पश्चिमी विक्षोभ, कम दबाव व पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय होने से उत्तर भारत के दस से अधिक राज्यों में बारिश, बर्फबारी व वज्रपात के आसार  
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उत्तर भारत के 10 से ज्यादा राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि, वज्रपात व तेज हवाओं की चेतावनी

23 जनवरी 2026 के ताजा अपडेट में हरियाणा, दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश, ओलावृष्टि, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी जारी

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ, कम दबाव व पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय होने से उत्तर भारत के दस से अधिक राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी रहेगी

  • हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओलावृष्टि व वज्रपात की चेतावनी

  • आज दिन भर हिमाचल और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से ठंड और यातायात प्रभावित होने के आसार

  • अरब सागर में 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने के आसार, मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र न जाने की सलाह दी

उत्तर भारत और आसपास के इलाकों में तेजी से मौसम बदल गया है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) है, जो इस समय दक्षिण अफगानिस्तान के ऊपर सक्रिय है। जो ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है और इसका असर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 23 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ के साथ-साथ मध्य पाकिस्तान के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र भी बन गया है। इससे नमी वाली हवाएं उत्तर भारत की ओर बढ़ रही हैं। इसके अलावा, ऊपरी वायुमंडल में बहुत तेज गति से बहने वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है। इन सभी मौसमी गतिविधियों के एक साथ सक्रिय होने से मौसम में काफी हलचल देखी जा रही है।

भारी बारिश और बर्फबारी के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, पंजाब और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आज दिनभर जारी रहने का पूर्वानुमान है। जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ-साथ बर्फबारी भी हो सकती है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और बढ़ सकती है और यातायात भी प्रभावित हो सकता है।

पहाड़ों में रहने वाले लोगों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भूस्खलन और सड़क बंद होने जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।

मौसम विभाग ने बताया है कि कई राज्यों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने के भी आसार हैं। इनमें हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश शामिल हैं जहां ओले गिर सकते हैं। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाएं।

उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश व ओलावृष्टि तथा वज्रपात के साथ-साथ तूफानी हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है। विभाग ने कहा है कि आज, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने व बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है

जबकि, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की दर से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।

कहां रहेगा शीत दिवस?

आज, 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ इलाकों में शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति बनी रह सकती है। इसका मतलब है कि दिन के समय भी तापमान सामान्य से काफी कम रह सकता है। लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।

कोहरे की चेतावनी

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में कुछ हिस्सों पर घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। इससे दृश्यता कम हो सकती है और सड़क तथा रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों में तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान गिर सकता है और फिर धीरे-धीरे दोबारा बढ़ेगा।

मध्य भारत में पहले तापमान बढ़ेगा, फिर कुछ दिनों तक गिरावट जारी रह सकती है। वहीं, महाराष्ट्र में भी ऐसा ही बदलाव देखने को मिलेगा।

गुजरात में फिलहाल तापमान में खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन बाद में गिरावट और फिर बढ़ोतरी हो सकती है। देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 22 जनवरी, 2026 को केरल के कोट्टायम में अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा।

समुद्र में खराब मौसम

अरब सागर के कई हिस्सों में मौसम काफी खराब रहने वाला है। जहां उत्तर-पश्चिम अरब सागर, ओमान तट के आसपास, पश्चिम-मध्य अरब सागर, सोमालिया तट के पास और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के पश्चिमी हिस्सों में 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर इनके 65 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने का अंदेशा जताया गया है। मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र में न जाएं, क्योंकि समुद्र बहुत उग्र रह सकता है।

कुल मिलाकर, देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में मौसम काफी सक्रिय है। बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि, तेज हवाएं, ठंड और कोहरा इन सभी का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि किसी भी तरह के नुकसान से बचा जा सके।