उत्तर पश्चिम अफ्रीका में टिड्डी दलों की हलचल बढ़ी, एफएओ ने चेताया

एफएओ ने प्रभावित देशों से निगरानी तेज करने और समय रहते नियंत्रण उपाय अपनाने की अपील की
फाइल फोटो: सीएसई
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संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने उत्तर पश्चिम अफ्रीका के देशों को आगाह किया है कि वे टिड्डियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए निगरानी और नियंत्रण कार्य तेज करें।

एफएओ के मुताबिक इन दिनों वहां का वसंत प्रजनन मौसम चल रहा है और टिड्डी दलों की संख्या में असामान्य वृद्धि देखी गई है।

सहेल क्षेत्र (अर्थात दक्षिणी अल्जीरिया, उत्तरी माली, नाइजर और चाड) से टिड्डी समूह हवाओं और वर्षा की अनुकूल परिस्थितियों के चलते उत्तरी दिशा में बढ़े हैं और अब अल्जीरिया के होगर पर्वत, लीबिया के फेजान क्षेत्र, ट्यूनिशिया और पश्चिमी लीबिया तक पहुंच गए हैं।

इन क्षेत्रों में सर्दियों और शुरुआती वसंत में अच्छी बारिश हुई है, जिससे वनस्पति में वृद्धि हुई है और यही स्थितियां टिड्डी प्रजनन के लिए अनुकूल मानी जाती हैं।

प्रेस को जारी एक बयान में एफएओ के टिड्डी निगरानी और पूर्वानुमान अधिकारी सायरिल पियू ने बताया, "अगर समय रहते इन स्थानों पर सर्वे और नियंत्रण अभियान नहीं चलाए गए, तो मई-जून तक टिड्डियों के ये समूह छोटे दलों में बदल सकते हैं और फसलों व चरागाहों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।"

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एफएओ ने विशेष रूप से मोरक्को के एटलस पर्वत के दक्षिण, अल्जीरिया के सहारा क्षेत्र, ट्यूनिशिया के दक्षिणी हिस्से और लीबिया के पश्चिमी क्षेत्र में गहन जमीनी सर्वेक्षण और नियंत्रण कार्यों की सिफारिश की है। एफएओ की दो एजेंसियां लगातार प्रभावित देशों को तकनीकी मार्गदर्शन और वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।

टिड्डी एक विनाशकारी कीट है। एक वर्ग किलोमीटर का टिड्डी दल एक दिन में 35,000 लोगों के बराबर भोजन चट कर सकता है। इसलिए समय पर पहचान और तत्काल कार्रवाई ही इसे रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है।

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