एनजीटी ने एमसीडी से पूछा पौधारोपण में लगाए गए कितने पौधे बचे जीवित

एनजीटी ने दोबारा से सभी पौधों की गिनती और जियो टैगिंग के निर्देश दिए हैं
फोटो: आईस्टॉक
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राष्ट्रीय राजधानी के पश्चिम विहार में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की ओर से पौधारोपण के तहत लगाए गए पौधों की स्थिति और उनके जीवित रहने को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने संयुक्त निरीक्षण कराने का निर्देश दिया है। अधिकरण ने एमसीडी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) को दोबारा मौके पर जाकर पौधों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने और सभी लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

एनजीटी की प्रधान पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। इस पीठ में न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य के तौर पर डॉ. अफरोज अहमद शामिल हैं।

सुनवाई के दौरान अधिकरण ने जीएनसीटीडी की ओर से प्रस्तुत निरीक्षण रिपोर्ट पर संज्ञान लिया। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम विहार में एमसीडी की ओर से लगाए गए पौधों में से 976 पौधे जीवित पाए गए। हालांकि, निरीक्षण में यह भी सामने आया कि लगाए गए अधिकांश पौधों की ऊंचाई छह फीट से कम थी।

पौधारोपण की स्थिति में कमी को देखते हुए एनजीटी ने एमसीडी को मृत पौधों के स्थान पर नए पौधे लगाने के निर्देश दिए। अधिकरण ने पौधों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय करने को भी कहा है। इसमें पौधों को सुरक्षित रखने के लिए ट्री गार्ड उपलब्ध कराना भी शामिल है।

दोबारा होगा संयुक्त निरीक्षण

एनजीटी ने एमसीडी और जीएनसीटीडी को संयुक्त रूप से पश्चिम विहार में दोबारा निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। इस निरीक्षण में लगाए गए पौधों की वास्तविक स्थिति और उनके जीवित रहने की स्थिति का मौके पर आकलन किया जाएगा।

अधिकरण ने सभी लगाए गए पौधों की जियो-टैगिंग सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। इससे पौधारोपण के स्थान और पौधों की स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकेगा तथा भविष्य में उनकी निगरानी और सत्यापन किया जा सकेगा।

एनजीटी ने दोनों एजेंसियों को किए गए कार्य और निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले प्रस्तुत करने को कहा है।

इस तरह अधिकरण ने केवल पौधे लगाए जाने के आंकड़ों के बजाय उनके वास्तविक रूप से जीवित रहने और मौके पर मौजूद होने की पुष्टि को भी निगरानी का हिस्सा बनाया है।

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