पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, 19 जनवरी से नया विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी लाएगा।
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 17 से 22 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश बर्फबारी संभव।
उत्तर भारत में न्यूनतम तापमान अगले 48 घंटों में दो से चार डिग्री धीरे बढ़ेगा, बाद स्थिर रहने की संभावना।
उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड में ठंडा दिन, छत्तीसगढ़ पूर्वी मध्य प्रदेश में शीतलहर की चेतावनी।
उत्तर भारत में घना कोहरा, दक्षिण भारत में अगले 48 घंटों में उत्तर पूर्वी मानसून समाप्त होगा।
इस समय भारत और इसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम की स्थिति में कई तरह के बदलाव देखे जा रहे हैं। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, तेज जेट स्ट्रीम, तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी, कोहरे और ठंड की स्थिति, तथा दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के समाप्त होने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 17 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्वी ईरान और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके कारण उत्तर भारत के मौसम पर प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा, 19 जनवरी, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित करने के आसार हैं। पश्चिमी विक्षोभ सर्दियों में उत्तर भारत में बारिश और पहाड़ों पर बर्फबारी का अहम कारण होता है।
वहीं, उत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसमें हवाओं की गति लगभग 115 नॉट तक पहुंच रही है। यह तेज हवाएं मौसम प्रणालियों को मजबूत बनाती हैं और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी को बढ़ावा देती हैं। इसके कारण ठंडे मौसम की स्थिति बनी रहती है।
बारिश और बर्फबारी का पूर्वानुमान
उपरोक्त मौसमी गतिविधियों को देखते हुए विभाग ने 17 से 22 जनवरी के बीच जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई है। इसी अवधि में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में भी बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
मैदानी क्षेत्रों की बात करें तो 18, 19 और 22 जनवरी को पंजाब में हल्की बारिश हो सकती है। हरियाणा और चंडीगढ़ में 19 और 22 जनवरी को कहीं-कहीं बारिश होने का पूर्वानुमान है। जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 22 जनवरी को हल्की बारिश हो सकती है। बारिश के चलते रबी की फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है, लेकिन पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होगी। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में अगले 48 घंटों में न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले कुछ दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
वहीं पूर्वी भारत में अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद तीन दिनों में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।
महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की संभावना है। गुजरात में अगले 24 घंटों में तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ सकता है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल,16 जनवरी, 2026 को कोंकण और गोवा के भीरा में अधिकतम तापमान 38.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बलोवाल सौंखरी में न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शीतलहर और शीत दिवस की स्थिति
कुछ राज्यों में अभी भी शीतलहर और ठंडे दिन की स्थिति बनी हुई है। जहां छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में शीतलहर चलने का अंदेशा जताया गया है।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कहीं-कहीं शीत दिवस रहने के आसार हैं, जहां दिन का तापमान सामान्य से कम रहेगा। विभाग ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनने और सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
कोहरे की चेतावनी
उत्तर और पूर्व भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा छाने की आशंका जताई गई है। इनमें असम और मेघालय, बिहार, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम शामिल हैं जहां घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं।
वहीं उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा रहने का अंदेशा है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी जाती है।
उत्तर-पूर्वी मानसून के समाप्त होने के संकेत
दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून के समाप्त होने की परिस्थितियां बन रही हैं। अगले 48 घंटों में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में मानसून की बारिश बंद हो सकती है। इससे इन क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने लगेगा।
दक्षिण-पूर्व अरब सागर में लक्षद्वीप और केरल तट के पास वायुमंडल के निचले स्तर पर एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण लक्षद्वीप, द्वीपसमूह, निकोबार द्वीपसमूह में कहीं-कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और बर्फबारी, तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी, कुछ क्षेत्रों में ठंड और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।
वहीं दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून का प्रभाव समाप्त होने की ओर है। लोगों को मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी रोजमर्रा की गतिविधियों और यात्रा की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।