इस महीने भारत सरकार 14 वर्ष की लड़कियों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू करेगी।
पहले 90 दिनों तक सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त टीकाकरण, बाद में यू-विन पोर्टल से स्लॉट बुकिंग।
गावी के सहयोग से 2.6 करोड़ गार्डासिल टीकों की आपूर्ति, 1 करोड़ खुराक पहले ही पहुंच चुकी।
एचपीवी संक्रमण 85 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों का कारण, भारत में 1.25 लाख वार्षिक मामले दर्ज।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश पर एक खुराक नीति अपनाई गई, लंबे समय तक सुरक्षा पर अध्ययन जारी।
भारत सरकार इस महीने 14 साल की लड़कियों के लिए एक विशेष ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान शुरू करने जा रही है। यह फैसला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिया है। इस अभियान का उद्देश्य सर्वाइकल कैंसर यानी गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव करना है। सरकार ने विश्व स्वास्थ्य संगठन की सिफारिश के अनुसार एक खुराक (सिंगल डोज) वाली योजना अपनाने का निर्णय लिया है।
हर साल लगभग 1.15 करोड़ लड़कियां 14 वर्ष की उम्र पूरी करती हैं। ये सभी इस टीके के लिए पात्र होंगी। सरकार का मानना है कि 14 साल की उम्र में टीका लगाने से शरीर में सबसे मजबूत और लंबे समय तक सुरक्षा मिलती है।
अभियान कैसे चलेगा?
अभियान के पहले 90 दिनों तक 14 साल की लड़कियां अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर मुफ्त में टीका लगवा सकेंगी। इसके बाद टीकाकरण के लिए स्लॉट बुक करना होगा। यह बुकिंग यू-विन पोर्टल के माध्यम से की जाएगी, जैसा कि कोरोना काल में सीओ विन पोर्टल के जरिए किया जाता था।
सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लड़कियां इस टीके का लाभ उठाएं। स्वास्थ्य और स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध रहेगी।
कौन सा टीका लगाया जाएगा?
इस अभियान में शुरुआत में गार्डासिल टीके का उपयोग किया जाएगा। यह टीका मर्क एंड कंपनी (एमएसडी) कंपनी बनाती है। यह टीका पूरी दुनिया में इस्तेमाल हो रहा है और सुरक्षित व प्रभावी माना जाता है।
भारत में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने भी सर्वावैक नाम से एचपीवी का टीका तैयार किया है। लेकिन अभी इस टीके की एक खुराक वाली योजना पर और अध्ययन चल रहा है। भविष्य में इसके उपयोग पर निर्णय लिया जा सकता है।
टीके की आपूर्ति कौन करेगा?
इस अभियान के लिए टीकों की आपूर्ति में गावी, वैक्सीन एलायंस मदद कर रहा है। भारत को कुल 2.6 करोड़ खुराकें मिलेंगी। इनमें से एक करोड़ खुराकें पहले ही देश में पहुंच चुकी हैं। बाकी खुराकें इस साल और अगले साल तक मिल जाएंगी।
सर्वाइकल कैंसर क्या है?
सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला एक गंभीर रोग है। यह गर्भाशय ग्रीवा में होता है। भारत में हर साल लगभग 1.25 लाख महिलाएं इस कैंसर से प्रभावित होती हैं और करीब 75 हजार महिलाओं की मृत्यु हो जाती है। यह महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, अगर समय पर टीकाकरण और जांच की सुविधा उपलब्ध हो, तो सर्वाइकल कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है।
एचपीवी क्या है और टीका कैसे बचाव करता है?
ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) एक वायरस है जो संक्रमण फैलाता है। लगातार एचपीवी संक्रमण से लगभग 85 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर के मामले होते हैं।
एचपीवी का टीका उन चार प्रमुख प्रकार के वायरस से बचाव करता है जो ज्यादातर कैंसर का कारण बनते हैं। जब 14 साल की उम्र में टीका लगाया जाता है, तो शरीर मजबूत एंटीबॉडी बनाता है जो लंबे समय तक सुरक्षा देता है।
स्वीडन और इंग्लैंड में हुए अध्ययनों से पता चला है कि किशोरावस्था में टीका लगाने से 30 वर्ष की आयु तक सर्वाइकल कैंसर का खतरा 85 प्रतिशत से अधिक कम हो गया।
एक खुराक क्यों?
पहले एचपीवी टीका दो खुराक में दिया जाता था। लेकिन अब विशेषज्ञों ने पाया है कि एक खुराक भी प्रभावी हो सकती है। इसलिए सरकार ने एक खुराक की योजना अपनाई है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद अभी भी इस विषय पर अध्ययन कर रहा है। अगर भविष्य में जरूरत पड़ी, तो दूसरी खुराक देने पर विचार किया जा सकता है।
यूनाइटेड किंगडम और क्यूबेक में भी खुराकों के बीच लंबा अंतर रखा गया था। वहां पाया गया कि एंटीबॉडी का स्तर समान रहा। इसी आधार पर एक खुराक की सिफारिश की गई है।
सरकार का समर्थन
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2024 के अंतरिम बजट में एचपीवी टीकाकरण को बढ़ावा देने की घोषणा की थी। इससे साफ है कि सरकार इस अभियान को गंभीरता से लागू करना चाहती है।
यह एचपीवी टीकाकरण अभियान भारत की लाखों बेटियों के स्वास्थ्य की रक्षा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। समय पर टीकाकरण से सर्वाइकल कैंसर के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। अगर सभी पात्र लड़कियां यह टीका लगवाती हैं, तो आने वाले वर्षों में कैंसर के मामलों और मौतों में बड़ी कमी आ सकती है।
इसलिए माता-पिता और अभिभावकों को चाहिए कि वे अपनी 14 साल की बेटियों को यह टीका जरूर लगवाएं और स्वस्थ भविष्य की ओर एक मजबूत कदम बढ़ाएं।