उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी से हिमस्खलन का खतरा बढ़ा, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी। प्रतीकात्मक छवि, फोटो साभार: आईस्टॉक
मौसम

पहाड़ों पर भारी बर्फबारी, कई राज्यों में बारिश व ओलावृष्टि के आसार

28 जनवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में शीतलहर चल सकती है।

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में बारिश, बर्फबारी, ठंड और तेज हवाओं से मौसम लगातार बिगड़ा हुआ है।

  • उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी से हिमस्खलन का खतरा बढ़ा, कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी।

  • दिल्ली-एनसीआर में ठंडा और बादलों वाला मौसम रहेगा, हल्का कोहरा छाएगा और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।

  • बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बंगाल और सिक्किम में गरज, बिजली, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी।

  • घना कोहरा और शीतलहर से यातायात व स्वास्थ्य प्रभावित, लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह।

इन दिनों उत्तर भारत का मौसम लगातार बदल रहा है। इसकी मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) है। इस समय इसका असर जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के राज्यों में साफ तौर पर देखा जा रहा है।

पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी और हिमस्खलन की चेतावनी

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 28 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि उत्तराखंड के कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है, जबकि ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी हो रही है। वहीं, चकराता में भी बर्फबारी हुई जबकि औली के स्की रिजॉर्ट में ताजी बर्फ गिरी। पिथौरागढ़ जिले में मुनस्यारी के पास ऊंचे इलाकों में भी बर्फबारी दर्ज की गई।

तेज ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है, जिससे सर्दी और ज्यादा बढ़ गई है। खराब मौसम के कारण कुछ जिलों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। मौसम विभाग ने उत्तराखंड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग को अलर्ट पर रखा गया है, इन जिलों में बर्फ की मोटी और अस्थिर परत है जिससे हिमस्खलन की बहुत ज्यादा आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार दो फरवरी तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।

वहीं आज, उत्तराखंड में बारिश व बर्फबारी के बीच कुछ हिस्सों में बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का दौर अभी जारी रहेगा। विभाग ने यहां के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात और मैदानी इलाकों में बारिश होने का पूर्वानुमान है। वहीं कुछ जिलों में भारी बर्फबारी के कारण सैलानियों को चेतावनी जारी करते हुए सलाह दी है कि वे खतरे वाले इलाकों में जाने से बचें।

वहीं, जम्मू और कश्मीर में भी पूरा माहौल सर्दी जैसा हो गया है। वहीं कल, 27 जनवरी की देर रात को जम्मू और कश्मीर के गांदरबल जिले के सोनमर्ग के सरबल इलाके में भयंकर हिमस्खलन होने की जानकारी है। हालांकि किसी के हताहत होने या घायल होने की खबर नहीं है। आज भी कश्मीर घाटी और पीर पंजाल क्षेत्र में बादल छाए रह सकते हैं। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। श्रीनगर में तापमान शून्य से नीचे जा सकता है। न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जबकि दिन का तापमान दो से तीन डिग्री के आसपास रहने की संभावना है।

दिल्ली और एनसीआर का मौसम

दिल्ली में इस साल जनवरी महीने में पिछले चार सालों की तुलना में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। 28 जनवरी को दिल्ली का न्यूनतम तापमान लगभग 12 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। सुबह के समय हल्का कोहरा छा सकता है, जबकि दोपहर में कुछ समय के लिए धूप निकल सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में 28 जनवरी से दो फरवरी तक मौसम ठंडा और बादलों से ढका रहेगा। 28 से 30 जनवरी के बीच आसमान में बादल छाए रहेंगे और हल्का कोहरा देखने को मिल सकता है। 29 जनवरी को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। 31 जनवरी को भी हल्के कोहरे के साथ मौसम सर्द बना रहेगा।

आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

कुछ राज्यों में गरज के साथ बारिश होने के भी आसार जताए गए हैं। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में कुछ जगहों पर ओलावृष्टि के साथ तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जगहों पर बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार हैं। छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी गरज और वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है।

शीतलहर और कोहरे का असर

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि आज, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ जगहों पर शीतलहर चल सकती है। इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों में घना कोहरा छाने की आशंका व्यक्त की गई है

घने कोहरे के कारण हवाई अड्डों, रेल और सड़क यातायात पर असर पड़ सकता है। दृश्यता कम होने से वाहन चलाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। लोगों को धीरे वाहन चलाने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम का स्वास्थ्य पर प्रभाव

घना कोहरा सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालता है। कोहरे में मौजूद धूल और प्रदूषण के कण सांस के जरिए फेफड़ों में चले जाते हैं। इससे खांसी, सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

जो लोग अस्थमा, ब्रोंकाइटिस या फेफड़ों की अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी हो सकती है। लंबे समय तक कोहरे में रहने से आंखों में जलन, लालपन और संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। मध्य भारत में तापमान दो से चार डिग्री तक गिर सकता है। गुजरात और उत्तर महाराष्ट्र में भी तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 27 जनवरी, 2026 को केरल के कोट्टायम में अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में राजस्थान के अलवर में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

समुद्री इलाकों में चेतावनी

मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में तूफानी हवाएं चल सकती हैं। जहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती है। ऐसे में विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

कुल मिलाकर, उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। बारिश, बर्फबारी, ठंड, कोहरा और तेज हवाओं के कारण आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, अनावश्यक यात्रा से बचने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। सावधानी ही इस मौसम में सबसे अच्छा बचाव है।