दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में पहली बार एच5 बर्ड फ्लू की पुष्टि, मरेलैंड्स में ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न पक्षी मिला संक्रमित।
जून से अब तक ऑस्ट्रेलिया में बर्ड फ्लू के 74 मामले दर्ज, पक्षियों और वन्यजीवों पर बढ़ा खतरा।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में 40 पक्षियों में संक्रमण की पुष्टि, जबकि 34 संदिग्ध मामलों की जांच जारी है।
एच5 वायरस पक्षियों के लिए ज्यादा घातक, विशेषज्ञों ने संक्रमण रोकने के लिए सतर्कता बरतने की सलाह दी।
मोनार्टो सफारी पार्क में सुरक्षा उपाय मजबूत, अधिकारियों ने लोगों से संक्रमित पक्षियों से दूर रहने की अपील की।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के मरेलैंड्स इलाके में पहली बार खतरनाक एच5 बर्ड फ्लू का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, मोनार्टो क्षेत्र में मिले एक ग्रेटर क्रेस्टेड टर्न पक्षी में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। यह पक्षी उन छह संदिग्ध मामलों में शामिल था, जिनकी जांच शनिवार, एक अगस्त, 2026 को की गई थी।
ऑस्ट्रेलियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिपेयर्डनेस के अनुसार, राज्य में अब तक कई पक्षियों में इस वायरस की पुष्टि हो चुकी है। इसके अलावा कई अन्य पक्षियों के नमूनों की जांच जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस बार फैल रहा एच5 वायरस सामान्य बर्ड फ्लू की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल सकता है और पक्षियों के लिए अधिक घातक साबित हो सकता है।
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में 40 पक्षियों में इस बीमारी की पुष्टि हो चुकी थी, जबकि 34 अन्य संदिग्ध मामलों की जानकारी है। जून में देश में पहली बार सामने आने के बाद से अब तक पूरे ऑस्ट्रेलिया में इस घातक वायरस के 74 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
पक्षियों के लिए बड़ा खतरा
बर्ड फ्लू एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है। यह बीमारी पानी में रहने वाले पक्षियों, शिकारी पक्षियों और घरेलू मुर्गियों जैसे कई प्रकार के पक्षियों में फैल सकती है। संक्रमित पक्षियों की मौत भी हो सकती है, जिससे वन्यजीवों और पोल्ट्री उद्योग पर बड़ा असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वायरस पक्षियों के शरीर के तरल पदार्थ, मल, पंख और संक्रमित जगहों के संपर्क से फैलता है। दूषित पानी, भोजन, मिट्टी या अन्य सतहों के जरिए भी इसका संक्रमण फैल सकता है। हालांकि बर्ड फ्लू का मुख्य असर पक्षियों पर होता है, लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह अन्य जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। इससे समुद्री स्तनधारी, बिल्ली, सूअर, बकरी और कुछ अन्य जानवर प्रभावित हो सकते हैं। इंसानों में संक्रमण बहुत दुर्लभ है।
इंसानों के लिए अभी बड़ा खतरा नहीं
रिपोर्ट में स्वास्थ्य अधिकारियों के हवाले से कहा गया है कि मौजूदा एच5 वायरस को लेकर इंसानों में सीधे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलने का कोई सबूत नहीं मिला है। फिर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
सरकार ने लोगों से कहा है कि वे बीमार या मृत पक्षियों को हाथ न लगाएं। अगर कोई संदिग्ध पक्षी दिखाई देता है तो उसकी जानकारी अधिकारियों को दें और संभव हो तो उसकी फोटो या वीडियो भी लें। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे अपने पालतू जानवरों को संक्रमित या मृत पक्षियों से दूर रखें।
मोनार्टो सफारी पार्क में सुरक्षा बढ़ाई गई
रिपोर्ट के अनुसार, मोनार्टो सफारी पार्क के में पहले से ही बर्ड फ्लू से बचाव के लिए कई सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं। आगे बताया गया कि पार्क कई वर्षों से इस तरह की स्थिति के लिए तैयारी कर रहा था।
पार्क में संवेदनशील पक्षियों के रहने वाले स्थानों को सुरक्षित बनाया गया है। जंगली पक्षियों और वहां मौजूद जानवरों के बीच संपर्क कम करने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। इसके अलावा निगरानी के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल पार्क खुला है और पर्यटक यहां सुरक्षित रूप से आ सकते हैं। लेकिन लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी बीमार या मृत पक्षी को न छुएं और तुरंत इसकी सूचना दें।
लोगों की सतर्कता से मिलेगी मदद
दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की प्राथमिक उद्योग मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि राज्य के लोगों ने बर्ड फ्लू को लेकर अच्छी सतर्कता दिखाई है। आम लोगों की जानकारी, विशेषज्ञों की निगरानी और हवाई सर्वेक्षणों की मदद से संक्रमण के मामलों का जल्दी पता लगाया जा रहा है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकार वन्यजीव विशेषज्ञों, उद्योगों और आम जनता के साथ मिलकर काम कर रही है, ताकि एच5 बर्ड फ्लू के खतरे को नियंत्रित किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सावधानी और समय पर सूचना देने से पक्षियों और वन्यजीवों की सुरक्षा में बड़ी मदद मिलेगी।