बजट 2026-27: महिला सशक्तिकरण के लिए आजीविका मिशन के बजट में 20 प्रतिशत की वृद्धि

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के प्रोग्राम कंपोनेंट में 2,880 करोड़ रुपए बढ़ाए
बांस की टोकरी बनाती कमार जनजाति की एक महिला। फाइल फोटो: पुरुषोत्तम ठाकुर
बांस की टोकरी बनाती कमार जनजाति की एक महिला। फाइल फोटो: पुरुषोत्तम ठाकुर
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आम बजट 2026-27 में केंद्र सरकार ने दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) के प्रोग्राम कंपोनेंट में 2,880 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी की है। 2025-26 के संशोधित बजट अनुमानों में इस कंपानेंट के लिए 14,400 रुपए का आवंटन हुआ था। मौजूदा बजट में यह राशि बढ़ाकर 17,280 करोड़ रुपए कर दी गई है यानी 20 प्रतिशत का इजाफा किया गया है। हालांकि 2025-26 के बजट अनुमानों में 17,104 करोड़ रुपए का आवंटन था, जिसे संशोधित बजट अनुमानों में कम कर दिया गया था।

जून 2011 में शुरू हुए डीएवाई-एनआरएलएम का लक्ष्य गरीब ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) में संगठित करना और लगभग 10 करोड़ महिलाओं को लक्षित करते हुए स्थायी आय वृद्धि और बेहतर जीवन स्तर हासिल करने में उनकी मदद करना है। यह कार्यक्रम आजीविका गतिविधियों के लिए एसएचजी और उनके फेडरेशन को रिवॉल्विंग फंड (आरएफ) और सामुदायिक निवेश फंड (सीआईएफ) के माध्यम से मुख्य वित्तीय सहायता प्रदान करता है।

केंद्र सरकार का ग्रामीण विकास मंत्रालय डीएवाई-एनआरएलएम के तहत लखपति दीदी कार्यक्रम का संचालन करता है। 15 अगस्त 2023 को इस कार्यक्रम को मिशन में शामिल किया गया था। केंद्र सरकार के अनुसार, देश में इस वक्त 4.11 करोड़ लखपति दीदी हैं, जिनकी सालाना आमदनी लगातार एक लाख से ऊपर बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखपति दीदी कार्यक्रम के लिए अपनी सरकार की पीठ थपथपाते रहते हैं और इसे महिला सशक्तिकरण की मिसाल के तौर पर पेश करते हैं। प्रधानमंत्री ने अगस्त 2024 में महराष्ट्र के जलगांव में 11 लाख नई लखपति दीदियों को सम्मानित कर प्रणाम पत्र वितरित किए गए थे। 2025 के स्वतंत्रता दिवस के भाषण में भी उन्होंने लखपति दीदियों का जिक्र किया था।

केंद्र सरकार की महिला केंद्रित योजनाएं उसे सत्ता में बनाए रखने की चाबी बन गई है। लखपति दीदी भी इसी की एक कड़ी है। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में लखपति दीदी को याद करते हुए कहा कि लखपति दीदी कार्यक्रम की सफलता से आगे बढ़ते हुए मैं महिलाओं को ऋण आधारित आजीविका से उद्यमों का स्वामी बनने के लिए अगला कदम उठाने में मदद करने का प्रस्ताव करती हूं। उन्होंने आगे कहा कि संवर्धित व नवाचार वित्तपोषित लिखतों के माध्यम से क्लस्टर स्तरीय संघों के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाले खुदरा आउटलेट के रूप में स्वयं सहायता उद्यम (शी) मार्ट स्थापित किए जाएंगे।

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