साल 2000 से 2018 तक सभी अमेरिकी काउंटियों या जिलों और सभी संचालित परमाणु ऊर्जा संयंत्रों का राष्ट्रीय विश्लेषण किया गया।
संयंत्रों के निकट स्थित काउंटियों में कैंसर मृत्यु दर दूर स्थित काउंटियों की तुलना में अधिक पाई गई।
शोध में आय, शिक्षा, धूम्रपान, मोटापा, मौसम और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता जैसे कारणों को भी शामिल किया गया।
लगभग 1,15,000 कैंसर मौतें 18 वर्षों में संयंत्रों की निकटता से सांख्यिकीय रूप से जुड़ी आंकी गई।
अध्ययन ने कारण सिद्ध नहीं किया, लेकिन परमाणु ऊर्जा और स्वास्थ्य प्रभावों पर आगे विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई।
हाल ही में हार्वर्ड टी.एच. चैन स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के शोधकर्ताओं ने अमेरिका में एक बड़ा अध्ययन किया। यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशंस नामक पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। इस अध्ययन में यह देखा गया कि क्या परमाणु ऊर्जा संयंत्रों (नुक्लेअर पावर प्लांट) के पास रहने वाले लोगों में कैंसर से मृत्यु की दर अधिक है।
अध्ययन के अनुसार, जिन जिलों की दूरी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों से कम है, वहां कैंसर से मौत की दर कुछ ज्यादा पाई गई। हालांकि शोधकर्ताओं ने साफ कहा है कि इससे यह साबित नहीं होता कि परमाणु संयंत्र सीधे कैंसर का कारण हैं। लेकिन यह परिणाम आगे और गहराई से जांच करने की जरूरत बताता है।
अध्ययन क्यों किया गया?
दुनिया भर में पहले भी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और कैंसर के बीच संबंध पर शोध हुए हैं। लेकिन उनके परिणाम अलग-अलग रहे हैं। अमेरिका में अधिकतर अध्ययन केवल एक संयंत्र और उसके आसपास के क्षेत्र तक सीमित थे।
शोध में कहा गया है कि इस बार शोधकर्ताओं ने पूरे देश का आंकड़ा लिया। यह 21वीं सदी का पहला ऐसा अध्ययन है जिसमें अमेरिका के सभी परमाणु ऊर्जा संयंत्रों और सभी काउंटियों या जिलों को शामिल किया गया। इसका उद्देश्य था यह समझना कि दूरी और कैंसर मृत्यु दर के बीच कोई संबंध है या नहीं।
अध्ययन कैसे किया गया?
यह अध्ययन साल 2000 से 2018 तक के आंकड़ों पर आधारित है। शोधकर्ताओं ने हर काउंटी की दूरी निकटतम परमाणु संयंत्र से मापी। उन्होंने “निरंतर निकटता” नाम की विधि अपनाई, जिसमें दूरी को केवल पास या दूर के रूप में नहीं, बल्कि क्रमिक रूप से मापा गया।
कैंसर से संबंधित मृत्यु के आंकड़े रोग के नियंत्रण और रोकथाम के लिए सेंटर से लिए गए। परमाणु संयंत्रों की जानकारी अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन से हासिल की गई।
शोध में कई अन्य कारणों को भी ध्यान में रखा गया, जिसमें आय का स्तर, शिक्षा का स्तर, जातीय संरचना, तापमान और नमी, धूम्रपान की दर,
मोटापा (बीएमआई), अस्पताल की दूरी इन सभी बातों को शामिल करने के बाद भी दूरी और कैंसर मृत्यु दर के बीच संबंध दिखाई दिया।
मुख्य निष्कर्ष क्या रहे?
अध्ययन में पाया गया कि जो काउंटियां परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के अधिक पास थीं, वहां कैंसर से मृत्यु दर ज्यादा थी। अनुमान लगाया गया कि 18 वर्षों की अवधि में लगभग 1,15,000 कैंसर मौतें संयंत्रों की निकटता से जुड़ी हो सकती हैं। यह औसतन हर साल लगभग 6,400 मौतों के बराबर है।
यह संबंध विशेष रूप से बुजुर्ग लोगों में अधिक स्पष्ट था। शोधकर्ताओं का कहना है कि जैसे-जैसे दूरी बढ़ती है, संभावित खतरा कम होता दिखाई देता है।
क्या यह साबित करता है कि परमाणु संयंत्र कैंसर का कारण हैं?
नहीं। यह बहुत महत्वपूर्ण है। इस अध्ययन से केवल एक संबंध सामने आया है, कारण नहीं। यानी यह नहीं कहा जा सकता कि परमाणु ऊर्जा संयंत्र ही कैंसर का कारण बने।
अध्ययन में सीधे रेडिएशन (विकिरण) को मापा नहीं गया। सभी संयंत्रों को समान प्रभाव वाला माना गया, जबकि वास्तविकता में अलग-अलग संयंत्रों की स्थिति अलग हो सकती है। इसके अलावा, यह डेटा काउंटी स्तर पर था, न कि व्यक्तिगत स्तर पर। इसलिए यह शोध केवल संकेत देता है कि आगे और गहराई से जांच की जरूरत है।
परमाणु ऊर्जा और स्वास्थ्य का सवाल
आज के समय में परमाणु ऊर्जा को स्वच्छ ऊर्जा के रूप में देखा जा रहा है। यह कार्बन उत्सर्जन कम करती है और जलवायु परिवर्तन से लड़ने में मददगार मानी जाती है। लेकिन यदि इसके साथ स्वास्थ्य संबंधी खतरे जुड़े हों, तो उन्हें समझना और कम करना जरूरी है।
यह अध्ययन नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए एक चेतावनी की तरह है कि वे इस विषय पर और विस्तृत शोध करें। खासकर ऐसे अध्ययन जिनमें -
सीधे विकिरण को मापा जाए
लोगों का व्यक्तिगत स्तर पर आंकड़े हो
लंबे समय तक निगरानी की जाए
आगे क्या किया जाना चाहिए?
शोधकर्ताओं का सुझाव है कि भविष्य में और विस्तृत अध्ययन किए जाएं। यदि सच में कोई खतरा है, तो उसे समझना और नियंत्रित करना जरूरी है। सरकार और संबंधित एजेंसियों को नियमित निगरानी और पारदर्शिता बनाए रखनी चाहिए।
साथ ही, लोगों को डराने की बजाय सही जानकारी देना भी जरूरी है। जब तक स्पष्ट प्रमाण न मिलें, तब तक यह कहना उचित नहीं है कि परमाणु संयंत्र सीधे कैंसर का कारण हैं।
अमेरिका में किया गया यह नया अध्ययन एक महत्वपूर्ण संकेत देता है कि परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के पास रहने और कैंसर मृत्यु दर के बीच एक संबंध हो सकता है। हालांकि यह कारण सिद्ध नहीं करता, लेकिन यह विषय गंभीर जांच की मांग करता है।
स्वास्थ्य और ऊर्जा दोनों ही समाज के लिए महत्वपूर्ण हैं। इसलिए हमें संतुलित नजरिया अपनाना चाहिए, न तो बिना प्रमाण के डर फैलाना चाहिए, और न ही संभावित खतरों को नजरअंदाज करना चाहिए।