जम्मू और कश्मीर, हिमाचल तथा उत्तराखंड में 26 से 28 फरवरी के बीच हल्की बारिश और हिमपात का पूर्वानुमान। 
मौसम

पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी, इरोड व सोलापुर में पारा 36 डिग्री पार

26 फरवरी, 2026 को जारी अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती प्रसार से बारिश-बर्फबारी, कोहरा और तापमान वृद्धि तक देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का हाल बदल रहा है

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, दो मार्च से पश्चिमी हिमालयी इलाकों में फिर होगा मौसम में बदलाव, हल्की बारिश-बर्फबारी की संभावना।

  • जम्मू और कश्मीर, हिमाचल तथा उत्तराखंड में 26 से 28 फरवरी के बीच हल्की बारिश और हिमपात का पूर्वानुमान।

  • पंजाब और हिमाचल प्रदेश में 26 फरवरी तक सुबह घना कोहरा, यातायात प्रभावित होने की आशंका।

  • उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले सप्ताह अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक ऊपर रह सकता।

वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तरों पर पछुआ हवाओं में एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव देखा जा रहा है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 26 फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ दो मार्च, 2026 से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम पर असर डाल सकता है। इससे पहाड़ी राज्यों में मौसम फिर से बदलने की संभावना है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और आसपास के क्षेत्र में 1.5 किमी की ऊंचाई पर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार अब कमजोर पड़ गया है।

उत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम सक्रिय है। यह लगभग 12.6 किमी की ऊंचाई पर 75 नॉट की रफ्तार से बह रही है। जेट स्ट्रीम मौसम प्रणालियों को प्रभावित करती है और पश्चिमी विक्षोभ को आगे बढ़ाने में मदद करती है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी

पश्चिमी विक्षोभ के कारण कुछ पहाड़ी राज्यों में हल्की बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। 26 और 27 फरवरी को जम्मू और कश्मीर के अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। जबकि 27 और 28 फरवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की बारिश और हिमपात का पूर्वानुमान है।

बारिश और बर्फबारी के चलते इन राज्यों के ऊंचाई वाले इलाकों में ठंड बढ़ सकती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पंजाब और हिमाचल में घना कोहरा

मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में सुबह के समय कोहरे की स्थिति बनी हुई है। पंजाब और हिमाचल प्रदेश के कुछ इलाकों में 26 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को धीमी गति से चलने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में देश के कई इलाकों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है। अगले एक सप्ताह के दौरान उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इस कारण कई हिस्सों में तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक रह सकता है।

महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों में तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले छह दिनों में अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

पूर्वी भारत में तापमान में बदलाव की बात करें तो अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव होने का अनुमान नहीं है। इसके बाद अगले पांच दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। देश के बाकी हिस्सों में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 25 फरवरी, 2026 को तमिलनाडु के इरोड और महाराष्ट्र के सोलापुर में अधिकतम तापमान 36.6 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के गुरदासपुर में न्यूनतम तापमान 9.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में 1.5 किमी तक चक्रवाती प्रसार फैला हुआ है। गुजरात तट के पास उत्तर-पूर्वी अरब सागर में भी 1.5 से 3.1 किमी की ऊंचाई के बीच एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। ये दोनों प्रणालियां दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में मौसम को प्रभावित कर सकती हैं।

अंडमान-निकोबार में गरज के साथ बारिश

अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह के कई इलाकों में 26 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर वज्रपात होने तथा गरज के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। यहां के लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में बारिश की संभावना

दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी 26 फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आज, उत्तर कर्नाटक के आंतरिक हिस्सों और तेलंगाना में गरज और चमक के साथ बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में तेज हवा भी चल सकती है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

पिछले 24 घंटों में कहां कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटों के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। अंडमान व नोकोबार द्वीप समूह में अधिकतर इलाकों में बारिश हुई। वहीं, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल के कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। जबकि देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।

पिछले 24 घंटों के दौरान मेघालय के शिलांग में 2 सेमी, अंडमान और निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में 1 सेमी, आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में 1 सेमी तथा अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर में 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

कुल मिलाकर देश में मौसम की स्थिति सामान्य से थोड़ा अलग बनी हुई है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा। कुछ स्थानों पर कोहरा बना रहेगा, जबकि दक्षिण और द्वीपीय क्षेत्रों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति रहेगी। लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए और स्थानीय मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करना चाहिए।