उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी, शीतलहर और कोहरे से मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है। फोटो साभार: आईस्टॉक
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मौसम का बदलता मिजाज: कहीं बारिश-बर्फबारी, कहीं शीतलहर व कोहरे का कहर

तीन फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बिहार और ओडिशा घनी चादर में लिपटे।

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी, शीतलहर और कोहरे से मौसम लगातार अस्थिर बना हुआ है।

  • उत्तराखंड में तीन फरवरी से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश, बर्फबारी और ठंड बढ़ने की आशंका जताई गई है।

  • हिमाचल प्रदेश में शीतलहर का प्रकोप, कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी संभव।

  • दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट, दृश्यता कम, वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक चलने की सलाह।

  • कोमोरिन और मन्नार की खाड़ी में तेज हवाएं, मौसम विभाग ने दी मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।

इन दिनों उत्तर भारत में मौसम लगातार बदल रहा है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश, ठंड और कोहरा देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के द्वारा आज, तीन फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट के मुताबिक, एक पश्चिमी विक्षोभ पंजाब और हरियाणा के ऊपर चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है। इसके अलावा एक और पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके साथ ही पांच फरवरी की रात से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम में बदलाव करने के आसार हैं।

इन सभी मौसमी गतिविधियों के कारण उत्तर भारत में मौसम अस्थिर बना हुआ है। कहीं हल्की बारिश हो रही है तो कहीं बर्फबारी और कहीं घना कोहरा देखने को मिल रहा है।

उत्तराखंड में मौसम का हाल

उत्तराखंड में आज, तीन फरवरी से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिलेगा। राज्य के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। 2500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों जैसे उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में हल्की बर्फबारी और बारिश हो सकती है। साथ ही गंगोत्री, बद्रीनाथ और केदारनाथ में ताजा बर्फ गिरने की संभावना है

मैदानी जिलों जैसे हरिद्वार और उधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन सुबह और शाम के समय हल्का कोहरा छा सकता है। बर्फबारी और ठंडी हवाओं के कारण राज्य में ठंड और बढ़ेगी, जिससे लोगों को सर्दी का ज्यादा अहसास होगा।

हिमाचल प्रदेश में ठंड और बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश के कई ऊंचाई वाले इलाकों में पहले ही हल्की बर्फबारी दर्ज की गई है। इसके बाद पूरे राज्य में शीतलहर (कोल्ड वेव) चल रही है। कई इलाकों में ठंडे और बहुत ठंडे दिन महसूस किए जा रहे हैं।

आज, तीन फरवरी को राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में एक-दो जगहों पर बारिश और बर्फबारी की संभावना है। बर्फ गिरने के कारण पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ सकती है, जिससे यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इसके साथ ही हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में आज, 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा गरज के साथ बारिश व बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।

दिल्ली-एनसीआर में कोहरे का कहर

दिल्ली और आसपास के इलाकों में घने कोहरे को लेकर मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह के समय दृश्यता बहुत कम हो सकती है। वाहन चालकों को धीरे और सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है। कोहरे के कारण रेल और हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

दिल्ली-एनसीआर में आज अधिकतम तापमान के 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान के आठ डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

पहाड़ी राज्यों के साथ-साथ कुछ मैदानी राज्यों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इनमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की दर से तेज हवाएं चलने तथा गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

साथ ही पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भी कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ वज्रपात होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कहा है कि ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

घने कोहरे का कहर

दिल्ली-एनसीआर के साथ-साथ कई राज्यों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। इनमें बिहार, हरियाणा, चंडीगढ़, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश शामिल हैं जहां कहीं-कहीं घना कोहरा छा सकता है। जबकि उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा रहने का अंदेशा है। कोहरे के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए विशेष सतर्कता जरूरी है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग ने कहा है कि आने वाले सात दिनों में उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद वहां भी तापमान में स्थिरता बनी रहेगी।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, दो फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

समुद्री क्षेत्रों में चेतावनी

दक्षिण भारत के समुद्री इलाकों में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। कोमोरिन क्षेत्र और उससे लगे मन्नार की खाड़ी में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं। इन तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर, उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम लगातार बदल रहा है। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, मैदानी क्षेत्रों में कोहरा, ठंड और कहीं-कहीं बारिश देखने को मिल रही है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।