गरीब परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध करने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजना के बजट में कटौती की गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत किए गए बजट में इस योजना के मद में पिछले साल के संशोधित (आरई) बजट के मुकाबले लगभग 28 प्रतिशत कम राशि का प्रावधान किया गया है।
बजट डॉक्यूमेंट के मुताबिक साल 2024-25 में गरीब परिवारों के एलपीजी कनेक्शन का वास्तविक बजट 12,700 करोड़ रुपए था, उसे 2025-26 के अनुमानित बजट में घटा कर 9,100 करोड़ रुपए किया गया, लेकिन इसमें संशोधन करके 12,736 करोड़ रुपए कर दिया गया। परंतु 1 फरवरी 2026 को प्रस्तुत साल 2026-27 के अनुमानित बजट में फिर से इसे घटाकर 9,200 करोड़ रुपए किया गया है, जो संशोधित अनुमान के मुकाबले लगभग 28 प्रतिशत कम है।
यह योजना गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवनयापन करने वाले परिवारों को सहायता देने के लिए है, ताकि उन्हें केरोसिन, कोयला, जलावन लकड़ी, गोबर और फसल अवशेष जैसे पारंपरिक और प्रदूषणकारी ईंधनों से हटाकर स्वच्छ ईंधन की ओर प्रेरित किया जा सके।
इस योजना के तहत बीपीएल परिवारों को नए एलपीजी कनेक्शन दिए जाते हैं। कनेक्शन उपलब्ध कराते समय उन राज्यों और क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है, जहां अब तक इस योजना का कवरेज कम रहा है।
एलपीजी सब्सिडी में भी घालमेल
यहां उल्लेखनीय है कि गरीब परिवारों को रसोई गैस पर सब्सिडी दी जाती है। पहले यह सब्सिडी सभी परिवारों को दी जाती थी, लेकिन बाद में इसे कई राज्यों में बंद कर दिया गया। अब केवल गरीब परिवारों को यह सब्सिडी दी जाती है। साल 2024-25 में 375 करोड़ रुपए की सब्सिडी सीधे खातों में दी गई थी, लेकिन साल 2025-26 में अनुमानित बजट 1500 करोड़ रुपए किया गया। बावजूद इसके संशोधन 1000 करोड़ कर दिया गया और अब इसे फिर से बढ़ा कर 1500 करोड़ रुपए किया गया है। अब देखना यह है कि आने वाले समय में कितना संशोधित किया जाता है।
पीएम इंटर्नशिप स्कीम में क्या चल रहा है?
पीएम इंटर्नशिप स्कीम 2025-26 के आम बजट में 10,831.07 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया था, लेकिन बाद में संशोधित करते हुए केवल 526.39 करोड़ रुपए कर दिया गया। अब 2026-28 के अनुमानित बजट में इसे 4799.96 करोड़ रुपए किया गया है। अगर संशोधित बजट से तुलना की जाए तो अच्छी खासी वृद्धि की गई है, लेकिन अगर पिछले साल के अनुमानित बजट के मुकाबले आधे से भी कम दिया गया है। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस योजना में कुछ ठीक नहीं चल रहा है।
प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना नामक एक नई योजना को बजट 2024-25 में शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य देश की शीर्ष 500 कंपनियों में पाँच वर्षों के दौरान एक करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि युवाओं को व्यावहारिक कार्य अनुभव मिल सके और उनकी रोजगार क्षमता बढ़ाई जा सके।
महिलाओं व बच्चों का बजट बढ़ाया
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बजट 2025-26 के संशोधित अनुमान 24,374 करोड़ रुपए था, जिसे 2026-27 के अनुमानित बजट में बढ़ाकर 2026-27 में 28,183 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यानी लगभग 3,809 करोड़ रुपये (करीब 15.6%) की बढ़ोतरी की गई है।
इस मंत्रालय की सबसे बड़ी योजना सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 है। इसका आवंटन 2025-26 के संशोधित अनुमान 20,949 करोड़ से बढ़ाकर 23,100 करोड़ रुपए किया गया है। है। यानी लगभग 2,150 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। जो करीब 10.3 प्रतिशत है। यह मंत्रालय के कुल बजट का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा बनता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की एक ओर योजना है मिशन वात्सल्य। इस बजट 2025-26 के संशोधित अनुमान 1,100 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 1,550 करोड़ रुपये हो गया, यानी 450 करोड़ रुपये यानी लगभग 40.9 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी की गई है।
महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार द्वारा मिशन शक्ति चलाया है। इसके बजट में भी उल्लेखनीय बढ़त की गई है। 2025-26 के संशोधित अनुमान 2,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2026-27 में 3,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, यानी 1,200 करोड़ रुपये यानी लगभग 60 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
हालांकि, 2025-26 के संशोधित अनुमानों में कई योजनाओं में मूल बजट की तुलना में कटौती दिखती है, जैसे मिशन वात्सल्य में 400 करोड़ रुपये की कमी, जो क्रियान्वयन संबंधी बाधाओं की ओर इशारा करती है।