उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर मौसम बदलेगा। 
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उत्तर भारत समेत देश के अधिकतर इलाकों में मौसम शुष्क, दक्षिण में भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत में मौसम रहेगा शुष्क, 10 नवंबर से पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी के आसार, दक्षिण भारत में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी।

Dayanidhi

  • उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में मौसम शुष्क रहेगा, जबकि 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ों पर मौसम बदलेगा।

  • जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में 10 से 12 नवंबर के बीच बर्फबारी के आसार हैं।

  • उत्तराखंड के पांच पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश और 3,300 मीटर से ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

  • दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में आसमान साफ रहेगा, सुबह हल्की धुंध और रात में ठंड बढ़ने के आसार हैं।

  • केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में बिजली और तेज हवाओं की आशंका।

देश भर में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने की ओर है। उत्तर भारत में लंबे समय से जारी शुष्क मौसम के बीच 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके असर से जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज, सात नवंबर, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश समेत कई इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा।

10 नवंबर से सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ, बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार, मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में बना पश्चिमी विक्षोभ अब पूर्व-उत्तर-पूर्व दिशा की ओर आगे बढ़ चुका है। इसके बाद 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी हिमालयी हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते 10 से 12 नवंबर के बीच पहाड़ी राज्यों में मौसम करवट लेगा। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और निचले हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

उत्तराखंड में दिवाली के आसपास बदलेगा मौसम

उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश नहीं होने के बाद अब मौसम बदलने के संकेत हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, रविवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। हालांकि देहरादून समेत राज्य के बाकी जिलों में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।

हिमाचल में 10 से 12 नवंबर तक बारिश-बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश में सात से नौ नवंबर तक मौसम साफ और शुष्क रहने का अनुमान है। इस दौरान किसी भी जिले के लिए बारिश या आंधी-तूफान का अलर्ट जारी नहीं किया गया है। लेकिन 10 से 12 नवंबर के बीच पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। पहाड़ी इलाकों में सुबह और शाम ठंड का असर बना रहेगा।

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में तेज हवाओं के साथ बर्फबारी

जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में आज सात नवंबर को मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है। लेकिन 10 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। 10 से 12 नवंबर के बीच बारिश और बर्फबारी की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और कुछ हिस्सों में इनकी गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अंदेशा है।

दिल्ली-एनसीआर में साफ रहेगा आसमान

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में सात नवंबर, 2026 को आसमान साफ रहने का अनुमान है। हालांकि सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्का कोहरा और धुंध छाई रह सकती है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। दोपहर में उत्तर-पश्चिमी दिशा से करीब 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। शाम को हवा की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्वी हो जाएगी और इसकी गति घटकर 10 किमी प्रति घंटा रह सकती है।

उत्तर प्रदेश में फिलहाल बारिश के आसार नहीं

पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी आज, सात नवंबर को मौसम पूरी तरह शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। दिन में तेज धूप निकलने से मौसम सुहावना रहेगा, जबकि देर रात और सुबह के समय हल्की ठंड महसूस होगी। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के अगले दिनों में होने वाले प्रभाव पर नजर बनी रहेगी।

दक्षिण भारत में भारी बारिश और आंधी का खतरा

दक्षिण भारत में मौसम की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय हैं। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पूर्वी बांग्लादेश में 1.5 किमी और असम तथा आसपास के हिस्सों में ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में दक्षिण केरल तट के पास 0.9 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

वहीं, केरल से दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक बना पूर्वी हवाओं का ट्रफ कमजोर पड़ गया है। पूर्वी तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास का चक्रवाती परिसंचरण भी कमजोर हुआ है।

इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से केरल और माहे तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में बिजली चमकने के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। तटीय आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाओं का भी अनुमान है।

कारवार सबसे गर्म, मंडी में सबसे कम तापमान

छह नवंबर, 2026 को कर्नाटक के कारवार में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री सेल्सियस रहा। पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से माइनस 5 डिग्री से अधिक नीचे दर्ज किया गया।

कुल मिलाकर, 10 नवंबर से उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ों में मौसम बदलने की तैयारी है। पश्चिमी विक्षोभ के दस्तक देने के साथ ऊंची चोटियों पर बर्फ की सफेद चादर बिछने के आसार हैं, जबकि दक्षिण भारत में बारिश और आंधी का दौर लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकता है।