दुर्घटना जिस सुरंग में हुई। फोटो: प्रकाश अधिकारी 
राजकाज

सिक्किम टनल हादसा: 25 मजदूरों की मौत मामले में एनजीटी का कड़ा रुख, केंद्र और राज्य सरकार से मांगा जवाब

सिक्किम के नामची जिले में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन की निर्माणाधीन सुरंग में 20 जुलाई को यह हादसा हुआ था, जिसमें 25 मजदूरों की मौत हो गई थी।

Susan Chacko, Lalit Maurya

  • नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने दो गंभीर मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित सरकारों और अधिकारियों से जवाब मांगा है।

  • सिक्किम के नामची जिले में एनएचपीसी की निर्माणाधीन तीस्ता स्टेज-VI परियोजना की सुरंग में 20 जुलाई को जहरीली गैस फैलने से 25 मजदूरों की मौत के मामले में ट्रिब्यूनल ने स्वतः संज्ञान लिया।

  • एनजीटी ने केंद्र और सिक्किम सरकार के संबंधित विभागों, सीपीसीबी, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन को पक्षकार बनाकर जवाब तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 3 सितंबर को होगी।

  • वहीं, पंजाब के रूपनगर में अवैध खनन और स्टोन क्रशर के नियमों के उल्लंघन ने भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के 171 स्टोन क्रशरों में केवल 10 नियमों के अनुरूप पाए गए, जबकि 71 नियमों का पालन नहीं कर रहे थे और 55 आंशिक रूप से अनुपालन कर रहे थे।

  • 18 क्रशरों का निरीक्षण अभी बाकी है। एनजीटी ने सभी क्रशरों की जांच, उल्लंघन पर कार्रवाई और जिले में अवैध खनन पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सिक्किम के नामची जिले में नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) की निर्माणाधीन सुरंग में जहरीली गैस की चपेट में आने से 25 मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई थी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने इस हादसे को बेहद गंभीरता से लिया है। ट्रिब्यूनल ने 3 अगस्त 2026 को इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए केंद्र व राज्य सरकार के संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

यह मामला अंग्रेजी अखबार द हिंदू में 22 जुलाई को प्रकाशित एक खबर के आधार पर स्वतः संज्ञान में लिया गया है। यह हादसा गत 20 जुलाई की दोपहर समरडुंग में एनएचपीसी की तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन हेड रेस टनल में हुआ था।

क्या है पूरा मामला

एनएचपीसीद्वारा जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, सुरंग की खुदाई के दौरान चट्टानों में दबी अत्यधिक दबाव वाली मीथेन गैस का अचानक विस्फोटक रिसाव हुआ। इसके चलते पूरी सुरंग में सेकंडों के भीतर घना धुंआ और दम घोंटने वाली जहरीली गैस फैल गई, जिसकी चपेट में आने से 25 श्रमिकों की मौत हो गई।

इस मामले में एनजीटी ने नामची के जिला कलेक्टर, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), सिक्किम राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय को पक्षकार बनाते हुए उनका जवाब मांगा है।

इसके साथ ही एनजीटी की प्रधान पीठ ने मामले को पूर्वी क्षेत्रीय पीठ को स्थानांतरित कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 3 सितंबर 2026 को होगी।

रूपनगर में अवैध खनन पर एनजीटी सख्त, 171 में महज 10 स्टोन क्रशर नियमों के अनुरूप

पंजाब के रूपनगर में अवैध खनन पर रोक लगाने के लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने पंजाब सरकार और संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने 3 अगस्त 2026 को अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जिले में किसी भी तरह का अवैध खनन नहीं होना चाहिए। इस मामले में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने 14 अप्रैल 2026 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी।

रिपोर्ट के अनुसार, रूपनगर जिले में कुल 171 स्टोन क्रशर हैं, लेकिन इनमें से महज 10 ही नियमों के अनुरूप पाए गए। रिपोर्ट से पता चला है कि इनमें से 71 स्टोन क्रशर नियमों का पालन नहीं कर रहे थे, जबकि 55 आंशिक रूप से ही नियमों को पूरा कर रहे थे।

एनजीटी ने जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश

ऐसे में एनजीटी ने कहा कि इन सभी क्रशर की जांच की जानी चाहिए और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में उचित कार्रवाई की जाए। पीपीसीबी के वकील ने ट्रिब्यूनल को जानकारी दी है कि चार स्टोन क्रशर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और उन पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति भी लगाई गई है।

रिपोर्ट में एक और गंभीर कमी सामने आई। कुल 171 स्टोन क्रशर में से 153 का ही निरीक्षण किया गया था, जबकि 18 क्रशर का अभी सत्यापन और निरीक्षण बाकी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने मामले में व्यापक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए एनजीटी से और समय मांगा है।

इसी दौरान आवेदक की ओर से पेश वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि उन्होंने रूपनगर जिले में वर्तमान में जारी अवैध खनन से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी दाखिल की है।

एनजीटी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्टोन क्रशर के खिलाफ कार्रवाई करने की दिशा में आगे बढ़ने को कहा है।