साल 2021 में पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों के लगभग 1.43 लाख बच्चों की मृत्यु खराब खाना खाने से जुड़ी बीमारियों के कारण हुई।  फोटो साभार: आईस्टॉक
स्वास्थ्य

दुनिया में हर नौ में से एक व्यक्ति दूषित खाने से बीमार पड़ता है, बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस 2026: सुरक्षित भोजन से बीमारियों की रोकथाम, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा और मजबूत, टिकाऊ खाद्य प्रणालियों के निर्माण पर विशेष जोर

Dayanidhi

  • साल 2021 में दुनिया भर में 86.6 करोड़ से अधिक लोग दूषित भोजन खाने से बीमार हुए, चिंता बढ़ी।

  • खराब भोजन के कारण 2021 में लगभग 15.2 लाख लोगों की मृत्यु हुई, सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ा।

  • पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों पर खाद्य जनित बीमारियों का 29 प्रतिशत स्वास्थ्य बोझ दर्ज हुआ।

  • खाद्य जनित बीमारियों से जुड़ा वैश्विक आर्थिक बोझ और उत्पादकता हानि 2021 में 310 अरब डॉलर आंकी गई।

  • कम और मध्यम आय वाले देशों में हर वर्ष 95.2 अरब डॉलर की उत्पादकता नुकसान के आसार।

हर साल सात जून को विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत 2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव के बाद की गई थी। इसका उद्देश्य लोगों को सुरक्षित भोजन के महत्व के प्रति जागरूक करना और खाद्य जनित बीमारियों को रोकने के लिए वैश्विक प्रयासों को मजबूत करना है।

साल 2026 की थीम - “बोझ से समाधान तक: हर जगह सुरक्षित भोजन” है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि वैज्ञानिक आंकड़ों और शोध के आधार पर ऐसे कदम उठाए जाएं जो भोजन को अधिक सुरक्षित बना सकें।

खाद्य जनित बीमारियां एक बड़ी चुनौती

खाद्य जनित बीमारियां तब होती हैं जब लोग ऐसे भोजन या पेय पदार्थों का सेवन करते हैं जो बैक्टीरिया, वायरस, परजीवी, रसायनों या विषैले तत्वों से दूषित होते हैं। ये बीमारियां दुनिया भर में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हुई हैं। खराब भोजन से पेट संबंधी संक्रमण, दस्त, उल्टी और कई अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। कई मामलों में यह जानलेवा भी साबित होती हैं।

इन बीमारियों का सबसे अधिक प्रभाव बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों पर पड़ता है। विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे इन बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।

क्या कहते हैं आंकड़े?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा जारी नवीनतम अनुमान बताते हैं कि साल 2021 में दुनिया भर में 86.6 करोड़ से अधिक लोग खाद्य जनित बीमारियों से प्रभावित हुए। इसी साल लगभग 15.2 लाख लोगों की मौत असुरक्षित भोजन के कारण हुई।

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में लगभग हर नौ में से एक व्यक्ति दूषित भोजन खाने के कारण बीमार पड़ता है। पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। साल 2021 में इस आयु वर्ग के लगभग 1.43 लाख बच्चों की मृत्यु असुरक्षित भोजन से जुड़ी बीमारियों के कारण हुई। यह कुल स्वास्थ्य बोझ का लगभग 29 प्रतिशत हिस्सा है।

अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है असर

खाद्य जनित बीमारियां केवल स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि अर्थव्यवस्था पर भी बड़ा बोझ डालती हैं। बीमार लोगों के इलाज पर खर्च बढ़ता है और कामकाजी लोगों की उत्पादकता घटती है। इससे उद्योग, व्यापार, पर्यटन और खाद्य आपूर्ति श्रृंखला पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

विश्व बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार, कम और मध्यम आय वाले देशों में खाद्य जनित बीमारियों के कारण हर साल लगभग 95.2 अरब अमेरिकी डॉलर की उत्पादकता का नुकसान होता है। वहीं, इन बीमारियों के उपचार पर लगभग 15 अरब अमेरिकी डॉलर का खर्च आता है।

साल 2021 में दुनिया भर में खाद्य जनित बीमारियों से जुड़ा कुल आर्थिक बोझ और उत्पादकता हानि लगभग 310 अरब अमेरिकी डॉलर आंकी गई थी। यह दर्शाता है कि खाद्य सुरक्षा केवल स्वास्थ्य का नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है।

सुरक्षित भोजन के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल सरकारों की नहीं है। किसान, खाद्य उत्पादक, व्यापारी, विक्रेता और उपभोक्ता सभी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भोजन के उत्पादन से लेकर उपभोग तक पूरी खाद्य श्रृंखला में सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है।

खाद्य सुरक्षा के लिए वैज्ञानिक प्रमाणों और खतरों के विश्लेषण पर आधारित निर्णय लेना बेहद जरूरी है। इससे संभावित खतरों की पहचान की जा सकती है और समय रहते रोकथाम के उपाय किए जा सकते हैं। साथ ही देशों के बीच तकनीकी सहयोग, अनुभवों का आदान-प्रदान और बेहतर नीतियों का विकास भी आवश्यक है।

सुरक्षित भोजन, स्वस्थ भविष्य

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि खाद्य सुरक्षा, पोषण और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। यदि भोजन सुरक्षित नहीं होगा तो लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित होगा और समाज का विकास भी बाधित होगा।

विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि सुरक्षित भोजन हर व्यक्ति का अधिकार है। वैज्ञानिक जानकारी, जागरूकता और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से खाद्य जनित बीमारियों को कम किया जा सकता है।

सुरक्षित भोजन न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है, बल्कि मजबूत अर्थव्यवस्था और टिकाऊ विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसलिए सुरक्षित भोजन को बढ़ावा देना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।