पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव। फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
मौसम

उत्तर में पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम, दक्षिण के पांच से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश के आसार

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ से बारिश-बर्फबारी के आसार, दिल्ली में गिरेगा पारा, प्रदूषण से राहत मिलने के आसार कम,दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी

Dayanidhi

  • पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 10 नवंबर को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी संभव।

  • दिल्ली-एनसीआर में तापमान गिरने के संकेत, अधिकतम 30 और न्यूनतम 17 डिग्री का अनुमान, जबकि प्रदूषण खराब श्रेणी में बने रहने की आशंका।

  • राजस्थान के 12 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका, मौसम विभाग ने सतर्क रहने की सलाह दी।

  • उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, आगरा समेत 16 जिलों में बारिश की संभावना, पश्चिमी यूपी में तापमान सामान्य से पांच डिग्री नीचे।

  • दक्षिण भारत में भारी बारिश का येलो अलर्ट, आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में तेज हवाओं के साथ वज्रपात की आशंका।

देश के मौसम में इन दिनों दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। कहीं बारिश और गरज-चमक का दौर है तो कहीं ठंड धीरे-धीरे अपना असर दिखाने लगी है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के कारण मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, 10 नवंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। इसके चलते उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के द्वारा छह नवंबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण 10 नवंबर को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान तथा मुजफ्फराबाद में बारिश हो सकती है। कुछ हिस्सों पर भारी बारिश की भी आशंका है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

हालांकि आज, छह नवंबर के लिए इन इलाकों में भारी बारिश या बर्फबारी का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हिमाचल प्रदेश में 10 और 11 नवंबर को बारिश के आसार हैं। वहीं, उत्तराखंड में आठ और नौ नवंबर को बारिश हो सकती है। पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरने से ठंड और बढ़ सकती है।

दिल्ली में बादल, गिरते पारे के बीच प्रदूषण की मार

राजधानी दिल्ली व एनसीआर में मौसम का मिजाज फिलहाल नरम बना हुआ है। शुक्रवार, छह नवंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। इस दौरान हवा की रफ्तार करीब 20 किमी प्रति घंटे तक रहने की संभावना है।

दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तापमान में लगातार गिरावट से सुबह और शाम की ठंड महसूस होने लगी है। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता 'खराब' श्रेणी में बने रहने के आसार हैं। यानी मौसम में ठंडक बढ़ने के बावजूद प्रदूषण से राहत मिलने के आसार फिलहाल कम हैं।

राजस्थान में गरज-चमक के साथ बारिश के संकेत

राजस्थान के कई जिलों में मौसम करवट ले सकता है। जयपुर, झुंझुनूं, सीकर, सवाई माधोपुर, चूरू, अजमेर, टोंक, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, धौलपुर और भरतपुर में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की जरूरत है।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश में भी बादलों की आवाजाही के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, अलीगढ़, रायबरेली, हरदोई, अयोध्या, उन्नाव, इटावा, हमीरपुर, अमेठी, आजमगढ़, देवरिया, बलिया और गोरखपुर में बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान सामान्य से माइनस पांच डिग्री सेल्सियस से भी अधिक नीचे दर्ज किया गया है। इससे ठंड का असर बढ़ने लगा है।

दक्षिण भारत में भी बारिश और आंधी का अलर्ट

दक्षिण और पूर्वी भारत में भी मौसम पूरी तरह शांत नहीं है। पूर्वी तेलंगाना और उससे सटे तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण लगातार सक्रिय है। दक्षिण असम और उससे सटे बांग्लादेश के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैला एक अन्य ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। इसके अलावा दक्षिण-पूर्वी अरब सागर में दक्षिण केरल तट से लेकर कर्नाटक तट के पास पूर्व-मध्य अरब सागर तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर पूर्वी हवाओं में बना ट्रफ कायम है।

मौसम विभाग ने आज छह नवंबर, 2026 को तटीय आंध्र प्रदेश, केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। विभाग इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु-पुडुचेरी में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। आज, तटीय कर्नाटक, केरल, माहे, लक्षद्वीप और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी बिजली गिरने का अंदेशा है। आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चल भी सकती हैं।

राजकोट सबसे गर्म, मंडी में सबसे कम तापमान

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पांच नवंबर, 2026 को गुजरात के राजकोट में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, हिमाचल प्रदेश के मंडी में मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से माइनस 5 डिग्री सेल्सियस से अधिक नीचे दर्ज किया गया है।

कुल मिलाकर, नवंबर के दूसरे सप्ताह में मौसम के तेवर और बदलने वाले हैं। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ, दक्षिण भारत में चक्रवाती परिसंचरण और अलग-अलग हिस्सों में बन रहे ट्रफ के कारण बारिश, तेज हवाओं और पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है। लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।