मानसून की वापसी जारी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से अगले दो-तीन दिनों में विदाई संभव।
तटीय कर्नाटक, केरल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश का पूर्वानुमान, येलो अलर्ट भी जारी किया गया।
पूर्वोत्तर राज्यों में कम दबाव के प्रभाव से भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने के आसार।
उत्तर म्यांमार के पास कम दबाव का क्षेत्र कमजोर हुआ, लेकिन संबंधित चक्रवाती परिसंचरण अगले 12 घंटे सक्रिय रहेगा।
उत्तर भारत में मानसून की वापसी के साथ मौसम शुष्क होगा, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश जारी रहेगी।
देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी का दौर जारी है। मौसम विभाग की ओर से एक अक्टूबर, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, मानसून की वापसी की रेखा अब पंजाब के गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, डीसा और नलिया से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों से भी लौटने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, गुजरात और मध्य प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों के अलावा जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड से भी मानसून की विदाई हो सकती है। इसके साथ ही बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों से भी मानसून के लौटने की संभावना है। मानसून की वापसी के साथ उत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में मौसम धीरे-धीरे साफ और शुष्क होने लगेगा।
दक्षिण भारत में भारी बारिश की चेतावनी
मानसून की वापसी के बीच दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में बारिश का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने तटीय कर्नाटक, केरल और माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।
वहीं आज, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
आंध्र और कर्नाटक में भी आंधी-तूफान का असर
तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बिजली चमकने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश के कुछ इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है।
बंगाल की खाड़ी के पास कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर म्यांमार और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बांग्लादेश, मिजोरम तथा पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी के पास अच्छी तरह से बना कम दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ गया है। यह स्थिति एक अक्टूबर की सुबह साढ़े पांच बजे दर्ज की गई। इससे इसके अगले करीब 12 घंटे तक इसी क्षेत्र में बने रहने की संभावना है। इसके कारण पूर्वोत्तर भारत और आसपास के इलाकों में मौसम सक्रिय रह सकता है।
आज, एक अक्टूबर, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय के साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। पूर्वोत्तर के इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक पानी बरस सकता है।
हरियाणा के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय
उत्तर भारत में हरियाणा और आसपास के इलाकों के ऊपर पश्चिमी विक्षोभ भी चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इसका असर आसपास के कुछ इलाकों के मौसम पर पड़ सकता है। वहीं एक और दो अक्टूबर के दौरान उत्तराखंड के अलग-अलग इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है। जबकि उत्तर के बाकी हिस्सों में मौसम के शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा तापमान
देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया। मराठवाड़ा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा रहा। वहीं अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, असम-मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा दर्ज किया गया।
30 सितंबर, 2026 को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के पालायमकोट्टई में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री सेल्सियस हिमाचल प्रदेश के मंडी में रिकॉर्ड किया गया।
पिछले 24 घंटे में यहां हुई बारिश
पिछले 24 घंटे में कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कराईकल में 30 मिमी बारिश हुई। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के बेंगलुरु एचएएल और उत्तर आंतरिक कर्नाटक के गडग में हर जगह 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। तटीय आंध्र प्रदेश के तुनी में भी 20 मिमी बारिश हुई।
लोगों और किसानों के लिए सुझाव
पूर्वोत्तर भारत में बारिश और गरज-चमक की आशंका को देखते हुए लोगों को खराब मौसम में घर के अंदर रहने और पेड़, बिजली के खंभों तथा खुले मैदानों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाली सड़कों पर सावधानी बरतें।
किसान खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें और तैयार फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखें। कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए ढककर रखें। तेज बारिश के दौरान कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव न करें। केले और पपीता जैसी फसलों को तेज हवा से बचाने के लिए सहारा दें। पशुओं को भी खराब मौसम के दौरान खुले मैदान में न रखें।
मानसून की विदाई के साथ बदल रहा मौसम
कुल मिलाकर देश में मौसम अब मानसून की वापसी के चरण में पहुंच गया है। उत्तर और पश्चिम भारत में बारिश का दौर धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है। वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और उसी के अनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बनाने की सलाह दी गई है।