हरियाणा का पंचगांव बना सबसे प्रदूषित शहर, एक्यूआई 426 पर पहुंचा, दिल्ली सहित 13 शहरों की हवा 'बहुत खराब'

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा छह नवंबर 2026 को शाम 4 बजे देश के 280 शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) जारी किया गया
फोटो: विकास चौधरी/ सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई)
फोटो: विकास चौधरी/ सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई)
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देश में वायु प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के 6 नवंबर 2026 को शाम चार बजे जारी बुलेटिन के मुताबिक, देश के 280 शहरों के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के आंकड़े उपलब्ध हैं। इनमें दो शहरों में हवा ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गई है।

हरियाणा के पंचगांव में एक्यूआई 426 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले के 406 से 20 अंक अधिक है। उत्तर प्रदेश के गजरौला में यह 407 पर बना हुआ है। इस तरह पंचगांव देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। गंभीर श्रेणी में 401 से 500 के बीच का एक्यूआई आता है।

‘बहुत खराब’ श्रेणी में 18 शहरों की हवा रही। इनमें हरियाणा के बल्लभगढ़ में सबसे अधिक 397 एक्यूआई दर्ज किया गया। दिल्ली में यह 382, राजस्थान के खैरथल में 378 और गुरुग्राम में 368 रहा। अनपरा और भिवानी में 353-353, बहादुरगढ़ में 328, हिसार में 333, मानेसर में 332, मंडी गोबिंदगढ़ में 331, भिवाड़ी में 335, फरीदाबाद में 313, ग्रेटर नोएडा में 316, नोएडा में 303, चरखी दादरी में 310, रोहतक और सवाई माधोपुर में 306-306 तथा ओडिशा के बिलाईपाड़ा में 348 एक्यूआई दर्ज किया गया।

‘खराब’ श्रेणी में 38 शहरों का एक्यूआई दर्ज किया गया। इनमें बागपत (296), रोहतक नहीं, बल्कि अंबाला (270), खुर्जा (280), पारादीप (274), धारूहेड़ा (272), सोनीपत (270), खोड़ा (270), मेरठ (265), बड़ौत (263), मोदीनगर (262), गाजियाबाद (257), जींद (252), मंडीदीप (249), ग्वालियर (247), कुरुक्षेत्र (243), गोपालगंज (240), कानपुर (238), दौसा (232), चूरू (231), बुलंदशहर (230), सीकर (227), नागौर (225), अलवर और झुंझुनूं (224-224), किउल (222), करौली (215), पानीपत (214), श्रीगंगानगर (213), करनाल (212), मोतिहारी (211), जैसलमेर (210), नारनौल (209), जयपुर (207), लुधियाना (204), भोपाल और मुजफ्फरनगर (203-203) तथा पटियाला (201) शामिल हैं।

एक दिन में कई शहरों में प्रदूषण तेजी से बढ़ा है। 5 नवंबर के मुकाबले बल्लभगढ़ का एक्यूआई 316 से बढ़कर 397 यानी 81 अंक ऊपर पहुंच गया। ग्रेटर नोएडा में 238 से बढ़कर 316 (78 अंक की बढ़ोतरी), गुरुग्राम में 331 से बढ़कर 368 (37 अंक) और दिल्ली में 369 से बढ़कर 382 (13 अंक) हो गया। फरीदाबाद में भी यह 303 से बढ़कर 313 दर्ज किया गया।

वहीं गजरौला का एक्यूआई 407 पर स्थिर रहा, जबकि पंचगांव में 406 से बढ़कर 426 पहुंच गया। सीपीसीबी के अनुसार, 301 से 400 के बीच एक्यूआई ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। गंभीर श्रेणी की हवा स्वस्थ लोगों को भी प्रभावित कर सकती है और पहले से बीमार लोगों पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।

दिल्ली के 28 केंद्रों में 'गंभीर' हालात

दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। शहर के 28 निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार यानी ‘गंभीर’ श्रेणी में दर्ज किया गया। इनमें पंजाबी बाग में सबसे अधिक 455 एक्यूआई रहा। इसके बाद रोहिणी और जहांगीरपुरी में 449-449, डीटीयू में 445, आरके पुरम में 443, मुंडका में 438, नॉर्थ कैंपस में 431, नजफगढ़ और विवेक विहार में 430-430 तथा बवाना और सोनिया विहार में 428-428 एक्यूआई दर्ज किया गया। अलीपुर में यह 427 और सिरीफोर्ट में 426 रहा।

अन्य निगरानी केंद्रों में द्वारका सेक्टर-8, नरेला और ओखला फेज-2 में 425-425, डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 421, एनएसयूटी जाफरपुर में 418, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 415, आईटीओ और पटपड़गंज में 414-414, जेएनयू और पूसा में 410-410, मंदिर मार्ग में 407, बुराड़ी क्रॉसिंग में 404 तथा सीआरआरआई मथुरा रोड और चांदनी चौक में 403-403 एक्यूआई दर्ज किया गया। इस तरह दिल्ली के इन सभी निगरानी केंद्रों पर हवा गंभीर श्रेणी में रही।