीने से कम आयु के बच्चों को स्तनपान कराने का प्रतिशत भी 95.1 प्रतिशत से बढ़कर 95.6 प्रतिशत हो गया है। आंकड़ों के अनुसार, केवल पहले छह महीने तक केवल स्तनपान कराने की दर सामाजिक परंपराओं, परिवार की आदतों, शिशु को दिए जाने वाले अन्य खाद्य पदार्थों तथा स्तनपान की आवृत्ति जैसे कई कारणों से प्रभावित होती है।

पश्चिम एशिया संघर्ष का भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

सदन में उठाए गए के सवाल का लिखित जवाब देते हुए आज, वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने राज्यसभा में बताया कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का कुछ प्रभाव भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा है। 27 फरवरी 2026 से 22 जुलाई 2026 तक भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 5.8 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

फिर भी सरकार का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। पिछले तीन वर्षों में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर सात प्रतिशत से अधिक रही है। मजबूत घरेलू मांग, कंपनियों की अच्छी वित्तीय स्थिति और संतुलित राजकोषीय नीति के कारण अर्थव्यवस्था में स्थिरता बनी हुई है।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में भी वृद्धि दर्ज की गई है। अप्रैल 2026 में इसकी वृद्धि 4.9 प्रतिशत और मई 2026 में 5.1 प्रतिशत रही। यह दर्शाता है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की औद्योगिक गतिविधियां आगे बढ़ रही हैं।

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