13 और 16 फरवरी से सक्रिय दो पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी कराएंगे।
पूर्वोत्तर भारत में जेट स्ट्रीम सक्रिय, अरुणाचल में हल्की बारिश और मेघालय में घने कोहरे की संभावना।
उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री बढ़ेगा, रात का तापमान सामान्य के आसपास रहेगा।
बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं 55 किमी प्रति घंटा तक पहुंचेगी, मछुआरों को समुद्र में सावधानी बरतने की सलाह।
फरवरी महीने के दूसरे सप्ताह में देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल रहा है। कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना है तो कहीं तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 12 फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि वर्तमान में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं, जिनका असर आने वाले दिनों में दिखाई देगा।
पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है जहां हवा की रफ्तार 125 नॉट के करीब है। इतनी तेज हवाएं ऊपरी स्तर पर मौसम पर असर डाल रही हैं। इसका असर खासतौर पर पूर्वोत्तर भारत के मौसम पर देखा जा रहा है।
एक पश्चिमी विक्षोभ जो पहले सक्रिय था, अब पूर्वोत्तर दिशा की ओर बढ़ चुका है और उसका प्रभाव कम हो गया है। लेकिन अब दो नए पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को प्रभावित करने वाले हैं।
पहला पश्चिमी विक्षोभ 13 फरवरी से सक्रिय होगा और दूसरा 16 फरवरी से असर डालेगा। इन दोनों के कारण पश्चिमी हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी
उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते 13, 16 और 17 फरवरी को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। 16 और 17 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी की संभावना है।
इन इलाकों में ठंड फिर से बढ़ सकती है। पहाड़ों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम खराब होने पर सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ेगी गर्मी
दिल्ली-एनसीआर में मौसम धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
बीते कल, यानी 11 फरवरी को दिल्ली में अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 11 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। फरवरी के दूसरे सप्ताह में दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इससे लोगों को फरवरी में ही गर्मी का अहसास होने लगेगा। हालांकि यह पूरी तरह से गर्मी का मौसम नहीं है, लेकिन सामान्य से अधिक तापमान रहने के कारण दिन में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है।
पूर्वोत्तर भारत का मौसम
पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वोत्तर असम के ऊपर बना चक्रवाती प्रसार भी अब कम प्रभावी हो गया है। इन क्षेत्रों में अब मौसम सामान्य की ओर बढ़ रहा है।
अरुणाचल प्रदेश में 12 और 14 फरवरी को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा मेघालय में 12 फरवरी तक सुबह के समय कुछ स्थानों पर घना कोहरा छा सकता है। इससे दृश्यता कम हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है।
दक्षिण भारत में मौसम की स्थिति
दक्षिण भारत के अधिकतर इलाकों में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी में 13 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कोंकण और गोवा तथा तटीय कर्नाटक में अगले दो दिनों में अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है।
उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान का रुख
मौसम विभाग की मानें तो उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले 24 घंटों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। न्यूनतम तापमान में भी फिलहाल कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसका मतलब है कि दिन गर्म हो सकते हैं, लेकिन रात का तापमान अभी सामान्य के आसपास रहेगा।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 11 फरवरी, 2026 को केरल के कन्नूर में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिम राजस्थान के पाली में न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
कोहरे की चेतावनी
मेघालय में 12 फरवरी तक और हिमाचल प्रदेश में 13 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। कोहरे के कारण सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।
समुद्र में तेज हवाओं के आसार
पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इस कारण समुद्री इलाकों में मौसम थोड़ा सक्रिय बना हुआ है। वहीं केरल तट के पास दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार अब कमजोर पड़ गया है।
दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर में तेज हवाएं चलने का अंदेशा है। जहां 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। इस कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। विभाग के द्वारा मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन दिनों समुद्र में जाने से बचें या मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही जाएं।
कुल मिलाकर फरवरी के इस सप्ताह में देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिलेगा। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होगी। पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और कोहरा रहेगा। दक्षिण भारत में अधिकतर जगह मौसम शुष्क रहेगा, जबकि कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा और दिन में हल्की गर्मी महसूस होने लगेगी। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने क्षेत्र के मौसम के अनुसार सावधानी बरतें और मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर ध्यान दें। फरवरी का यह बदलता मौसम आने वाले दिनों में और भी बदलाव ला सकता है।