पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, हिमालयी राज्यों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी।
दो मार्च से नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय के मौसम को दोबारा प्रभावित करेगा।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज-चमक तथा तेज हवाओं के साथ बारिश संभव।
दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सप्ताह तापमान सामान्य से ऊपर रहने के आसार।
केरल, माहे और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश संभव।
उत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम सक्रिय है। इसकी तेज हवाएं लगभग 100 नॉट की रफ्तार से 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही हैं। इसी कारण ऊपरी वायुमंडल में हलचल बनी हुई है। इसके साथ ही एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जो मध्य स्तरों में 5.8 किमी की ऊंचाई पर फैला हुआ है।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 27 फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ दो मार्च 2026 से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसका असर पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के रूप में दिखाई देगा।
पश्चिमी हिमालयी इलाकों में बारिश और बर्फबारी
27 फरवरी को जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिर सकती है, जबकि निचले इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है।
दो से चार मार्च के बीच जम्मू और कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश में फिर से हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है और पहाड़ों पर ठंड फिर बढ़ सकती है।
पंजाब में घना कोहरा
पंजाब में 28 फरवरी तक सुबह के समय कुछ जगहों पर घना कोहरा छाने की आशंका जताई गई है। इससे दृश्यता कम हो सकती है और सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती गर्मी
दिल्ली-एनसीआर में अब धीरे-धीरे गर्मी बढ़ने लगी है। रात की ठंड कम हो रही है और दिन के समय ठंड पूरी तरह खत्म हो चुकी है। धूप तेज चमक रही है और हवा की रफ्तार में बार-बार बदलाव देखा जा रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक रहने के आसार हैं।
पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में बारिश
27 और 28 फरवरी को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं।
इन इलाकों में बिजली गिरने की भी आशंका है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले मैदान में खड़े रहने से बचें और मौसम खराब होने पर सुरक्षित जगहों पर रहें।
दक्षिण भारत में गरज-चमक
दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के ऊपर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है, जिससे आसपास के इलाकों में मौसम बदला हुआ रह सकता है।
उपरोक्त मौसमी गतिविधियों के चलते 27 और 28 फरवरी को केरल और माहे में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर बिजली भी गिर सकती है।
गुजरात और कच्छ क्षेत्र की स्थिति
पूर्वोत्तर अरब सागर और गुजरात तट के पास बना ऊपरी हवा का चक्रवात अब कच्छ और आसपास के क्षेत्रों पर स्थित है। अगले तीन दिनों में गुजरात में अधिकतम तापमान में लगभग दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इसके बाद चार दिनों में तापमान तीन से पांच डिग्री तक बढ़ सकता है। इसलिए पहले हल्की राहत और फिर गर्मी बढ़ने के संकेत हैं।
उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान का रुझान
उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अगले एक सप्ताह के दौरान अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कई इलाकों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री अधिक रह सकता है।
मध्य भारत में भी अगले एक हफ्ते के दौरान तीन से पांच डिग्री तक तापमान बढ़ने का पूर्वानुमान है। इससे गर्मी का असर बढ़ेगा और दोपहर के समय तेज धूप महसूस होगी।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 26 फरवरी, 2026 को तमिलनाडु के मदुरै में अधिकतम तापमान 37.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
महाराष्ट्र और पूर्वी भारत की स्थिति
महाराष्ट्र में अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान तीन से चार डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
सप्ताह के अंत तक पश्चिम, मध्य, पूर्व और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक रह सकता है।
कल कहां कितने बरसे बादल?
पिछले 24 घंटों में अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। जबकि तटीय आंध्र प्रदेश, असम, मेघालय और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बरसे बादल। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा-गन्नावरम में 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क बना रहा।
कुल मिलाकर देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुए है। दक्षिण भारत में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर और मध्य भारत में धीरे-धीरे गर्मी बढ़ रही है।
लोगों को बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की जानकारी लेकर ही निकलें। गर्मी बढ़ने के कारण दिन के समय धूप से बचाव करें और पर्याप्त पानी पिएं। मौसम में यह बदलाव आने वाले दिनों में और साफ दिखाई देगा।