तटीय आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट जारी, कुछ इलाकों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया गया। प्रतीकात्मक छवि, साभार: आईस्टॉक
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चक्रवात मुरासु: आधी रात को आंध्र तट से टकराने की आशंका, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात मुरासु हुआ और शक्तिशाली, आंध्र प्रदेश में आधी रात दस्तक की आशंका, 120 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी।

Dayanidhi

  • चक्रवात मुरासु गंभीर तूफान में बदला, आंध्र प्रदेश के तट से आधी रात टकराने की आशंका, 120 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं।

  • तटीय आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट जारी, कुछ इलाकों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश होने का अनुमान जताया गया।

  • तमिलनाडु, तेलंगाना, रायलसीमा और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया।

  • उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार।

  • दिल्ली-एनसीआर में दो नवंबर को बारिश की संभावना, 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान।

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ या 'Murasu' अब गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया है। समुद्र में इसकी रफ्तार और ताकत लगातार बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार, दो नवंबर, 2026 की सुबह 2:30 बजे यह तूफान पश्चिम-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित था।

पिछले छह घंटों के दौरान यह करीब 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। इसके असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में बहुत भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का खतरा मंडरा रहा है। वहीं, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय मौसमी प्रणाली मौसम का मिजाज बदलने वाले हैं।

क्या है चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ के नाम का मतलब?

‘मुरासु’ तमिल भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ नगाड़ा या युद्ध का ढोल होता है। प्राचीन काल में इसका इस्तेमाल युद्ध में जीत का जश्न मनाने और महत्वपूर्ण घोषणाएं करने के लिए होता था। भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र के चक्रवातों की आधिकारिक नाम सूची में यह नाम प्रस्तावित किया था।

आधी रात से सुबह तक आंध्र प्रदेश में टकरा सकता है मुरासु

मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान मुरासु के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते रहने के आसार हैं। इसके दो नवंबर की रात 11:30 बजे से तीन नवंबर की सुबह चार बजे के बीच गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है। इसके तट पर नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास पहुंचने की आशंका है।

चक्रवात मुरासु गंभीर तूफान में बदला, आंध्र प्रदेश के तट से आधी रात टकराने की आशंका, 120 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं।

इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि झोंकों की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। मछुआरों को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश, उत्तर तमिलनाडु-पुडुचेरी और दक्षिण ओडिशा के तटों के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

आंध्र प्रदेश में बेहद भारी बारिश का रेड अलर्ट

चक्रवाती तूफान मुरासु के कारण तटीय आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। विभाग ने आंध्र प्रदेश में बारिश को लेकर ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।

वहीं आज, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और तेलंगाना में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। इन सभी राज्यों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। वहीं आज, ओडिशा, छत्तीसगढ़, केरल, माहे, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं।

80 किमी की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं

मुरासु के चलते आज, रायलसीमा में 60 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 80 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। तमिलनाडु, तेलंगाना, ओडिशा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बढ़ाएगा बारिश

मौसम में बदलाव की एक बड़ी वजह ऊपरी हवा में सक्रिय मौसमी हलचल भी है। बंगाल की खाड़ी में चक्रवात मुरासु के साथ ऊपरी वायुमंडल की मौसमी गतिविधियां बारिश को और बढ़ा सकती हैं। ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण यानी अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन वातावरण में नमी और बादलों की गतिविधियों को प्रभावित करता है। इसके कारण कई इलाकों में बादल छाने, गरज-चमक और बारिश की स्थिति बन सकती है।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर

दक्षिण भारत में जहां चक्रवात मुरासु चिंता बढ़ा रहा है, वहीं उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। मौसम विभाग के अनुसार, मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच एक ट्रफ बना हुआ है। इसी पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।

वहीं आज, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश का अनुमान है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, अलीगढ़, रायबरेली, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, इटावा, हमीरपुर, अमेठी, आजमगढ़, देवरिया, बलिया और गोरखपुर में बारिश हो सकती है। प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्के से मध्यम कोहरे की भी आशंका जताई गई है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों की आवाजाही, 29 डिग्री रहेगा तापमान

राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी मौसम करवट ले सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दो नवंबर को दिल्ली में बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 20 से 30 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

तिरुपत्तूर सबसे गर्म, ऊना में सबसे कम तापमान

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक नवंबर, 2026 को तमिलनाडु के तिरुपत्तूर में अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, देश के मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के ऊना में न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत देश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग मौसम का संदेश लेकर आई है। दक्षिण भारत में चक्रवात मुरासु का खतरा है, जबकि उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ बारिश और ठंडक बढ़ाने के संकेत दे रहा है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।