कांगो में इबोला के 1,792 मामलों की पुष्टि, 625 लोगों की मौत, डब्ल्यूएचओ ने वास्तविक आंकड़े अधिक होने की आशंका जताई।
इबोला संक्रमण के 90 प्रतिशत मामले कांगो के इतुरी प्रांत में, अन्य चार प्रांतों में भी बीमारी फैली।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 80 प्रतिशत नए इबोला मरीजों का संबंध पुराने मामलों से नहीं मिल पाया है।
कांगो में इबोला का प्रकोप जारी, स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण रोकने और मरीजों की पहचान में जुटी हुई हैं।
बुनिया शहर में इबोला जांच में लगातार पॉजिटिव मामले मिले, जिससे वहां संक्रमण जारी रहने के संकेत मिले हैं।
अफ्रीकी देश कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने चेतावनी दी है कि इस बीमारी के वास्तविक मामलों की संख्या सरकारी आंकड़ों से दो से चार गुना तक अधिक हो सकती है। संगठन का कहना है कि कई संक्रमित लोगों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है, जिससे संक्रमण की सही स्थिति का पता लगाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बीमारी के और अधिक फैलने का खतरा बना हुआ है।
80 प्रतिशत नए मामलों का नहीं मिल रहा कोई संबंध
डब्ल्यूएचओ के हेल्थ इमरजेंसी प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक चिकवे इहेक्वेआज़ू ने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत नए मरीज ऐसे हैं, जिनका संबंध पहले से दर्ज किसी संक्रमित व्यक्ति से नहीं जुड़ पा रहा है। इसका मतलब है कि वायरस अब समुदाय के भीतर तेजी से फैल रहा है। जब संक्रमण की श्रृंखला का पता नहीं चलता, तब बीमारी को रोकना और भी कठिन हो जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य एजेंसियां लगातार निगरानी बढ़ाने और नए मामलों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
अब तक 1,792 मामले, 625 लोगों की मौत
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, कांगो में अब तक इबोला के 1,792 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें 625 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले जारी रिपोर्ट में 1,759 मामलों और 600 मौतों की जानकारी दी गई थी। नए आंकड़े बताते हैं कि संक्रमण और मौतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
इतुरी प्रांत सबसे ज्यादा प्रभावित
इबोला का सबसे अधिक असर इतुरी प्रांत में देखा जा रहा है। कुल मामलों में करीब 90 प्रतिशत मरीज इसी क्षेत्र से सामने आए हैं। इसके अलावा उत्तर किवु, दक्षिण किवु और त्शोपो प्रांतों में भी संक्रमण फैल चुका है। स्वास्थ्य विभाग इन इलाकों में जांच, इलाज और संपर्क में आए लोगों की पहचान का काम तेजी से कर रहा है। हालांकि कई गांव दूर-दराज और कठिन इलाकों में होने के कारण स्वास्थ्य टीमों को वहां पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
बुनिया में संक्रमण अभी भी जारी
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, बुनिया शहर में जांच के दौरान लगातार बड़ी संख्या में लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है। इससे साफ संकेत मिलता है कि वहां अभी भी वायरस का प्रसार जारी है। हालांकि कुछ अन्य क्षेत्रों में संक्रमण को काफी हद तक नियंत्रित करने में सफलता मिली है, लेकिन बुनिया और आसपास के इलाकों में खतरा अभी भी बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि इन क्षेत्रों में जांच और निगरानी को और मजबूत करने की जरूरत है।
अमेरिकी राहतकर्मी भी इबोला की चपेट में
इसी बीच कांगो में मानवीय सहायता कार्यों में लगे एक अमेरिकी नागरिक के भी इबोला वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने बताया कि संबंधित व्यक्ति बुंडीबुग्यो इबोला वायरस से संक्रमित है। सीडीसी ने कहा कि वह मरीज के नियोक्ता, अन्य अमेरिकी एजेंसियों और कांगो के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि संक्रमण को आगे फैलने से रोका जा सके। साथ ही मरीज के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी निगरानी की जा रही है।
प्रभावित नागरिक को दी जा रही हर संभव मदद
अमेरिका के विदेश विभाग ने भी इस मामले की पुष्टि की है। विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि प्रभावित अमेरिकी नागरिक को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए मरीज की पहचान और स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य जानकारी साझा नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि चिकित्सा टीम लगातार मरीज की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
सतर्कता और निगरानी बढ़ाने पर जोर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इबोला जैसे घातक वायरस को रोकने के लिए समय पर जांच, संक्रमित लोगों की पहचान, संपर्क में आए लोगों की निगरानी और बेहतर इलाज बेहद जरूरी है। डब्ल्यूएचओ ने सभी संबंधित एजेंसियों से मिलकर काम करने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यदि निगरानी और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाए तो संक्रमण की रफ्तार को कम किया जा सकता है। फिलहाल कांगो में स्वास्थ्य विभाग और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां मिलकर इस गंभीर प्रकोप को नियंत्रित करने के प्रयास में जुटी हुई हैं।