पश्चिमी विक्षोभ के असर से हिमालयी क्षेत्रों में पांच और छह फरवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
असम, बिहार, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में घने कोहरे से जनजीवन, यातायात और उड़ान सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उत्तराखंड में पाला पड़ने की आशंका, किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक एहतियाती कदम उठाने की सलाह।
दिल्ली-एनसीआर में फरवरी में ही तापमान 22 डिग्री तक पहुंचा, दिन की सर्दी धीरे-धीरे कम होने के संकेत।
मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में तेज हवाएं, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी।
इस समय उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक अलग-अलग मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं, जिनका असर आम जनजीवन, यात्रा, स्वास्थ्य और कृषि पर पड़ सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, पांच फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती प्रसार, जेट स्ट्रीम और समुद्री हवाओं के कारण आने वाले कुछ दिनों तक कई इलाकों में बारिश, बर्फबारी, घना कोहरा और तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी।
उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला पश्चिमी विक्षोभ इस समय हरियाणा और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। यह ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊंचाई पर भी इससे जुड़ा चक्रवाती प्रसार बना हुआ है।
इसके अलावा मध्य वायुमंडल में पश्चिमी हवाओं के साथ एक ट्रफ भी सक्रिय है। इन सभी गतिविधियों के कारण उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसमी बदलाव जारी रहेगा।
हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी
पश्चिमी विक्षोभ के असर से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। पांच और छह फरवरी को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
जबकि हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में छह फरवरी को बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। आज, उत्तराखंड में पाला पड़ने का अंदेशा है। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड और बढ़ सकती है, साथ ही सड़कों पर फिसलन और यातायात में बाधा आ सकती है।
साथ ही उत्तराखंड के में पाले के कारण सब्जियों और बागवानी फसलों पर असर पड़ सकता है। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करें।
दिल्ली-एनसीआर में मौसमी बदलाव की बात करें तो इस बार यहां उतनी सर्दी नहीं पड़ी जितनी कि इस मौसम के दौरान पड़ती है। यहां शीतलहर का प्रकोप भी कुछ ही दिन रहा। अब फरवरी माह में ही अधिकतम तापमान ने 21 डिग्री के ऊपर छलांग लगा दी है।
वहीं आज, दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान के 22 डिग्री सेल्सियस,न्यूनतम तापमान के सात डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है, यहां अगले सप्ताह तक दिन की सर्दी के धीरे-धीरे विदाई हो सकती है।
घने कोहरे की चेतावनी
देश के कई राज्यों में घना कोहरा छाए रहने की आशंका जताई गई है। यह स्थिति खासकर सुबह और रात के समय अधिक गंभीर हो सकती है। इन राज्यों में असम और मेघालय, बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में घना कोहरा छाने का अंदेशा जताया गया है।
घने कोहरे के कारण हवाई सेवाओं, रेल यातायात और सड़क यातायात पर असर पड़ सकता है। दृश्यता कम होने से वाहन चलाना कठिन हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। बहुत घने कोहरे वाले इलाकों में बिजली की लाइनों में खराबी या ट्रिपिंग की आशंका भी रहती है।
स्वास्थ्य पर कोहरे का प्रभाव
घना कोहरा केवल दृश्यता ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक हो सकता है। कोहरे में मौजूद धूल और प्रदूषक कण सांस के साथ शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। फेफड़ों पर असर: लंबे समय तक कोहरे में रहने से सांस लेने में दिक्कत, खांसी और घरघराहट हो सकती है। दमा और ब्रोंकाइटिस के मरीजों को अधिक परेशानी हो सकती है और उनकी समस्या बढ़ सकती है।
प्रदूषित हवा के कारण आंखों में लालिमा, जलन और सूजन हो सकती है। बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
आने वाले दिनों में देश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सात दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, लेकिन उत्तर प्रदेश में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।
मध्य भारत में अगले 48 घंटों में तापमान दो से तीन डिग्री तक गिर सकता है। वहीं, पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों में दो से चार डिग्री की गिरावट संभव है।
गुजरात में अगले चार दिन तापमान स्थिर रहेगा, उसके बाद गिरावट आ सकती है। जबकि महाराष्ट्र में पहले 24 घंटे कोई खास बदलाव नहीं होगा, फिर हल्की गिरावट संभव है। विभाग ने कहा है कि पूर्वोत्तर भारत में तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, चार फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 4.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दक्षिण भारत और समुद्री इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण भारत में केरल के दक्षिणी हिस्से और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके साथ ही केरल-कर्नाटक तट के पास एक ट्रफ भी सक्रिय है। इसके कारण तमिलनाडु और अरुणाचल प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा गया है कि मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में इजाफा होकर 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील हो सकती है। मौसम विभाग ने इन तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
लब्बोलुआब यह कि देश के कई इलाकों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। पहाड़ों में बारिश और बर्फबारी, मैदानी इलाकों में घना कोहरा, तापमान में गिरावट और समुद्री इलाकों में तेज हवाएं लोगों के रोजमर्रा के जीवन को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों पर ध्यान देना और आवश्यक सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है।